
नवाबगंज कस्बे में शुक्रवार रात आठ बजे 12 रबी उल अव्वल का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस रामनगर सेमरा नानपारा नवाबगंज क्षेत्र में आयोजित किया गया। इस अवसर पर एक जलसे का भी आयोजन हुआ। पैगंबर मुहम्मद साहब के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह जुलूस छावनी चौराहा से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरा। इस दौरान ‘नारे तकबीर नारे रिसालत’, ‘आका की आमद मरहबा’, और ‘पत्ती पत्ती फूल फूल या रसूल’ जैसे नारे लगाए गए। जुलूस के समापन के बाद छावनी चौराहा पर ‘महफिल मीलाद-उन-नबी’ का आयोजन किया गया। इसमें पैगंबर मुहम्मद साहब के जीवन पर प्रकाश डाला गया। जलसे को संबोधित करते हुए मुफ्ती अब्दुल मतीन खान-कादरी ने कहा कि अल्लाह-तआला ने सबसे पहले नबी के नूर को पैदा फरमाया और उन्हें सारी दुनिया के लिए रहमत बनाकर भेजा। उन्होंने जोर दिया कि नबी का व्यक्तित्व पूरी दुनिया के लिए रहमत है। हजरत मौलाना राहत अली, हजरत मौलाना मेराज, मौलाना इश्तियाक और मौलाना रमजान ने भी पैगंबर मुहम्मद सल्ललहु तआला अलैहि वसल्लम के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने दुनिया भर के मुसलमानों को उनके नक्शे कदम पर चलने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में अब्दुल मन्नान, पूर्व जिला पंचायत हाजी लुत्फुर रहमान अंसारी, हाजी मुस्कान, शरीफ शाह, साबिर शाह, नसीम शाह, अकील अहमद सिद्दीकी सहित कई लोग और पुलिस बल मौजूद रहा।



























