गैंगस्टरों के लिए मुफीद जगह बन रही जेल, अंदर से चलाते हैं अपना साम्राज्य

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जेल जिसके बारे में सोच कर ही एक आम इंसान परेशान हो जाता है कि आखिर उसके अंदर की दुनिया कैसी होगी। वहीं गैंगस्टरों के लिए ये सबसे मुफीद जगह बन रही है, जहां से वो अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।

1990 के दशक में जेल से गैंगस्टरों का व्यापारियों और आम लोगों पर निशाना बनाने का काम बड़ा आम रहा लेकिन वक्त के साथ इन चीजों पर लगाम लगी। टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद से एक बार फिर ये सवाल घूमने लगा है कि आखिर जेल कैदियों को सजा देने के लिए है या फिर उन्हें काम करने के लिए बनी आरामदायक जगह।

जेल से देते हैं आदेश

हाल के कुछ मामलों पर गौर कर तो पता चलता है कि जेल से कैदी बड़े ही आराम से अपनी मनचाही घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। इस जगह पर रहने से वो अपने दुश्मन और अन्य लोगों के निशाने पर आने से भी सुरक्षित रहते हैं। कुल मिला कर ये उनके कमांड सेंटर की तरह काम करता है।

बिश्नोई गैंग की भूमिका आई सामने 

टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले में बिश्नोई गैंग की कथित भूमिका सामने आई है जबकि इस गैंग के मुखिया लॉरेंस बिश्नोई और उसका भाई अनमोल दोनों ही जेल में बंद हैं। अलग-अलग जेलों में बंद होने के बावूजद इनके नाम पर क्राइम हो रहे हैं। बीते तीन सालों में मुंबई में हुई कुछ बड़ी गोलीबारी की घटनाओं में इनकी संलिप्तता सामने आई हैं। लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है, जबकि उसका भाई अनमोल दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद है।

इससे पहले दाऊद इब्राहिम, छोटा राजन और अबू सलेम विदेशों में बैठकर मुंबई में हमले के आदेश देते थे। वहीं अरुण गवली और अश्विन नाइक जैसे गैंगस्टर देश के अंदर जेलों से ही अपना गिरोह चलाते रहे।

जबरन वसूली और हत्या के लगे आरोप

मुंबई, पुणे, ठाणे और नासिक की जेलों से, उन्होंने कथित तौर पर शूटरों को भर्ती किया। इसके अलावा जबरन वसूली और हत्याओं के आदेश दिए। नाइक पर जेल में रहते हुए अपनी ही पत्नी नीता नाइक की हत्या का आदेश देने का भी आरोप था।

जेल ट्रांसफर से नाराज हुआ था अरुण गवली

अरुण गवली पर भी जेल में रहते हुए, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के करीबी जयंत जाधव की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था। बताया जाता है कि गवली को एक जेल से दूसरी जेल में ट्रांसफर करवाने में जाधव की भूमिका थी। इस ट्रांसफर से नाराज होकर, गवली ने कथित तौर पर उसकी हत्या का आदेश दिया।

कैसे जेल के अंदर मिलती है मदद

जेल के अंदर से गैंग्स को भ्रष्ट पुलिस वाले मदद करते हैं। पैसे या अन्य रिश्वत का लालच देकर उनके काम लिया जाता है। कभी फोन या कभी संदेश बाहर पहुंचाने में इनकी मदद ली जाती है। इसके अलावा गैंग लीडर अपने वकीलों और उन अन्य लोगों के साथ मुलाकात के जरिए भी निर्देश भेजते हैं। इस तरह उनका गैंग जेल के अंदर रह कर भी अपना काम करता है।

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