बस्ती में राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय गौरव को समर्पित ‘सरदार पटेल संदेश यात्रा’ का आयोजन बड़े ही भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। विनय चौधरी और बृजेश पटेल के नेतृत्व में निकाली गई यह यात्रा दोपहर 12:00 बजे शुरू हुई। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग देश भक्ति के नारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से जीवंत हो उठा। भव्य झांकी और घुड़सवारों का आकर्षण संदेश यात्रा का दृश्य अत्यंत भव्य और मनमोहक था। यात्रा की अगवानी सबसे आगे चल रहे घुड़सवार कर रहे थे, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। उनके पीछे सजाया गया एक रथ चल रहा था, जिस पर प्रमुख लोग सवार थे। वातावरण को खुशनुमा और उल्लासपूर्ण बनाने के लिए भांगड़ा दल द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई, जिसकी ताल पर युवा थिरकते नज़र आए। पैदल यात्रियों का हुजूम और वाहनों का लंबा काफिला रथ के ठीक पीछे सैकड़ों की संख्या में लोग ‘जय सरदार’ के उद्घोष के साथ पदयात्रा कर रहे थे। हाथों में तिरंगा लिए जनसमूह का उत्साह देखने लायक था। इस विशाल पदयात्रा के पीछे गाड़ियों और लंबे वाहनों का एक बड़ा काफिला चल रहा था, जिसने यात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया। इन प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा यह संदेश यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। जीआईसी ग्राउंड से शुरू होकर पदयात्रा गांधीनगर, कंपनी बाग और शास्त्री चौक होते हुए गुजरी। अमहट घाट पर हुआ समापन विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए यह यात्रा अंततः ‘सरदार पटेल स्मारक स्थल’ अमहट घाट पहुंचकर संपन्न हुई। अमहट घाट पहुंचने पर उपस्थित जनसमूह ने लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। नेताओं और आयोजकों ने सरदार पटेल के विचारों, उनकी लौह इच्छाशक्ति और राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने के योगदान को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया, इस दौरान महादेव विधायक दूध राम सहित अन्य राजनीतिक दल व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे l
बस्ती में सरदार पटेल संदेश यात्रा निकाली गई:वाहनों के काफिले के साथ यात्रा जीआईसी ग्राउंड से अमहट घाट पहुंची
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