Home Blog Page 3

बृजमनगंज थाने में राष्ट्रीय एकता दिवस का:सीधा प्रसारण देखा गया,थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने परेड और प्रधानमंत्री का भाषण देखा

राष्ट्रीय एकता दिवस पर शनिवार शाम बृजमनगंज थाने में समारोह और एकता परेड का सीधा प्रसारण देखा गया। यह कार्यक्रम रात 8 बजे तक चला। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर हुए समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए और परेड की सलामी ली।
पुलिस विभाग के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और एकता परेड का प्रसारण देखा। इसमें अलग-अलग राज्यों की पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा बलों की परेड दिखाई गई।
प्रसारण में अनुशासित मार्च पास्ट, महिला पुलिस टुकड़ियों की भागीदारी, घुड़सवार और अन्य विशेष दस्ते तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दिखाई गईं। लोगों ने प्रधानमंत्री का भाषण भी सुना।
इस दौरान थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्रा, उपनिरीक्षक तारकेश्वर वर्मा और अर्चना यादव समेत थानाक्षेत्र के आसपास के दर्जनों लोग मौजूद रहे।

'पहले बस्ती में काम करूंगा, फिर चुनाव लड़ूंगा':मनीष मिश्रा का दीपावली के बाद 5 ट्रैक्टर लाने का दावा, गरीब किसानों के खेतों की मुफ्त जुताई कराएंगे

बस्ती में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पहल संस्था के संस्थापक मनीष मिश्रा ने शनिवार रात 8 बजे दैनिक भास्कर से बात की। कहा- उनका लक्ष्य बस्ती को विकसित जिला बनाना और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। विधानसभा चुनाव में उनकी पहली प्राथमिकता जिले की पांचों सीटों पर भाजपा को जीत दिलाना होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने से पहले वह बस्ती में ऐसा काम करना चाहते हैं कि जनता खुद उनसे चुनाव लड़ने की मांग करे। उन्होंने ये बातें शनिवार को बातचीत के दौरान कहीं। पांचों विधानसभा क्षेत्रों में मुफ्त जुताई की योजना बस्ती के विकास के मास्टर प्लान पर मनीष मिश्रा ने कहा कि दीपावली के बाद जिले में पांच ट्रैक्टर लाएंगे। इनसे पांचों विधानसभा क्षेत्रों में गरीब किसानों के खेतों की मुफ्त जुताई कराई जाएगी। किसानों को केवल ईंधन का खर्च देना होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद किसानों को अपनी संस्था से जोड़कर खेती और उत्पादन की ऐसी व्यवस्था तैयार करेंगे, जिससे उनकी आमदनी बढ़ाई जा सके। उनका लक्ष्य है कि एक बीघा जमीन से किसान अभी 10 हजार रुपए कमा रहा है तो उसकी आय बढ़ाकर 20 हजार रुपए की जाए। भाजपा का घोषणा पत्र ही मेरा भी होगा सदर विधानसभा से टिकट मिलने पर घोषणा पत्र के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा का जो घोषणा पत्र होगा, वही उनका भी होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह चुनाव में अपने लिए वोट नहीं मांगेंगे। चुनाव से पहले बस्ती में ऐसा काम करेंगे कि जनता खुद कहे कि मनीष मिश्रा चुनाव लड़ें। पार्टी से भी उनका अनुरोध होगा कि जनता की मांग होने पर ही उन्हें चुनाव लड़ाया जाए। टिकट नहीं मिला तो दूसरी जिम्मेदारी मिल सकती है टिकट नहीं मिलने पर सेवा जारी रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कोरी कल्पना है। वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का आशीर्वाद उनके साथ है। पार्टी नेतृत्व को लगेगा कि वह चुनाव लड़ने और जीतने योग्य हैं तो टिकट मिलेगा। अन्यथा उन्हें कोई दूसरी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि टिकट मिले या न मिले और चुनाव जीतें या हारें, वह अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे। जब तक बस्ती को विकसित जिला नहीं बना देंगे, तब तक शांत नहीं बैठेंगे।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर महा-एक्शन, 5 से 20 नवंबर तक 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम; निर्माण कार्यों पर लगी रोक

0

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली- एनसीआर में आने वाले दिनों में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय सहित वायु प्रदूषण के रोकथाम के लिए उसके अधीन काम करने वाली एजेंसियों ने इससे निपटने के लिए मोर्चा संभाल लिया है।

जिसमें एनसीआर में संचालित ऐसे सभी उद्योगों को बंद करने का फैसला लिया है, जो बार-बार के निर्देश के बाद भी प्रदूषण रोकने वाले उपकरण नहीं लगा रहे है या उसका कोई वर्क आर्डर भी नहीं दिया है।

फिलहाल ऐसे उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर और पांच दिनों में जवाब मांगने के लिए कहा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर तुरंत बंद कराने के लिए कहा गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को यह आदेश तब जारी किया है,जब मौजूदा समय में एनसीआर में संचालित करीब 2321 उद्योगों से करीब दो सौ उद्योगों ने ही प्रदूषण रोकने वाले उपकरण अब तक लगाए है, वहीं करीब आठ सौ उद्योगों ने वर्क आर्डर दे दिए है। यानी अभी भी आधे से अधिक उद्योगों को इन उपकरणों को लगाना बाकी है।

इस बीच कुछ उद्योगों को निर्धारित मात्रा कम प्रदूषण फैलाने के मामले में इससे छूट भी दी गई है। यह बात अलग है कि इनके खिलाफ यह सख्ती सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ने के दौरान यानी नंवबर-दिसंबर में ही दिखायी जाती है।

सीपीसीबी ने राज्य प्रदूषण बोर्डों को जारी आदेश में कहा है कि वह निर्देशों का पालन न करने वाले व संतोषजनक जवाब न देने वाले उद्योगों की तुरंत स्थानीय प्रशासन की मदद से बंद करने और बिजली कटाने की कार्रवाई करें।

प्रदूषण के खिलाफ मोर्चा संभाले एजेंसियों ने इसके साथ ही राष्ट्रीय महत्व के निर्माण कार्यों को छोड़कर एनसीआर में संचालित ऐसे सभी निर्माण कार्यों को पांच नवंबर से 20 नवंबर तक बंद रखने के भी निर्देश दिए है। जिन कामों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है, उनमें रेलवे, मेट्रो व रक्षा आदि से जुड़े कार्य शामिल है।

वायु गुणवत्ता आयोग ने इसे लेकर राज्य सरकारों व राज्य प्रदूषण बोर्डों से प्रत्येक क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने के लिए कहा है।

50 प्रतिशत कर्मचारियों करें वर्क फ्रॉम होम

इस बीच दिल्ली-एनसीआर को वाहनों से होने वाले प्रदूषण से बचाने के लिए पांच से 20 नवंबर तक दिल्ली सहित गुरुग्राम, सोनीपत, गाजियाबाद, फरीदाबाद व गौतम बुद्ध नगर (नोयडा) के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में काम करने वाले पचास प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम पर भेजने के आदेश दिए गए है। हालांकि इस आदेश से अत्यावश्यक सेवाओं से जुडे दफ्तरों व ईकाइयों को मुक्त रखा गया है।

बहराइच से उरलेहवा आने वाली लाइन में खराबी:जमुनहा के सैकड़ों गांवों में 28 घंटे से बिजली गुल, घरेलू काम और कारोबार पर असर

जमुनहा क्षेत्र के उरलेहवा पावर हाउस और जमुनहा बिजली उपकेंद्र से जुड़े सैकड़ों गांवों में 28 घंटे से बिजली नहीं है। बहराइच से उरलेहवा पावर हाउस आने वाली लाइन में खराबी के कारण बिजली सप्लाई बंद है। इससे घरेलू कामकाज और कारोबार पर असर पड़ा है। उरलेहवा पावर हाउस के बिजली विभाग ने बताया कि लाइन की खराबी ठीक की जा रही है। विभाग ने कुछ ही घंटों में बिजली सप्लाई शुरू होने की उम्मीद जताई। हालांकि, 28 घंटे बाद भी बिजली नहीं आने से ग्रामीण नाराज हैं। बिजली नहीं होने से मोबाइल चार्ज करने, पानी की मोटर चलाने और पंखे चलाने जैसे काम प्रभावित हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। शाम को बाजार में दुकानों की रोशनी बंद रहने से ग्राहक खरीदारी करने से कतराते हैं और बिक्री घट रही है। बिजली से चलने वाली मशीनों और छोटे कारोबार का काम भी रुक गया है। क्षेत्र के लोगों ने बिजली विभाग से लाइन की खराबी जल्द ठीक कर बिजली सप्लाई शुरू करने की मांग की है।

GST से पेंशन और बिल पेमेंट तक, 1 नवंबर से बदल जाएंगे 7 नियम; क्या हुआ सस्ता और महंगा?

0

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अक्टूबर की शुरुआत में जीएसटी काउंसिल ने कारोबार पंजीकरण से लेकर करदाताओं को नोटिस भेजने से जुड़े नियमों में बदलाव किया था। यह बदलाव आज यानी एक नवंबर से लागू होने जा रहे हैं।

इसके अलावा आम लोगों के जीवन पर असर डालने वाले कई वित्तीय व गैर-वित्तीय बदलाव भी आज से लागू होंगे। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से बदलाव लागू होने जा रहे हैं।

वर्किंग प्लेस के पते पर जीएसटी पंजीकरण

आज से कारोबारी को-वर्किंग प्लेस के पते पर जीएसटी पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए कारोबारी को को-वर्किंग प्लेस के सदस्य की कापी अपलोड करनी होगी, जिसमें पता स्पष्ट होना चाहिए। साथ ही, आधार नंबर के आधार पर पंजीयन लेने पर अधिकारी उस पते की छानबीन करने नहीं जाएगा।

जालसाजी या अन्य गंभीर गड़बड़ी का शक होने पर ही पते की छानबीन की जाएगी। पते को साफ तौर दिखाने के लिए बिजली बिल, हाउस टैक्स जैसे बिल साथ में संलग्न करना होगा। इसके अलावा अपील को लेकर शुल्क जमा करने, नोटिस के कारण बिल्कुल स्पष्ट बनाने, रिफंड को आसान बनाने जैसे नियम भी आज से लागू हो जाएंगे।

कॉल करने वाले का नाम दिखेगा

आज से सभी दूरसंचार कंपनियों को कालिंग नेम प्रजेंटेशन (सीएनएपी) सेवा को लागू करना होगा। इस सेवा के लागू होने से काल करने वाले का नाम भी दिखेगा, चाहे उसका नाम फोन में सेव है या नहीं। इससे उपभोक्ताओं को अनचाहे फोन काल उठाने से मुक्ति मिलेगी।

फिलहाल यह सुविधा 4जी और 5जी कनेक्शन वाले फोन पर ही मिलेगी। बाद में 2जी और 3जी कनेक्शन वाले फोन पर यह सुविधा दी जा सकती है। मोबाइल फोन के स्क्रीन पर काल करने वाले का वहीं नाम दिखेगा जिस नाम से उसने कनेक्शन लिया है।

पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा

80 वर्ष से कम आयु के सरकारी पेंशनभोगी 1-30 नवंबर के बीच अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों ने एक अक्टूबर से ही इसे जमा करना शुरू कर दिया है।

पेंशनभोगी यह प्रमाण पत्र पेंशन देने वाली बैंक शाखा में जाकर (फिजिकली) जमा कर सकते हैं, या फिर ‘जीवन प्रमाण’ सुविधा के जरिये आधार-आधारित सत्यापन और चेहरा सत्यापन तकनीक का उपयोग करके डिजिटल रूप से जमा कर सकते हैं।

यूटिलिटी बिल पेमेंट पर शुल्क लेगा पीएनबी

सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने आज से क्रेडिट कार्ड के जरिये 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क लागू किया है। हालांकि, यह प्रति लेनदेन अधिकतम दो हजार रुपये तक होगा। पहले पीएनबी क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल जमा करने पर किसी भी प्रकार नहीं लेता था। बिजली, टेलीफोन, इंटरनेट, पानी जैसे बिलों को यूटिलिटी बिल कहा जाता है।

म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट

आज से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर म्यूचुअल फंड का डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट ऑप्शन होगा।

सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे के अनुसार, अगर कोई निवेशक रेग्युलर प्लान चुनता है, तो उसे पहले इसके ज्यादा खर्च अनुपात (एक्सपेंस रेश्यो) के बारे में बताया जाएगा। यानी अब ऑनलाइन निवेश करते समय निवेशकों को डायरेक्ट और रेग्युलर प्लान के खर्च का फर्क समझने का मौका मिलेगा।

सावरेन गोल्ड बांड से पैसा निकालने का मौका

नवंबर में सावरेन गोल्ड बांड में निवेश करने वालों को चार सीरीज के बांड में समय से पहले पैसा निकालने का मौका मिलेगा। इनमें 2020-21 सीरीज-7 की रिडेम्पशन (निकासी) तारीख 2 नवंबर, 2020-21 सीरीज-8 की 18 नवंबर और 2020-21 सीरीज-2 की 19 नवंबर तय है। वहीं, 2021-22 सीरीज-1 के निवेशक 25 नवंबर को समय से पहले रिडेम्पशन करा सकेंगे।

नौ नवंबर से कैंसर की 137 दवाओं के दाम घटेंगे

हाल ही में सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसररोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन अधिकतम 30 प्रतिशत तय कर दिया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के इस फैसले से मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर दवाओं की खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। नया मूल्य नौ नवंबर से लागू हो जाएगा। मरीज एनपीपीए की वेबसाइट और ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल एप के जरिये नई कीमतें देख सकेंगे।

परतावल व्यापार मंडल की नई इकाई बनी:बलराम गुप्ता अध्यक्ष और हाजी मुर्तजा हुसैन संरक्षक घोषित; 31 पदाधिकारियों के नामों की घोषणा

परतावल में उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल की नगर पंचायत इकाई का गठन किया गया। शनिवार शाम 7 बजे चंदन मैरेज हाउस में हुए कार्यक्रम में बलराम गुप्ता को अध्यक्ष और महाजन कश्यप को महामंत्री घोषित किया गया। पांच संरक्षक समेत कुल 31 पदाधिकारियों के नामों की घोषणा हुई। संरक्षक के रूप में सतीश कुमार मद्धेशिया, हाजी मुर्तजा हुसैन, हसमुद्दीन खान, अमन शांडिल्य और उत्कर्ष कृष्ण त्रिपाठी को जिम्मेदारी दी गई। नगर कार्यकारिणी में शहर आलम को कोषाध्यक्ष बनाया गया। विनय मद्धेशिया, शिवम दुबे, मैनुद्दीन और शाह आलम अंसारी उपाध्यक्ष होंगे। बिट्टू गुप्ता, विनय सिंह, राजू जायसवाल और प्रदीप मोदनवाल को नगर मंत्री बनाया गया। कैफ अली, सिकंदर, अशोक मौर्य, अरुण सिंह और दाऊद शाह संगठन मंत्री होंगे। कन्हैया शाही, धनंजय पांडेय, अम्बरीष दत्त पटेल, राकेश गुप्ता और कमाल सर को संयुक्त मंत्री बनाया गया। आनंद मिश्रा और देवराज सिंह को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार, युवा जिलाध्यक्ष सूरज सिंह और जिला प्रभारी अजय राज कसौधन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सतीश मद्धेशिया, भाजपा युवा नेता निर्भय सिंह और काशीनाथ सिंह समेत अन्य लोग भी उपस्थित थे।

पहल सोसाइटी के संस्थापक ने सिर पर रखा जूता:बस्ती में कहा- 1000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट लाने का संकल्प लेता हूं, तभी जूते पहनूंगा

बस्ती में भाजपा नेता मनीष मिश्रा ने तोहफे में मिले जूते पैरों में पहनने के बजाय सिर पर रख लिए। उन्होंने इसे बस्ती के विकास का संकल्प बताया। मनीष मिश्रा का कहना है कि जब तक वह बस्ती में 500 से 1000 करोड़ रुपये का निवेश नहीं लाएंगे, तब तक जूते नहीं पहनेंगे। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। बस्ती को मातृभूमि बताते हुए लिया संकल्प पहल सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के संस्थापक मनीष मिश्रा ने कहा कि बस्ती उनकी मातृभूमि है। यहां आने पर वह जूते उतारकर मोजे पहनते हैं और नंगे पैर चलते हैं। उन्होंने जूते सिर पर रखने को भी बस्ती के विकास से जुड़ा संकल्प बताया। संस्था के जरिए जरूरतमंदों की मदद का दावा मनीष मिश्रा के संस्थान के जरिए गरीब मरीजों के इलाज के लिए आर्थिक मदद, जरूरतमंदों को मुफ्त एंबुलेंस सुविधा, कैंसर पीड़ितों की सहायता और गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग किए जाने की बात कही जाती रही है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में बनाए गए सदस्य भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यसमिति में मनीष मिश्रा को सदस्य बनाया गया है। 26 अक्टूबर को घोषित 712 सदस्यीय कार्यसमिति में 548 सामान्य, 134 विशेष आमंत्रित और 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य शामिल हैं। नई जिम्मेदारी मिलने पर मनीष मिश्रा ने पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने बस्ती का विकास, जनसेवा और जनता की समस्याओं को उठाना अपनी प्राथमिकता बताया।

इंडी गठबंधन की मॉक संसद, SIR को चुनावी धांधली बता ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पारित किया जन महाभियोग

0

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विपक्षी आईएनडीआईए गठबंधएन ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर जन संसद बुलाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के जन महाभियोग के प्रस्ताव पारित करते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रीय और राज्य चुनावों का चुराने की भाजपा द्वारा रची गई बुरी और आपराधिक साजिश में सीईसी ने भागीदारी की। इसलिए ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाते हुए उनके खिलाफ “देशद्रोह” का मुकदमा चलना चाहिए।

राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एसआईआर को वोट चोरी की धांधली बताते हुए आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार सीधे-सीधे मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं जिससे लोगों का वोट देने का अधिकार खतरे में है।

khaniyarge (1)

सीईसी पर जन महाभियोग में छह मुख्य आरोप लगाते हुए खरगे ने दावा किया कि मोदी सरकार लगातार सत्ता में बने रहने के लिए सांसदों-पार्टियों को तोड़ने, सीबीआई-ईडी के बाद अब सत्ता में बने रहने के लिएएसआईआर का इस्तेमाल कर रही है।

ANI_20261031540_54536693

विपक्ष की वोट चोरी मुद्दे पर रामलीला मैदान में आज हाेने वाली रैली से पूर्व इस जन संसद का संचालन पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने किया जिसमें आईएनडीआईए ब्लॉक के सांसदों-नेताओं, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट से गलत तरीके से हटाए गए कुछ पीड़ित मतदाताओं ने हिस्सा लेते हुए अपनी बात रखी।

ANI_20261031533_54536631

खुले लान में आयोजित इस जनसंसद में बैठने की व्यवस्था कुछ पुराने संसद भवन की शैली में की गई थी। मीरा कुमार का संचालन मंच भी स्पीकर के आसान की तर्ज पर बनाया गया था। खरगे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग प्रस्ताव पढ़ते हुए एसआईआर और चुनावी गड़बड़ियों की बात रखते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर कानून तोड़ा है और चुनावी प्रक्रिया पर सुनियोजित हमले को अंजाम देने के दोषी हैं जो देश के लोकतंत्र की नींव है।

ANI_20261031541_54536694

सीईसी का काम आपराधिक कृत्य है और यह संविधान के खिलाफ देशद्रोह है। इस जनसंसद में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, शशि थरूर, मनीष तिवारी, पी चिदंबरम, जयराम रमेश से लेकर सपा, टीएमसी, शिवसेना यूबीटी के नेता अग्रिम पंक्तियों में बैठे थे जिसमें राजद नेता तेजस्वी यादव भीा शामिल थे।

khaniyarge111

हालांकि इस जन संसद में सत्तापक्ष का कोई प्रतीक नहीं था और कार्यवाही शुरू करते हुए मीरा कुमार ने एसआईआर में लोगों के वोट के अधिकार छीने जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए इस जन महाभियोग को अहम करार दिया। इसके बाद राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता खरगे ने अपनी बात रखते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग प्रस्ताव पेश किया।

khaniyarge111 (1)

एसआईआर को घोटाला बताते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह मुख्य आरोप लगाए। पहला, सीईसी ने चुनाव चुराने की साजिश रची। महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार आदि को इसका उदाहरण बताया।

khaniyarge111 (2)

दूसरा एसआईआर में 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए। तीसरा संसद की निगरानी या जानकारी के बिना ‘फॉर्म 6’ में बदलाव किया। चौथा, इसीआइनेट के जरिए पूरे देश की मतदाता सूचियों पर कब्जा कर लिया और जब जरूरत हुई तो नाम जोड़ लिए और फिर हटा दिए।

khaniyarge111 (3)

पांचवा आरोप कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को प्रक्रिया से बाहर रख एकतरफा गैरकानूनी तरीके से फैसले लिए। खरगे ने छठा आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार बतौर सीईसी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृहमंत्री इशारे के इशारे पर काम कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, सागरिका घोष ने बंगाल में एसआईआर में धांधली का आरोप लगाते हुए विधानसभा चुनाव रद किए जाने की मांग की।

सपा के राजीव राय, हरेंद्र मलिक, मॉकपा के जान ब्रिटास, आरएसपी के प्रेमचंद्रन जैसे विपक्षी दलों के सांसदों के अलावा कई सिविल सोसाइटी के लोगों ने एसआईआर के खिलाफ अपनी बात रखते हुए ज्ञानेश कुमार को हटाने के साथ ही उन्हें जेल भेजने की पूरजोर मांग की।

आतिशबाजी की दुकानें मुख्य बाजार से हटेंगी:श्रावस्ती में रामलीला मैदान और नए जगतजीत इंटर कॉलेज परिसर का निरीक्षण, अंतिम फैसला बाकी

दीपावली पर श्रावस्ती के इकौना कस्बे में आतिशबाजी की अस्थायी दुकानें मुख्य बाजार से दूर लगाने की तैयारी है। शनिवार को पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने संभावित जगहों का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय कुमार शर्मा, अग्निशमन अधिकारी भिनगा संजय जायसवाल, क्षेत्राधिकारी इकौना भरत पासवान और थाना प्रभारी परमानंद तिवारी ने जगहों का जायजा लिया। पिछले साल आतिशबाजी की दुकानें पुराने जगतजीत इंटर कॉलेज परिसर में लगी थीं। यह जगह मुख्य बाजार में है, जहां भीड़ और आग लगने की आशंका रहती है। इसलिए इस साल बाजार से दूर खुले और सुरक्षित स्थान पर दुकानें लगाने पर विचार किया गया। टीम ने रामलीला मैदान और नए जगतजीत इंटर कॉलेज परिसर को संभावित जगहों के रूप में चिन्हित किया। अधिकारियों ने आग से बचाव, लोगों की सुरक्षा और जरूरी सावधानियों पर भी चर्चा की। पुलिस और अग्निशमन विभाग का उद्देश्य दुकानों को व्यवस्थित तरीके से लगवाना और बाजार में भीड़ के बीच हादसे रोकना है। दोनों जगहों में से किसे चुना जाएगा, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।

राशन से लेकर गैजेट्स तक… अब AI के इशारे पर क्यों हो रही शॉपिंग? Inside Story

0

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। त्योहारों पर घर का राशन खरीदना हो, बच्चों के लिए कपड़े लेने हों या नया स्मार्टफोन और घरेलू उपकरण चुनना हो, भारतीय खरीदार अब खरीदारी से पहले इंटरनेट पर घंटों छानबीन करने के बजाय एआई से सलाह लेने लगे हैं।

कौन-सा उत्पाद बेहतर है, कहां सस्ता मिलेगा और किन खूबियों पर ध्यान देना चाहिए, ऐसे सवालों के जवाब अब एआई टूल से मांगे जा रहे हैं। यह बदलाव केवल खरीदारी का तरीका नहीं बदल रहा, बल्कि लोगों के खरीदारी से जुड़े फैसलों को भी प्रभावित कर रहा है।

बाजार विश्लेषण फर्म मैकेंजी की एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक स्तर पर खरीदारी के फैसलों में एआईकी भूमिका तेजी से बढ़ी है। एआई का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता इसे पारंपरिक सर्च इंजन और यहां तक कि दोस्तों व परिवार की सलाह से भी अधिक प्रभावशाली मान रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एआई का इस्तेमाल करने वाले करीब एक-तिहाई खरीदारों ने माना कि उनकी हालिया खरीदारी के फैसले में इन टूल की सबसे अहम भूमिका रही। वैश्विक स्तर पर एआई का उपयोग करने वाले उपभोक्ता पारंपरिक सर्च इंजनों के मुकाबले एआई सर्च टूल को 3.2 गुना अधिक प्रभावशाली मानते हैं।

वहीं, दोस्तों और परिवार की सलाह की तुलना में भी वे एआई टूल को 2.6 गुना अधिक अहमियत देते हैं। करीब 29 प्रतिशत खरीदारों ने बताया कि उनकी हालिया खरीदारी में एआई टूल का सबसे बड़ा योगदान रहा। यह प्रभाव रिटेलर प्लेटफार्म, रिव्यू वेबसाइटों, सर्च इंजनों और दोस्तों या परिवार की सलाह से भी अधिक पाया गया।

खरीदारी की शुरुआत से लेकर भुगतान तक एआई की भूमिका

जून 2026 में किए गए इस सर्वे में 11 बाजारों के करीब 21 हजार उपभोक्ताओं को शामिल किया गया। इसमें सामने आया कि पिछले तीन महीनों में 56 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने खरीदारी के लिए स्वतंत्र एआई चैट या सर्च टूल का इस्तेमाल किया।

वहीं, 27 प्रतिशत ने खुदरा कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराए गए एआई शापिंग असिस्टेंट की मदद ली। करीब 15 प्रतिशत एआईयूजर्स ने भुगतान सहित खरीदारी पूरी करने या उसमें मदद के लिए इनका सहारा लिया, जबकि स्वतंत्र एआई टूल के मामले में यह आंकड़ा 14 प्रतिशत रहा।

आगे और बढ़ेगा एआई पर भरोसा

सर्वे में यह भी सामने आया कि ग्राहक आने वाले समय में खरीदारी पूरी करने के लिए एआई पर और अधिक भरोसा करने को तैयार हैं। खरीदारी की छह प्रमुख श्रेणियों में 21 से 30 प्रतिशत एआई यूजर्स ने कहा कि वे एआईटूल के जरिये अपना पूरा भुगतान और लेनदेन करने की अनुमति दे सकते हैं।

यह संख्या उन लोगों के अनुपात से करीब डेढ़ गुना है, जिन्होंने वास्तव में अब तक ऐसा किया है। वैश्विक स्तर पर 14 प्रतिशत एआई यूजर्स ने बताया कि वे खरीदारी पूरी करने के लिए एआई टूल का इस्तेमाल कर चुके हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 81 प्रतिशत एआई यूजर्स का कहना है कि इन टूल की मदद से उत्पादों के विकल्पों को छांटना और अपनी जरूरत के मुताबिक चुनाव करना आसान हो जाता है। वहीं, 80 प्रतिशत को बार-बार स्क्राल करने और अलग-अलग वेबसाइटों पर क्लिक करने से छुटकारा मिला है। करीब 79 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने माना कि एआई से उनका काफी समय बचता है।

ब्रांडों और कंपनियों के सामने भी चुनौती

मैकेंजी का मानना है कि एआई आधारित खरीदारी का चलन बढ़ने के साथ खुदरा कंपनियों और ब्रांडों के सामने भी नई चुनौती होगी। उन्हें अपने उत्पादों की जानकारी, कीमत, उपलब्धता और डिलीवरी से जुड़े आंकड़ों को अधिक सटीक और अद्यतन रखना होगा, ताकि एआई टूल ग्राहकों को सही जानकारी दे सकें।

मैकेंजी के सर्वे का गणित

– 56 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने खरीदारी के लिए आजमाए स्वतंत्र एआईचै ट और सर्च टूल
– 29% खरीदारों का दावा, हालिया खरीदारी में एआई टूल का योगदान बढ़ा
– 27% उपभोक्ताओं ने रिटेल कंपनियों के एआई टूल पर जताया भरोसा
– 15% यूजर्स ने सलाह से लेकर खरीदारी तक में एआई टूल की मदद ली
– 81% यूजर्स ने कहा एआई से उत्पाद का चयन आसान हो जाता है
– 80% ने कहा अलग-अलग वेबसाइटों पर जाने से छुटकारा मिलता है
– 79% लोगों ने कहा- एआई से उनका काफी समय बचता है

(समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)