
नवाबगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत गोविंदापुर पंडित में मनरेगा कार्यों की जांच करने पहुंची ब्लॉक टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे यह टीम गांव पहुंची थी। जांच के तरीकों को लेकर आवेदक पक्ष और टीम के बीच बहस हुई, जिसके कारण जांच पूरी नहीं हो सकी और टीम को वापस लौटना पड़ा। दरअसल, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शहाबुद्दीन खान ने मनरेगा के तहत हुए कामों में कथित फर्जीवाड़े और पैसों के गलत तरीके से निकाले जाने के आरोप लगाए थे। उन्होंने इसकी जांच के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा था। इसी शिकायत के आधार पर नवाबगंज ब्लॉक की टीम गोविंदापुर पंडित के पंचायत भवन में जांच करने पहुंची थी। जांच के दौरान आवेदक पक्ष ने जांच की प्रक्रिया और तरीकों पर असंतोष जताया। इस बात पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत तेज हो गई और माहौल गरमा गया। विरोध बढ़ने पर जांच टीम को अपनी जांच अधूरी छोड़कर वापस लौटना पड़ा। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शहाबुद्दीन खान ने कहा कि वे ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करवाकर सच्चाई सामने लाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे मामले को लेकर कोर्ट भी जाएंगे, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके। अब देखना होगा कि अधूरी जांच के बाद अधिकारी इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं और कथित अनियमितताओं की जांच कब पूरी होती है। मनरेगा में फर्जी भुगतान और अन्य आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी दीपेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि कुछ लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।






























