Home लेटेस्ट न्यूज़ गन्ना किसानों के लिए नई आपूर्ति नीति:महिला, दिव्यांग और छोटे किसानों को...

गन्ना किसानों के लिए नई आपूर्ति नीति:महिला, दिव्यांग और छोटे किसानों को प्राथमिकता, बलरामपुर में पर्ची पर 20% ज्यादा तौल की सुविधा

0
0


उत्तर प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2026-27 के लिए नई गन्ना आपूर्ति एवं कैलेंडरिंग नीति जारी की है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था को किसान हितैषी बनाया गया है। इसमें लघु एवं अति लघु किसानों के साथ महिला, दिव्यांग और आधुनिक तकनीक अपनाने वाले किसानों को आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। पर्ची जारी होने से लेकर गन्ने की तौल और आपूर्ति तक कई बदलाव किए गए हैं। नई नीति में लघु महिला गन्ना किसानों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। अधिकतम दो पर्चियों वाले ऐसे किसानों को पहले पक्ष में पेड़ी और सातवें पक्ष में पौधा गन्ने की आपूर्ति की सुविधा मिलेगी। पहली बार दिव्यांग लघु गन्ना किसानों के लिए भी अलग प्रावधान किया गया है। ट्रेंच प्लांटिंग और हार्वेस्टर से कटाई को बढ़ावा आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए ट्रेंच प्लांटिंग अपनाने वाले किसानों को गन्ना आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। केन हार्वेस्टर से कटाई कराने के इच्छुक किसानों के लिए हार्वेस्टर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को उनकी पसंद के हार्वेस्टर मोड के अनुसार पर्चियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। 90 क्विंटल तक गन्ना रखने वाले किसान लघु श्रेणी में नई नीति में लघु किसानों की परिभाषा में भी बदलाव किया गया है। अब 90 क्विंटल तक गन्ना रखने वाले किसान लघु गन्ना किसान की श्रेणी में आएंगे। ऐसे किसानों को पहले के 9 के बजाय 10 पर्चियों के बराबर सुविधा मिलेगी। पेड़ी या शरदकालीन पौधा गन्ना रखने वाले किसानों को चौथे पक्ष से अतिरिक्त सट्टा पर्चियां देने का भी प्रावधान किया गया है। पर्ची पर निर्धारित वजन से 20% ज्यादा तौल किसानों को राहत देने के लिए पर्ची पर निर्धारित वजन से 20 प्रतिशत तक अधिक गन्ना तौलने की अनुमति दी गई है। इससे खेत में उपलब्ध गन्ने की तौल और आपूर्ति के दौरान किसानों को अतिरिक्त सुविधा मिल सकेगी। नई व्यवस्था में सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके विधिक उत्तराधिकारियों को गन्ना आपूर्ति में 20 प्रतिशत प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। ई-गन्ना एप पर मिलेगी पूरी जानकारी गन्ना सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, बेसिक सट्टा, कैलेंडरिंग, पर्ची निर्गमन और गन्ना आपूर्ति से संबंधित जानकारी किसानों को SGK पोर्टल और ‘ई-गन्ना एप’ पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी। प्रत्येक समिति क्षेत्र में शिकायत अधिकारी नामित किए जाएंगे। किसान गन्ना आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें 24 घंटे सातों दिन टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर दर्ज करा सकेंगे। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने किसानों से नई नीति में दी गई सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नीति की जानकारी किसानों तक व्यापक स्तर पर पहुंचाने और गन्ना आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here