कोलकाता। पश्चिम बंगाल की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों, रेजीनगर और नंदीग्राम पर होने वाले आगामी उपचुनावों का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इन सीटों के लिए भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जिससे चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
भाजपा ने इन्हें बनाया उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रेजीनगर विधानसभा सीट से शाखारव सरकार और नंदीग्राम सीट से हासिरानी रथ को चुनावी मैदान में उतारा है। नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाई गईं हासिरानी रथ, शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) रहे दिवंगत चंद्रनाथ रथ की माता हैं।
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड का बैकग्राउंड
गत 6 मई की रात को 24 परगना जिले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने चार राउंड फायरिंग की थी, जिसमें से तीन गोलियां चंद्रनाथ के सिर में लगी थीं।
मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदपुर के रहने वाले 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ ने अपनी स्कूली शिक्षा रहरा रामकृष्ण मिशन से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना में लगभग बीस साल तक अपनी सेवाएं दीं। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उनका झुकाव अध्यात्म की ओर भी रहा था।
टीएमसी के बागी गुट ने उतारे उम्मीदवार
ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट ने भी सोमवार को अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया। टीएमसी ने नंदीग्राम सीट से मोहम्मद एतेशामुल हक और मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट से सफीउद्दीन शेख को टिकट दिया है।
ममता बनर्जी के फैसले का असर
दिलचस्प बात यह है कि बागी गुट ने पहले घोषणा की थी कि यदि ममता बनर्जी नंदीग्राम से खुद चुनाव लड़ती हैं, तो वे इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। हालांकि, ममता बनर्जी के इस सीट से चुनाव न लड़ने के निर्णय के बाद बागी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को मैदान में उतारने का अंतिम फैसला लिया। इन दोनों सीटों के उपचुनाव 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी में पड़ी फूट और बागी गुट के लिए अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का पहला बड़ा अवसर बन गए हैं।





















