
बस्ती RTO में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामले में एफआईआर के बाद अब जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। परिवहन विभाग की जांच में 1017 ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी पाए जाने की बात सामने आई है। विभाग अब इन लाइसेंस धारकों को ट्रैक कर नोटिस भेजने की तैयारी में है। जांच पूरी होने के बाद सभी संबंधित लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इतनी बड़ी संख्या में फर्जी लाइसेंस मिलने से परिवहन महकमे में खलबली मची है। गुरुवार को 3.49 बजे भास्कर टीम ITI स्थित मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट पहुंची तो वहां सन्नाटा पसरा मिला। एआरटीओ माला बाजपेई अपने कक्ष में मौजूद नहीं थीं। कर्मचारियों से पूछने पर बताया गया कि वह प्रधान कार्यालय में होंगी और सुबह कार्यालय आई थीं। प्रकरण को लेकर संस्थान में कार्यरत एक बाबू ने फोन पर भास्कर टीम की बात एआरटीओ माला बाजपेई से कराई। जब उनसे एफआईआर में नामजद चारों कार्मिकों के बारे में पूछा गया कि इस समय वे कहां हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि पंकज यादव को निलंबित किया जा चुका है। चारों कार्मिक आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्यरत थे। तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई एआरटीओ ने बताया कि विभागीय जांच में 1017 ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी मिले हैं। इन सभी लाइसेंस धारकों को ट्रैक किया जा रहा है और उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बाद नियमानुसार लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। उधर, कोतवाली इंस्पेक्टर बृजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
































