मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर कान्हा की नगरी मथुरा में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री के परिसर में प्रवेश करते ही पूरा वातावरण जय श्रीकृष्ण और राधे-राधे के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
गोप पूजन और भागवत भवन में दर्शन: देशवासियों के लिए मांगी खुशहाली
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में लगभग 30 मिनट का समय बिताया और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
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गोप पूजन से शुरुआत: जन्मस्थान पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने सबसे पहले परंपरा के अनुसार गोप पूजन किया।
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सुख-समृद्धि की कामना: इसके बाद वे भागवत भवन पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की प्रार्थना की।
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श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा: जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में मौजूद अपार जनसैलाब के प्रति मुख्यमंत्री ने आत्मीयता जताई और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उन्हें जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
‘अनेक आक्रमणों के बाद भी कोई सनातन आस्था को डिगा नहीं सका’ – सीएम योगी
मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर पर अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति और परंपराओं को कमजोर करने के लिए आक्रांताओं ने कई बार प्रयास किए, लेकिन जन-जन की आस्था और विश्वास को कोई डिगा नहीं सका। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा से पूरे विश्व को सनातन संस्कृति, अटूट आस्था और आध्यात्मिक शक्ति का पावन संदेश मिलता है।
सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम और प्रशासनिक चौकसी
मुख्यमंत्री के मथुरा आगमन और जन्माष्टमी के पर्व पर जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर और उसकी ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर निगरानी की।












