
हरैया सतघरवा: तराई क्षेत्र में पहाड़ी नालों में उफान आने से कटान तेज हो गया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण खरझार, कचनी, धोबैनिया, जमधरा जैसे प्रमुख नाले विकराल रूप धारण कर चुके हैं। इससे महराजगंज तराई के लगभग 100 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है और किसानों की चिंता बढ़ गई है। तराई क्षेत्र में खरझार, कचनी, धोबैनिया, जमधरा, खैरहनिया, हेंग्हा और गौरिया जैसे कई पहाड़ी नाले हैं। पहाड़ों पर वर्षा होते ही ये नाले उफना जाते हैं और इनका पानी तराई के इलाकों में बाढ़ का कारण बनता है। ये सभी पहाड़ी नाले महराजगंज तराई के आगे जाकर राप्ती नदी में मिल जाते हैं। टेढ़ीप्रास गांव के पश्चिम और राप्ती मुख्य नहर के उत्तर में खरझार में तीन पहाड़ी नालों का संगम है, जो बरसात में विकराल रूप ले लेता है। बाढ़ के कारण लगभग 100 गांव पानी से घिर जाते हैं, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो जाता है। ग्रामीणों को तैरकर या ट्रैक्टर पर बैठकर डिप पार करना पड़ता है। हर्रैया क्षेत्र में जमधरा, खैरहनिया और धोबैनिया पहाड़ी नाले भारी तबाही मचाते हैं। शंकरपुर, पचपेड़वा, गोड़टुटवा धामपुर, कटकुइंया, हज्जीपुरवा, कमदा, रघुवंशपुरवा, बलिदानडीह, टेढ़ीप्रास, चिरौंजीपुर, मझरेटी, छिटनडीह और उदईपुर खैरहनिया जैसे कई गांव कटान की जद में हैं। कुछ ढालदार गांवों में कई दिनों तक पानी का ठहराव बना रहता है, जिससे धान की नर्सरी तबाह हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी के ठहराव से धान की फसल गल जाती है और गन्ने में अधिक पानी जमा होने पर फसल पीली पड़ जाती है। इससे गन्ने की वृद्धि रुक जाती है और उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ग्रामीण धर्मेंद्र कुमार, विनय कुमार, मनोज कुमार, कृष्ण कुमार, शिवम, अजय कुमार सिंह, राजेश कुमार और विजय सिंह का कहना है कि पहाड़ी नाले किसानों के लिए वरदान नहीं, बल्कि अभिशाप साबित होते हैं। अब तक सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि और दर्जनभर लोगों के आवास व सागौन नर्सरी कटकर पहाड़ी नालों में समा चुके हैं। ग्रामीण सिपाही लाल, निजामुद्दीन, सत्तार, कल्लू, समय दीन, सबबू, मंगरे, जुम्मन, समीम, अतवारी, गुठई, लिल्लाही, फकीरे, जाबिर और मुर्तूजा ने बताया कि इस वर्ष का पहला उफान इतना तेज आया है कि वे चिंतित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तटबंध नहीं बनाया गया तो चिरौंजीपुर डफाली पुरवा गांव के करीब 40 घरों का अस्तित्व मिट जाएगा। इस संबंध में एसडीएम सदर मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।





























