श्रावस्ती के डाइट में 10 बैगलेस दिवस के दूसरे चरण का प्रशिक्षण चल रहा है। इसमें शिक्षकों को रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों की ट्रेनिंग दी जा रही है। नोडल प्रवक्ता ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने मूर्तिकला के जरिए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी। प्रशिक्षण में ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने खुद मिट्टी से मूर्तियां बनाकर बारीकियां समझाईं। महिला शिक्षकों ने उत्साह से देखा और तकनीकें सीखीं। 10 बैगलेस दिवस का मकसद बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ स्थानीय कला, शिल्प और व्यावहारिक हुनर से जोड़ना है, ताकि वे अनुभव से सीख सकें। यह ‘करके सीखने और सिखाने’ के विचार को साकार करती है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को सक्षम बनाना है, ताकि वे स्कूलों में बच्चों को स्थानीय कला और शिल्प से जोड़कर रोचक शिक्षा दे सकें। इस मौके पर रमेश चंद्र मौर्य, अमित पाठक, इरशाद अहमद, दिव्य प्रताप, विनीत सिंह, गिरीश प्रसाद मिश्रा, इमरान अहमद, रेनू यादव, ओमप्रकाश यादव और रवि प्रताप सिंह समेत मास्टर ट्रेनर और संदर्भदाता मौजूद थे।
श्रावस्ती में शिक्षकों को मूर्तिकला का प्रशिक्षण:नोडल प्रवक्ता ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने सिखाए हुनर, 'करके सीखने' का दिया संदेश
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