
घुघली ब्लॉक के गंगराई स्थित एमजीएम इंटर कॉलेज में शिक्षक दिवस पर एक कार्यक्रम और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन को याद किया गया और शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रबंधक मोहम्मद अफसर अली ने की। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया और दीप जलाया। छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए मोहम्मद अफसर अली ने कहा कि दुनिया में शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता कहा गया है। गुरु रूपी इन्हीं शिक्षकों को सम्मान देने के लिए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि पहले गुरुकुल परंपरा में गुरु जीवन की व्यावहारिक शिक्षा देते थे। आज के समय में शिक्षक वही अहम काम कर रहे हैं। वे छात्रों के सच्चे मार्गदर्शक बनकर उन्हें स्कूल से लेकर कॉलेज तक ऐसी शिक्षा देते हैं, जो उन्हें जीवन में सफलता दिलाती है। अफसर अली ने यह भी कहा कि भले ही आज शिक्षा पाने के लिए कई तकनीकी साधन उपलब्ध हैं, लेकिन एक अच्छे शिक्षक की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। असमीरून निशा ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह एक अच्छा शिल्पकार पत्थर को तराशकर सुंदर रूप दे सकता है, वही भूमिका एक शिक्षक निभाता है। इसीलिए शिक्षक को समाज का असली शिल्पकार भी कहा जाता है।
































