विक्रमजोत विकास क्षेत्र के शंकरपुर गांव में रविवार को दीपोत्सव मनाया गया। लोगों ने घरों, चौपालों और गलियों में मिट्टी के दीये जलाए और इलेक्ट्रिक झालरें लगाईं। लोगों ने घरों को रंग-बिरंगी लाइटों और तोरण द्वारों से सजाया। महिलाओं और बच्चों ने आंगनों में रंगोली बनाई। कुछ रंगोलियों में ‘Happy Diwali’ लिखा था। गांव के लोगों ने इलेक्ट्रिक लाइटों के साथ मिट्टी के दीये भी जलाए। कुम्हारों ने मिट्टी के दीये, कलश, बर्तन और दूसरे सामान तैयार किए। इनकी गांव के घरों और विक्रमजोत बाजार में बिक्री हुई। लोगों ने मिट्टी के दीये खरीदे। गांव की एक महिला कुम्हार चाक पर मिट्टी के दीये बनाती दिखीं। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले मिलकर दिवाली की बधाई दी। बच्चे पटाखे फोड़ते और फुलझड़ी जलाते दिखे। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि मिट्टी के दीयों से दिवाली मनाने पर गांव की मिट्टी की खुशबू आती है।
