भोपाल। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी एक पार्टी कार्यक्रम में शामिल होने भोपाल पहुंचे। सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में आयोजित कार्यक्रम से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) का कड़ा विरोध किया।
समान नागरिक संहिता (UCC) पर असदुद्दीन ओवैसी के बयान
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धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान: ओवैसी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के अनुच्छेद १४, २५, २६ और २९ नागरिकों को समानता और अपने धर्म का पालन करने का पूर्ण अधिकार देते हैं।
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एनडीए के सहयोगियों से अपील: उन्होंने भाजपा के सहयोगी दलों (जैसे टीडीपी, जेडीयू, चिराग पासवान और जयंत चौधरी आदि) से कहा कि यदि उनके भाजपा से वैचारिक मतभेद हैं, तो उन्हें यूसीसी का खुलकर विरोध करना चाहिए।
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गैर-हिंदुओं पर कानून थोपने का आरोप: ओवैसी ने आरोप लगाया कि यूसीसी के जरिए गैर-हिंदुओं पर हिंदू उत्तराधिकार, विवाह और दत्तक ग्रहण से जुड़े कानून लागू करने की कोशिश की जा रही है, जो धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है।
मध्य प्रदेश में यूसीसी की स्थिति
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मध्य प्रदेश विधानसभा से इक्कीस जुलाई को पारित समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है।
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राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद ही इसके प्रावधान प्रदेश में प्रभावी होंगे, जिसके पश्चात विधि एवं विधायी विभाग द्वारा राजपत्र में अधिसूचना जारी की जाएगी।
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इस कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों के लिए समान व्यवस्था का प्रावधान है, जिसमें एक से अधिक विवाह पर रोक तथा विवाह और लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीयन शामिल है। हालांकि, अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।



















