गोरखपुर: क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम पर कर्मचारियों की भविष्य निधि (PF) और विद्युत देयकों का कुल 7 करोड़ 79 लाख 55 हजार 935 रुपये बकाया होने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपश्रमायुक्त और विद्युत निगम द्वारा पूर्व में जारी आरसी (Recovery Certificate) पर कोई धनराशि जमा न कराए जाने के बाद तहसीलदार सदर ने संपत्ति नीलामी का आदेश जारी किया है। आगामी 7 सितंबर को राहुल नगर मड़िया और सेठवल स्थित आश्रम की भूमि की बोली लगाई जाएगी।
कर्मचारियों के पीएफ में घपले का आरोप
कभी खादी निर्माण और जन-सामान्य की आजीविका का मुख्य आधार रहे गांधी आश्रम धीरे-धीरे अव्यवस्था की भेंट चढ़ गए। आरोप है कि आश्रम के पूर्व जिम्मेदार अधिकारियों ने कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में कटौती की गई राशि जमा नहीं कराई। लगभग 8 करोड़ रुपये के इस वित्तीय घपले का खुलासा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के समय हुआ।
जून 2022 में भी तत्कालीन नायब तहसीलदार ने नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी, किंतु भूमि का कम मूल्यांकन किए जाने का विरोध करते हुए कर्मचारियों ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी, जिसके बाद प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। अब पुनः नए सिरे से नीलामी की विज्ञप्ति जारी की गई है।
नीलामी हेतु मूल्यांकित भूमि का ब्योरा
| संपत्ति का स्थान | गाटा संख्या | कुल रकबा | नीलाम होने वाला हिस्सा | मूल्यांकित धनराशि |
| राहुल नगर मड़िया | 572 | 0.132 हेक्टेयर | 0.088 हेक्टेयर | ₹1,72,48,000 |
| सेठवल | 539 | 3.049 हेक्टेयर | 0.108 हेक्टेयर | ₹1,47,60,000 |
सर्किल रेट और बाजार मूल्य को लेकर उठे सवाल
जिले में भू-खंडों के बाजार मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। शहर के बाहरी और मुख्य मार्ग के समीपवर्ती क्षेत्रों में भूमि की दरें 50 से 60 लाख रुपये प्रति बिस्वा तक पहुंच गई हैं। ऐसे में शहर के प्रमुख और घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित गांधी आश्रम की बेशकीमती भूमि का न्यूनतम मूल्य प्रशासन द्वारा मात्र 25 लाख रुपये प्रति बिस्वा तय किए जाने पर कर्मचारियों व स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में नए पदस्थ तहसीलदार सदर ने बताया कि गांधी आश्रम की भूमि नीलामी के आदेश की प्रति प्राप्त हुई है। सर्किल रेट और मूल्यांकन संबंधी विषयों की प्रशासनिक समीक्षा की जा रही है।
































