
बलरामपुर के हरैया सतघरवा स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय शिवपुरा खुद बदहाल है। इसका मूल भवन इतना जर्जर हो चुका है कि यह कभी भी गिर सकता है। इस कारण पशुओं का ठीक से इलाज नहीं हो पा रहा है, जिससे पशुपालक परेशान हैं। अस्पताल का उत्तरी छोर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। परिसर में भी गंदगी फैली हुई है। भवन की छत में दरारें पड़ गई हैं और प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। हल्की बारिश में भी भवन से पानी टपकने लगता है। अस्पताल में फिनायल और पशुओं की जीवन रक्षक दवाओं की भारी कमी है। इस बदहाली के चलते पशुपालकों ने यहां इलाज कराना बंद कर दिया है। हाल ही में, प्लास्टर गिरने से पशुपालक नान बाबू को चोट भी लग गई थी। मनीष, राम भवन, कधई, छोटकउ और जोखू जैसे स्थानीय लोगों ने बताया कि वे बीमार गाय के लिए दवा लेने आए थे, लेकिन अस्पताल में एलबेंडाजोल टैबलेट के अलावा कोई दवा नहीं मिली। फिनायल की सप्लाई भी कई महीनों से नहीं हुई है, जिससे बेसहारा पशुओं के इलाज में परेशानी हो रही है। अस्पताल में जहरीले सांप भी रहते हैं। तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अनुरुद्ध सिंह ने बताया कि शिवपुरा पशु अस्पताल में फार्मासिस्ट और लिपिक की तैनाती कई सालों से नहीं हुई है, जिससे यह सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। उन्होंने बताया कि दवाओं की सप्लाई के लिए विभाग को जानकारी दी गई है और भवन को इस्तेमाल के लायक नहीं घोषित कर दिया गया है।































