डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस बार छह नवंबर को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भारतीय परिवार सोने के आभूषण खरीदना शुभ मानते हैं और यह एक परंपरा भी है। इस समय सोने का भाव करीब 1.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है।
ऐसे में ऊंची कीमतों के कारण शुद्धता में थोड़ा सा अंतर भी खरीदारों के लिए बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। यदि आप भी थोड़ी सी सतर्कता बरतें तो इस नुकसान से बचा जा सकता है।
ऐसे करें जांच
आप सोने का जो भी आभूषण खरीद रहे हैं, उस पर सबसे पहले भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का हॉलमार्क देखें। यह सोने की शुद्धता को प्रमाणित करता है। हॉलमार्क वाले सोने के गहनों पर तीन अनिवार्य निशान होते हैं।
इसमें बीआईएस का लोगो, कैरेट व सोने की शुद्धता और छह अक्षरों वाला हालमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) कोड शामिल है। उदाहरण के लिए, 22 कैरेट सोने पर 22K916 लिखा होता है। इसका मतलब यह है कि 91.6 प्रतिशत सोना है। इसी तरह, 18 कैरेट सोने पर 18K750 लिखा होता है। इसका मतलब है कि इसमें 75 प्रतिशत सोना है।
शुद्धता के आधार पर होती है कीमत
ऐसे आभूषणों की कीमत काफी हद तक उसमें मौजूद सोने की मात्रा पर निर्भर करती है। अगर वजन समान है फिर भी 22 कैरेट और 18 कैरेट के गहनों की कीमत सोने के समान भाव पर नहीं लगाई जानी चाहिए।
बीआईएस के अनुसार, पंजीकृत ज्वेलर के लिए दुकान में अपना पंजीकरण प्रणाणपत्र लगाना जरूरी है। साथ ही, उन्हें ग्राहकों की मदद के लिए कम से कम 10 गुना क्षमता वाला मैग्निफाइंग ग्लास भी रखना चाहिए, ताकि ग्राहक हॉलमार्क को आसानी से देख सकें।
बीआईएस केयर एप पर ऐसें जांचें
सोने के हर आभूषण पर छह अक्षरों और अंकों वाला एक एचयूआईडी कोड अनिवार्य है। ग्राहक आधिकारिक बीआईएस केयर मोबाइल एप पर इस कोड के जरिये खरीदे जाने वाले आभूषण की शुद्धता की जांच कर सकते हैं।
इस एचयूआईडी कोड में आभूषण की शुद्धता और हालमार्किंग की पूरी जानकारी होती है। यदि एप और आभूषण पर मौजूद जानकारी का मिलान नहीं होता है तो इस बारे में ज्वेलर से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। यदि ज्वेलरी जोड़े में बेची जाती है जैसे झुमक या कुंडल (इयररिंग्स) तो उसके हर हिस्से पर अलग-अलग हालमार्क और एचयूआइडी होना चाहिए।
