भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने मुंडेरवा गन्ना समिति पर धरना खत्म किया। यह धरना गन्ना मूल्य ब्याज के रिकॉर्ड न मिलने पर था। सचिव रामफल सिंह के 10 दिन में रिकॉर्ड देने के लिखित आश्वासन पर शाम 6:15 बजे प्रदर्शन खत्म हुआ। किसानों ने कोर्ट के आदेश पर गन्ना मूल्य भुगतान में देरी के ब्याज का ब्यौरा मांगा। सचिव ने रिकॉर्ड गायब होने की बात कही, जिससे किसान नाराज हुए। नायब तहसीलदार आकांक्षा श्रीवास्तव को ज्ञापन देने से भी मना किया गया। मुंडेरवा समिति के 618 गांवों के करीब 16 हजार किसानों का 1996 से 2025-26 तक का गन्ना मूल्य ब्याज बकाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर आदेश दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा। पूर्वांचल उपाध्यक्ष मारतेन्द्र प्रताप सिंह की अगुवाई में दोपहर 12 बजे से किसान धरने पर थे। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष रामसिंह, विनोद कुमार राय, परमात्मा प्रसाद चौधरी, जोखन प्रसाद, घनश्याम, गंगा प्रसाद और फूलचंद्र चौधरी समेत कई किसान मौजूद रहे।
गन्ना समिति रिकॉर्ड न मिलने पर किसानों का धरना खत्म:बस्ती में 10 दिन में ब्यौरा देने के लिखित आश्वासन पर भाकियू ने समाप्त किया प्रदर्शन
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