रावलपिंडी। पाकिस्तान की सेना ने अपने फतेह-2 मिसाइल सिस्टम के एक्सटेंडेड रेंज (ER) वर्जन का सफल परीक्षण करने का दावा किया है।
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक, मंगलवार को किए गए इस परीक्षण का उद्देश्य लंबी दूरी पर स्थित लक्ष्यों को अधिक सटीकता से निशाना बनाने की क्षमता को प्रदर्शित करना था।
अंतरराष्ट्रीय पाकिस्तानी मीडिया जिओ न्यूज तथा उर्दू टेलीविज़न चैनल दुनिया न्यूज ने आईएसपीआर के हवाले से बताया कि, फतेह-2 ईआर मिसाइल सिस्टम को आधुनिक नेविगेशन तकनीक और अत्याधुनिक एवियोनिक्स से लैस किया गया है।
सेना का दावा है कि इसकी बेहतर सटीकता और उड़ान के दौरान रास्ता बदलने की क्षमता इसे दुश्मन के मिसाइल डिफेंस सिस्टम के खिलाफ अधिक प्रभावी बना सकती है।
पाकिस्तानी सेना के बयान के अनुसार, फतेह-2 के विस्तारित रेंज वाले संस्करण से सेना की दूर स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता में इजाफा होने की उम्मीद है। इसकी उन्नत तकनीक और बेहतर नियंत्रण प्रणाली को सटीक हमले के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।
हालांकि, आईएसपीआर ने परीक्षण के दौरान तय की गई वास्तविक दूरी, मिसाइल की अधिकतम रेंज, गति और अन्य तकनीकी क्षमताओं के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। साथ ही, बयान में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि इस मिसाइल सिस्टम को सेना में कब तक पूरी तरह शामिल किया जाएगा।
इस परीक्षण के दौरान आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (एआरएफसी) के कमांडर, पाकिस्तान सेना के वरिष्ठ अधिकारी और मिसाइल सिस्टम के विकास से जुड़े वैज्ञानिक एवं इंजीनियर मौजूद रहे।
आईएसपीआर के मुताबिक, सफल परीक्षण के बाद एआरएफसी कमांडर ने इस हथियार प्रणाली के विकास में शामिल वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के समर्पण तथा तकनीकी विशेषज्ञता की सराहना की।
वहीं, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख एवं चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने भी सफल परीक्षण पर वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी।
गाैरतलब है कि, फतेह-2 ईआर का परीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब पाकिस्तान ने बीते 6 अक्टूबर काे अपनी स्वदेशी फतेह-4 ग्राउंड-लॉन्च क्रूज मिसाइल के विस्तारित रेंज वाले संस्करण के सफल परीक्षण की जानकारी दी थी जिसकी रेंज 750 किलोमीटर से ज़्यादा दिखाई गई है।
आईएसपीआर के अनुसार, फतेह-4 में भी उन्नत एवियोनिक्स और आधुनिक नेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस मिसाइल को लंबी दूरी पर मौजूद लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026























