श्रावस्ती में अर्नव तूफान की आशंका के बीच किसान धान की फसल समेटने में जुट गए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। शुक्रवार सुबह 10 बजे किसानों के मुताबिक, जिले में करीब 50 प्रतिशत धान की फसल अब भी खेतों में खड़ी है। मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह 9 बजे के बाद आसमान में बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। मौसम बिगड़ने की आशंका के बीच किसान कंबाइन से धान की कटाई और थ्रेसर से मड़ाई कर फसल घर पहुंचाने में जुटे हैं। छोटे किसान हाथों से कटाई कर खेतों में रखी फसल समेट रहे हैं। बारिश हुई तो कटी और खड़ी फसल को नुकसान का डर किसानों को आशंका है कि बारिश होने पर खेतों में कटी फसल भीगकर खराब हो सकती है। वहीं, तेज हवा और बारिश से खड़ी धान की फसल गिरने का खतरा है। जिन किसानों की फसल अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई है, उनकी चिंता ज्यादा है। एक सप्ताह मौसम साफ रहने की उम्मीद किसानों का कहना है कि यदि एक सप्ताह तक मौसम साफ रहा तो वे बची हुई फसल की कटाई और मड़ाई कर उसे सुरक्षित घर पहुंचा सकेंगे। प्रशासन ने भी किसानों को फसल सुरक्षित रखने के लिए पहले ही अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। किसानों ने बताई अपनी परेशानी किसान प्रेमपाल यादव ने बताया कि कई महीनों की मेहनत के बाद धान की फसल तैयार हुई है। यह किसानों के परिवार के भोजन और भरण-पोषण का मुख्य सहारा है। बारिश और तेज हवाएं चलीं तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान सुधाकर शर्मा ने बताया कि पहले हुई बारिश और खराब मौसम से किसान नुकसान झेल चुके हैं। अगेती धान की कटाई हो चुकी है, जबकि करीब 50 प्रतिशत फसल अब भी खेतों में खड़ी है। बारिश और तेज हवाओं से किसानों की मेहनत पर असर पड़ सकता है।
