हर्रैया तहसील क्षेत्र में देर रात से बूंदाबांदी हो रही है और हल्की ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम बदलने से खेतों में पककर तैयार धान की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। कटाई के समय बारिश और हवा से फसल खराब होने का डर है।
कई किसान धान की कटाई की तैयारी कर रहे हैं। किसानों शिव शंकर शुक्ला, रमेश तिवारी और विनय प्रजापति का कहना है कि तेज हवा से खेतों में खड़ी पकी फसल गिर सकती है। इससे कटाई में परेशानी होगी। बारिश से धान के दाने भीग सकते हैं और उपज में नमी बढ़ सकती है।
खेतों में नमी बढ़ने से कटाई और मड़ाई में दिक्कत आ सकती है। मशीनों से फसल काटना भी मुश्किल हो सकता है। जिन किसानों ने धान काटकर खेतों में रखा है, उन्हें फसल भीगने और खराब होने की चिंता है। मौसम लंबे समय तक खराब रहा तो किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। चक्रवाती तूफान के संभावित असर को लेकर भी चर्चा है।
किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि धान काटकर उपज को सुरक्षित जगह पहुंचा सकें। उनका कहना है कि फसल तैयार होने के समय खराब मौसम से महीनों की मेहनत पर असर पड़ सकता है।
सौरभ गुप्ता, दीपक मिश्रा, विजय चौधरी, हरिओम मिश्रा, सतीश चौधरी, लालू यादव और कुलदीप प्रजापति समेत कई किसानों ने नाराजगी जताई।
हर्रैया में बूंदाबांदी से धान की कटाई पर चिंता:किसानों को फसल भीगने और तेज हवा से गिरने का डर
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