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एक हफ्ते से 50 गांव अंधेरे में:सड़क पर लटक रहे बिजली के तार, महसो-देईसाड में सप्लाई ठप


महसो और देईसाड क्षेत्र के करीब 50 गांव पिछले एक सप्ताह से बिजली संकट झेल रहे हैं। बिजली सप्लाई बंद होने के साथ कई जगह टूटे तार सड़कों पर गिरे या नीचे लटके हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद बिजली विभाग तार हटाने और आपूर्ति बहाल करने में लापरवाही कर रहा है। अंधेरे में सड़क पर लटके तार हादसे का खतरा बने हुए हैं। महादेवा चौराहे के पास नौशाद नाम का एक राहगीर ऐसे ही तार की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। एक हफ्ते से गांवों में बिजली गुल ग्रामीणों के मुताबिक महसो और देईसाड क्षेत्र के करीब 50 गांवों में पिछले सात दिनों से बिजली नहीं आ रही है। लंबे समय से आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने से घरों के साथ-साथ अन्य जरूरी कामों में भी परेशानी हो रही है। कहीं सड़क पर गिरे, कहीं लटक रहे तार बिजली संकट के बीच कई स्थानों पर टूटे तार सड़कों पर पड़े हुए हैं। कुछ जगह तार काफी नीचे तक लटक रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग को इसकी जानकारी देने के बावजूद इन तारों को हटाने के लिए समय पर कार्रवाई नहीं की गई। इससे दिन में किसी तरह बचाव हो रहा है, लेकिन रात में खतरा और बढ़ जाता है। अंधेरे में नौशाद के गले में फंसा तार महादेवा चौराहे के पास रात के अंधेरे में नौशाद नाम का एक राहगीर लटके बिजली के तार की चपेट में आ गया। ग्रामीणों के अनुसार तार उसके गले में अटक गया। गनीमत रही कि वह वाहन धीमी रफ्तार में चला रहा था, जिससे समय रहते संभल गया और उसकी जान बच गई। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई हैं। बिजली विभाग से शिकायत के बाद भी राहत नहीं ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बहाल करने और सड़क पर पड़े या लटके तार हटाने की शिकायत कई बार की गई। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जबकि खुले तार किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों ने तत्काल तार हटाने की मांग की ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से सड़कों पर गिरे और लटक रहे तारों को तत्काल हटाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहले खतरनाक तारों को सुरक्षित किया जाए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा न रहे। इसके साथ ही गांवों की बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की गई है। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने बिजली संकट और खतरनाक तारों की स्थिति के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते टूटे तारों को हटाकर बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीण अब जल्द बिजली बहाली और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे हैं।

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