भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित 'श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आख्यान पर्व' के दौरान श्रद्धालुओं और नागरिकों को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के पावन नाम से है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने विपरीत और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, संयम और मुस्कुराते हुए मार्ग निकालने की प्रेरणा पूरी मानव जाति को दी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लड्डू गोपाल का विधिवत पूजन-अर्चन कर मटकी फोड़ी और नौनिहालों को माखन खिलाकर दुलार किया।
सांदीपनि आश्रम, सुदर्शन चक्र और गुरुदक्षिणा का ऐतिहासिक प्रसंग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम के ऐतिहासिक महत्व और शिक्षा पद्धति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महर्षि सांदीपनि के आश्रम में ही भगवान श्रीकृष्ण ने 64 कलाएं और 14 विद्याएं सीखीं, जहाँ सुदामा जी के साथ उनकी निष्काम मित्रता का प्रसंग आज भी प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि गुरु सांदीपनि के पुत्र को बंधक बनाने वाले आक्रांताओं से मुक्त कराने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने जानापाव जाकर भगवान परशुराम से 'सुदर्शन चक्र' प्राप्त किया था। मथुरा युद्ध और गुरु पुत्र को सकुशल वापस लाकर दी गई गुरुदक्षिणा के बाद समुद्र से मिला 'पांचजन्य शंख' और सुदर्शन चक्र भगवान श्रीकृष्ण के चतुर्भुज रूप की अमर शोभा बने।
श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थल बन रहे भव्य तीर्थ
प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुद्धार की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया।
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श्रीकृष्ण पाथेय योजना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी पवित्र स्थलों को भव्य तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। 'श्रीकृष्ण पाथेय' परियोजना के तहत उज्जैन के सांदीपनि आश्रम, महिदपुर और जानापाव को विकसित किया जा रहा है।
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चित्रकूट धाम का विकास: संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट धाम को भी व्यापक भव्यता के साथ संवारा जा रहा है।
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सांस्कृतिक वैभव की पुनर्स्थापना: राज्य सरकार ने सनातन संस्कृति के गौरवशाली इतिहास से जन-जन को जोड़ने के लिए सभी प्रमुख त्योहारों को व्यापक स्तर पर मनाने की शुरुआत की है।
वैश्विक युद्ध संकट के बीच 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की आर्थिक मजबूती और अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज भारत विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि जहाँ दुनिया के कई देश इस समय युद्ध के संकट और आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की शानदार विकास दर (Growth Rate) से आगे बढ़ रही है। इस आर्थिक वृद्धि के मामले में भारत ने अमेरिका, चीन और जापान जैसे बड़े विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।
मयूर नृत्य, मलखंभ के करतब और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
श्रीकृष्ण आख्यान पर्व के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन लीला, कंस वध और गीता उपदेश पर आधारित मनमोहक नृत्य नाटिकाओं का मंचन किया गया। जबलपुर के श्री जुगलकिशोर नामदेव और उनके साथियों ने मयूर नृत्य तथा सुमधुर भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिमय हो गया। वहीं उज्जैन से आए खिलाड़ियों ने भारत सिंह पालीवाल के निर्देशन में मलखंभ के साहसिक और अद्भुत करतब दिखाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस भव्य समारोह में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, भोपाल महापौर मालती राय और मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी सहित अनेक संत और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
































