श्रावस्ती के अकारा गांव में लोगों ने दीप जलाकर दीपावली मनाई। शाम होते ही घरों, मंदिरों और चौपालों में दीपों की रोशनी दिखाई दी। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर त्योहार की बधाई दी।
ग्रामीणों ने घरों को रंग-बिरंगी झालरों, रंगोली और दीपों से सजाया। मंदिरों में पूजा हुई। गांव के युवाओं ने पटाखे चलाने की जगह दीप जलाए और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि दीपावली का उद्देश्य प्रेम और भाईचारे के साथ खुशियां बांटना है। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि यह त्योहार सच और अच्छाई के रास्ते पर चलने की सीख देता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दीप जलाए थे। इसी मान्यता के चलते दीपावली को अंधकार पर प्रकाश की जीत के रूप में मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा भी की जाती है।
श्रावस्ती के अकारा गांव में दीप जलाकर मनाई दीपावली:घरों, मंदिरों और चौपालों में रोशनी; युवाओं ने पटाखों की जगह दीप जलाए
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