डिजिटल डेस्क, तिरुपति । आंध्र प्रदेश के रपताडू स्थित जिला परिषद सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा की दो छात्राओं पर चेन-सॉ (आरी) से हमला करने वाले आरोपी हेमंत का दाहिना पैर काटना पड़ सकता है।
दरअसल, पुलिस ने रविवार शाम को आत्माकुर वन क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसे गोली लग गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल की अधीक्षक डॉ. डी. मल्लेश्वरी के अनुसार, गोली की चोट के कारण पैर में रक्त संचार बाधित हो गया है और ऊतक तेजी से खराब हो रहे हैं, जिसके चलते घुटने तक पैर काटने की नौबत आ सकती है।
दोनों पैरों के शुरुआती एक्स-रे में कोई गोली फंसी हुई नहीं दिखी। हालांकि, कुछ और एक्स-रे और विशेष स्कैन सहित आगे के टेस्ट किए जा रहे हैं। सर्जरी के लिए उनकी फिटनेस का आकलन करने के लिए एक एनेस्थेटिस्ट भी उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों और जनरल सर्जनों की एक टीम ऑपरेशन थिएटर में यह देखेगी कि रक्त वाहिकाओं (vascular damage) को कितना नुकसान पहुँचा है, जिसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि दाहिने पैर का हिस्ला काटना है या नहीं।
क्या है मामला?
आरोप है कि शनिवार सुबह रापताडू के जिला परिषद सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों पर चेन-सॉ (आरी) से हुए हमले में हेमंत शामिल था। गंभीर रूप से घायल लड़कियों में से एक को बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने जटिल ऑर्थोपेडिक और प्लास्टिक सर्जरी की। वह अब ठीक हो रही है।
पुलिस ने छह राउंड की फायरिंग
हमले के बाद आरोपी हेमंत भाग गया था। रविवार शाम को उसकी तलाश कर रही पुलिस की विशेष टीमों ने उसे आत्माकुर वन क्षेत्र के पास ढूंढ निकाला। पुलिस ने बताया कि आमना-सामना होने पर जब उसने इंस्पेक्टर वेंकटेश्वरुलु पर हमला करने की कोशिश की, तो पुलिस टीमों ने छह राउंड फायरिंग की।
