
बलरामपुर के विकास खंड गैंसड़ी के सोनगढ़ा, मुतेहरा और अक्लधरवा क्षेत्रों में निवास करने वाले थारू जनजाति के लगभग 1300 परिवारों को बरसात के मौसम में आवागमन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता बारिश के बाद कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव से बाहर निकलने के लिए यह एकमात्र प्रमुख मार्ग है। बरसात के दिनों में इस रास्ते पर पानी और कीचड़ भर जाने से लोगों का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। तस्वीरों में भी ग्रामीणों को इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरते देखा जा सकता है, जो समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। इस समस्या का सबसे अधिक प्रभाव क्षेत्र के छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। पढ़ाई के लिए गैंसड़ी, पचपेड़वा और तुलसीपुर जाने वाले विद्यार्थियों को बरसात के दिनों में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। उन्हें अक्सर कीचड़ और पानी से भरे रास्ते से होकर स्कूल-कॉलेज तक पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से इस रास्ते को ठीक कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क का स्थायी निर्माण कराने तथा बरसात के पानी की उचित निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि इन 1300 परिवारों को आवागमन की समस्या से निजात मिल सके।



























