
नगर पंचायत नगर बाजार में बंदरों का आतंक बढ़ गया है, जिससे स्थानीय निवासी परेशान हैं। 25 से 30 बंदरों का झुंड अक्सर मोहल्लों में घुसकर घरों की छतों पर डेरा डाल देता है। इस उत्पात से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सता रही है। नगरवासियों के अनुसार, ये बंदर छतों पर रखी पानी की टंकियों के ढक्कन तोड़ देते हैं। कई बार पानी की आपूर्ति से जुड़े पाइपों को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे घरों में पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके अतिरिक्त, वे छतों पर रखे अन्य सामान को भी इधर-उधर फेंक देते हैं, जिससे अचानक भय का माहौल बन जाता है। नगर निवासी शंभू, बबलू, विनोद और खेतू ने बताया कि बंदर आए दिन उनके घरों की छतों पर बैठे रहते हैं। डर के कारण परिवार के सदस्य उन्हें भगाने के लिए छत पर जाने से भी कतराते हैं। लोगों को छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सबसे अधिक चिंता है, क्योंकि उन्हें डर है कि यदि बंदरों ने किसी बच्चे को काट लिया तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि बंदरों को पकड़ने के लिए एक अभियान चलाया जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि नगरवासियों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके। नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते बंदरों के इस आतंक पर रोक नहीं लगाई गई, तो किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।



























