माला दीक्षित, तवांग। पूर्वोत्तर के पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार व कारोबार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में 1,580 कारोबारी बैठकें हुईं।
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में आयोजित मार्ट के दौरान पर्यटन मंत्रियों ने डिजिटल सुविधाओं के विस्तार, कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने और पर्यटकों के लिए परमिट प्रक्रिया आसान बनाने पर चर्चा की। शुक्रवार को पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की बैठक के साथ मार्ट के मुख्य सत्र संपन्न हो गए।
14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का तवांग में सफल आयोजन
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पर्यटन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में ‘देखो अपना देश 2.0’, नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक, लाइव कॉन्सर्ट अर्थव्यवस्था और प्रतिबंधित एवं संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश के लिए आवश्यक परमिट से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का एक प्रमुख हिस्सा संरचित कारोबारी-से-कारोबारी (बी टु बी) बैठकें रहीं। इनके माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को पर्यटन विक्रेताओं के साथ सीधे बातचीत करने का अवसर मिला।
मार्ट के दौरान कुल 1,580 बी टु बी बैठकें हुईं। इन बैठकों से नए पर्यटन यात्रा कार्यक्रम तैयार करने, व्यावसायिक साझेदारियां स्थापित करने और पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन उत्पादों तथा अनुभवों को बढ़ावा देने के अवसर उपलब्ध हुए।

पूर्वोत्तर पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया
नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक के तहत साझा डिजिटल पर्यटन तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य पर्यटन सेवाओं और अनुभवों को ऑनलाइन खोजने तथा उनकी बुकिंग की सुविधा बेहतर करना है।
इससे स्थानीय गाइड, होमस्टे संचालकों और पर्यटन उद्यमियों को बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। वहीं, ‘देखो अपना देश 2.0’ के तहत लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों के अलावा कम चर्चित स्थलों को भी पर्यटन के लिए विकसित करने और बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया।
बैठक में संगीत समारोहों, सांस्कृतिक उत्सवों और अन्य लाइव आयोजनों के जरिए पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। पर्यटन मंत्रियों ने आरएपी और पीएपी परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने, नियमों को स्पष्ट करने और समय पर परमिट जारी करने की जरूरत पर विचार किया। इसमें सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखने पर भी जोर दिया गया।
पूर्वोत्तर में हवाई अड्डों की संख्या 2014 के नौ से बढ़कर 17 हुई
पर्यटन मार्ट में 22 देशों के 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 42 घरेलू खरीदारों तथा 81 विक्रेताओं ने हिस्सा लिया। आयोजकों के मुताबिक, कारोबारी बैठकों के जरिए नए पर्यटन यात्रा कार्यक्रम तैयार करने, व्यावसायिक साझेदारियां बनाने और पूर्वोत्तर के पर्यटन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के अवसर उपलब्ध हुए।
पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला ने तकनीकी सत्र में बताया कि देश में घरेलू पर्यटक यात्राएं 2014 के 1.32 अरब से बढ़कर 2025 में 4.34 अरब हो गईं।
उनके मुताबिक, पर्यटन क्षेत्र 8.9 करोड़ रोजगारों को समर्थन देता है और देश के सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान 5.22 प्रतिशत है। पूर्वोत्तर में हवाई अड्डों की संख्या 2014 के नौ से बढ़कर 17 हो गई है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 10,905 किलोमीटर से बढ़कर 16,207 किलोमीटर हो गया है।
29 अक्टूबर को शुरू हुआ यह मार्ट 13 साल बाद तवांग लौटा है। यहां 2013 में इसका दूसरा संस्करण आयोजित हुआ था। मार्ट में पूर्वोत्तर के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया गया।
