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इंडी गठबंधन की मॉक संसद, SIR को चुनावी धांधली बता ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पारित किया जन महाभियोग

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विपक्षी आईएनडीआईए गठबंधएन ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर जन संसद बुलाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के जन महाभियोग के प्रस्ताव पारित करते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रीय और राज्य चुनावों का चुराने की भाजपा द्वारा रची गई बुरी और आपराधिक साजिश में सीईसी ने भागीदारी की। इसलिए ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाते हुए उनके खिलाफ “देशद्रोह” का मुकदमा चलना चाहिए।

राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एसआईआर को वोट चोरी की धांधली बताते हुए आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार सीधे-सीधे मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं जिससे लोगों का वोट देने का अधिकार खतरे में है।

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सीईसी पर जन महाभियोग में छह मुख्य आरोप लगाते हुए खरगे ने दावा किया कि मोदी सरकार लगातार सत्ता में बने रहने के लिए सांसदों-पार्टियों को तोड़ने, सीबीआई-ईडी के बाद अब सत्ता में बने रहने के लिएएसआईआर का इस्तेमाल कर रही है।

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विपक्ष की वोट चोरी मुद्दे पर रामलीला मैदान में आज हाेने वाली रैली से पूर्व इस जन संसद का संचालन पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने किया जिसमें आईएनडीआईए ब्लॉक के सांसदों-नेताओं, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट से गलत तरीके से हटाए गए कुछ पीड़ित मतदाताओं ने हिस्सा लेते हुए अपनी बात रखी।

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खुले लान में आयोजित इस जनसंसद में बैठने की व्यवस्था कुछ पुराने संसद भवन की शैली में की गई थी। मीरा कुमार का संचालन मंच भी स्पीकर के आसान की तर्ज पर बनाया गया था। खरगे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग प्रस्ताव पढ़ते हुए एसआईआर और चुनावी गड़बड़ियों की बात रखते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर कानून तोड़ा है और चुनावी प्रक्रिया पर सुनियोजित हमले को अंजाम देने के दोषी हैं जो देश के लोकतंत्र की नींव है।

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सीईसी का काम आपराधिक कृत्य है और यह संविधान के खिलाफ देशद्रोह है। इस जनसंसद में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, शशि थरूर, मनीष तिवारी, पी चिदंबरम, जयराम रमेश से लेकर सपा, टीएमसी, शिवसेना यूबीटी के नेता अग्रिम पंक्तियों में बैठे थे जिसमें राजद नेता तेजस्वी यादव भीा शामिल थे।

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हालांकि इस जन संसद में सत्तापक्ष का कोई प्रतीक नहीं था और कार्यवाही शुरू करते हुए मीरा कुमार ने एसआईआर में लोगों के वोट के अधिकार छीने जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए इस जन महाभियोग को अहम करार दिया। इसके बाद राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता खरगे ने अपनी बात रखते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग प्रस्ताव पेश किया।

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एसआईआर को घोटाला बताते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह मुख्य आरोप लगाए। पहला, सीईसी ने चुनाव चुराने की साजिश रची। महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार आदि को इसका उदाहरण बताया।

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दूसरा एसआईआर में 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए। तीसरा संसद की निगरानी या जानकारी के बिना ‘फॉर्म 6’ में बदलाव किया। चौथा, इसीआइनेट के जरिए पूरे देश की मतदाता सूचियों पर कब्जा कर लिया और जब जरूरत हुई तो नाम जोड़ लिए और फिर हटा दिए।

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पांचवा आरोप कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को प्रक्रिया से बाहर रख एकतरफा गैरकानूनी तरीके से फैसले लिए। खरगे ने छठा आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार बतौर सीईसी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृहमंत्री इशारे के इशारे पर काम कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, सागरिका घोष ने बंगाल में एसआईआर में धांधली का आरोप लगाते हुए विधानसभा चुनाव रद किए जाने की मांग की।

सपा के राजीव राय, हरेंद्र मलिक, मॉकपा के जान ब्रिटास, आरएसपी के प्रेमचंद्रन जैसे विपक्षी दलों के सांसदों के अलावा कई सिविल सोसाइटी के लोगों ने एसआईआर के खिलाफ अपनी बात रखते हुए ज्ञानेश कुमार को हटाने के साथ ही उन्हें जेल भेजने की पूरजोर मांग की।

आतिशबाजी की दुकानें मुख्य बाजार से हटेंगी:श्रावस्ती में रामलीला मैदान और नए जगतजीत इंटर कॉलेज परिसर का निरीक्षण, अंतिम फैसला बाकी

दीपावली पर श्रावस्ती के इकौना कस्बे में आतिशबाजी की अस्थायी दुकानें मुख्य बाजार से दूर लगाने की तैयारी है। शनिवार को पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने संभावित जगहों का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय कुमार शर्मा, अग्निशमन अधिकारी भिनगा संजय जायसवाल, क्षेत्राधिकारी इकौना भरत पासवान और थाना प्रभारी परमानंद तिवारी ने जगहों का जायजा लिया। पिछले साल आतिशबाजी की दुकानें पुराने जगतजीत इंटर कॉलेज परिसर में लगी थीं। यह जगह मुख्य बाजार में है, जहां भीड़ और आग लगने की आशंका रहती है। इसलिए इस साल बाजार से दूर खुले और सुरक्षित स्थान पर दुकानें लगाने पर विचार किया गया। टीम ने रामलीला मैदान और नए जगतजीत इंटर कॉलेज परिसर को संभावित जगहों के रूप में चिन्हित किया। अधिकारियों ने आग से बचाव, लोगों की सुरक्षा और जरूरी सावधानियों पर भी चर्चा की। पुलिस और अग्निशमन विभाग का उद्देश्य दुकानों को व्यवस्थित तरीके से लगवाना और बाजार में भीड़ के बीच हादसे रोकना है। दोनों जगहों में से किसे चुना जाएगा, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।

राशन से लेकर गैजेट्स तक… अब AI के इशारे पर क्यों हो रही शॉपिंग? Inside Story

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। त्योहारों पर घर का राशन खरीदना हो, बच्चों के लिए कपड़े लेने हों या नया स्मार्टफोन और घरेलू उपकरण चुनना हो, भारतीय खरीदार अब खरीदारी से पहले इंटरनेट पर घंटों छानबीन करने के बजाय एआई से सलाह लेने लगे हैं।

कौन-सा उत्पाद बेहतर है, कहां सस्ता मिलेगा और किन खूबियों पर ध्यान देना चाहिए, ऐसे सवालों के जवाब अब एआई टूल से मांगे जा रहे हैं। यह बदलाव केवल खरीदारी का तरीका नहीं बदल रहा, बल्कि लोगों के खरीदारी से जुड़े फैसलों को भी प्रभावित कर रहा है।

बाजार विश्लेषण फर्म मैकेंजी की एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक स्तर पर खरीदारी के फैसलों में एआईकी भूमिका तेजी से बढ़ी है। एआई का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता इसे पारंपरिक सर्च इंजन और यहां तक कि दोस्तों व परिवार की सलाह से भी अधिक प्रभावशाली मान रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एआई का इस्तेमाल करने वाले करीब एक-तिहाई खरीदारों ने माना कि उनकी हालिया खरीदारी के फैसले में इन टूल की सबसे अहम भूमिका रही। वैश्विक स्तर पर एआई का उपयोग करने वाले उपभोक्ता पारंपरिक सर्च इंजनों के मुकाबले एआई सर्च टूल को 3.2 गुना अधिक प्रभावशाली मानते हैं।

वहीं, दोस्तों और परिवार की सलाह की तुलना में भी वे एआई टूल को 2.6 गुना अधिक अहमियत देते हैं। करीब 29 प्रतिशत खरीदारों ने बताया कि उनकी हालिया खरीदारी में एआई टूल का सबसे बड़ा योगदान रहा। यह प्रभाव रिटेलर प्लेटफार्म, रिव्यू वेबसाइटों, सर्च इंजनों और दोस्तों या परिवार की सलाह से भी अधिक पाया गया।

खरीदारी की शुरुआत से लेकर भुगतान तक एआई की भूमिका

जून 2026 में किए गए इस सर्वे में 11 बाजारों के करीब 21 हजार उपभोक्ताओं को शामिल किया गया। इसमें सामने आया कि पिछले तीन महीनों में 56 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने खरीदारी के लिए स्वतंत्र एआई चैट या सर्च टूल का इस्तेमाल किया।

वहीं, 27 प्रतिशत ने खुदरा कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराए गए एआई शापिंग असिस्टेंट की मदद ली। करीब 15 प्रतिशत एआईयूजर्स ने भुगतान सहित खरीदारी पूरी करने या उसमें मदद के लिए इनका सहारा लिया, जबकि स्वतंत्र एआई टूल के मामले में यह आंकड़ा 14 प्रतिशत रहा।

आगे और बढ़ेगा एआई पर भरोसा

सर्वे में यह भी सामने आया कि ग्राहक आने वाले समय में खरीदारी पूरी करने के लिए एआई पर और अधिक भरोसा करने को तैयार हैं। खरीदारी की छह प्रमुख श्रेणियों में 21 से 30 प्रतिशत एआई यूजर्स ने कहा कि वे एआईटूल के जरिये अपना पूरा भुगतान और लेनदेन करने की अनुमति दे सकते हैं।

यह संख्या उन लोगों के अनुपात से करीब डेढ़ गुना है, जिन्होंने वास्तव में अब तक ऐसा किया है। वैश्विक स्तर पर 14 प्रतिशत एआई यूजर्स ने बताया कि वे खरीदारी पूरी करने के लिए एआई टूल का इस्तेमाल कर चुके हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 81 प्रतिशत एआई यूजर्स का कहना है कि इन टूल की मदद से उत्पादों के विकल्पों को छांटना और अपनी जरूरत के मुताबिक चुनाव करना आसान हो जाता है। वहीं, 80 प्रतिशत को बार-बार स्क्राल करने और अलग-अलग वेबसाइटों पर क्लिक करने से छुटकारा मिला है। करीब 79 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने माना कि एआई से उनका काफी समय बचता है।

ब्रांडों और कंपनियों के सामने भी चुनौती

मैकेंजी का मानना है कि एआई आधारित खरीदारी का चलन बढ़ने के साथ खुदरा कंपनियों और ब्रांडों के सामने भी नई चुनौती होगी। उन्हें अपने उत्पादों की जानकारी, कीमत, उपलब्धता और डिलीवरी से जुड़े आंकड़ों को अधिक सटीक और अद्यतन रखना होगा, ताकि एआई टूल ग्राहकों को सही जानकारी दे सकें।

मैकेंजी के सर्वे का गणित

– 56 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने खरीदारी के लिए आजमाए स्वतंत्र एआईचै ट और सर्च टूल
– 29% खरीदारों का दावा, हालिया खरीदारी में एआई टूल का योगदान बढ़ा
– 27% उपभोक्ताओं ने रिटेल कंपनियों के एआई टूल पर जताया भरोसा
– 15% यूजर्स ने सलाह से लेकर खरीदारी तक में एआई टूल की मदद ली
– 81% यूजर्स ने कहा एआई से उत्पाद का चयन आसान हो जाता है
– 80% ने कहा अलग-अलग वेबसाइटों पर जाने से छुटकारा मिलता है
– 79% लोगों ने कहा- एआई से उनका काफी समय बचता है

(समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)

तीन महीने से राशन न मिलने पर महिलाओं का प्रदर्शन:डोमा खास में स्वयं सहायता समूह को कोटे की दुकान देने की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

निचलौल ब्लॉक के डोमा खास गांव में तीन महीने से राशन नहीं मिलने पर सैकड़ों महिलाओं ने शनिवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने जय मां काली स्वयं सहायता समूह को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान देने की मांग की और एसडीएम अवनीश त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के लिए आपूर्ति निरीक्षक को निर्देश दिए हैं। प्रदर्शन कर रहीं समूह की महिलाओं ने बताया कि गांव में तीन महीने से राशन नहीं बांटा जा रहा है। विभागीय जांच में तत्कालीन कोटेदार पर सरकारी खाद्यान्न बेचने का मामला सामने आया था। इसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। महिलाओं ने कहा कि इससे गांव के राशन कार्डधारकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि पहले से चल रहे स्वयं सहायता समूह को नियमानुसार दुकान दी जाए, ताकि पात्र कार्डधारकों को समय पर राशन मिल सके। एसडीएम अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि जांच के लिए आपूर्ति निरीक्षक इंद्रभान को निर्देश दिए गए हैं। आपूर्ति निरीक्षक ने बताया कि डोमा के कोटेदार ने अक्टूबर का राशन गायब कर दिया था। रिकवरी के दौरान खाद्यान्न नहीं देने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। दुकान का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। फिलहाल डोमा की राशन दुकान को बढ़या मुस्तकीम की दुकान से जोड़ दिया गया है। कोटेदार को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। उसका जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर लाइसेंस रद्द किया जाएगा। इसके बाद गांव में खुली बैठक कर नियमानुसार स्वयं सहायता समूहों के चयन की प्रक्रिया होगी। इसमें पहले से चल रहे समूह को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदर्शन में जाहिद अली, बिंदा गुप्ता, नर्बदा, जीत कुमारी, कुसुम, सुनीता, गीता, उर्मिला, मालती, प्रतिभा, जोखनी, शोभा, केवली, सोना, राजवंती, ललिता और लालती देवी सहित कई महिलाएं शामिल रहीं।

सोनहा पुलिस ने आतिशबाजी की दुकानों का निरीक्षण किया:थानाध्यक्ष महेश सिंह ने दुकानदारों को सुरक्षा नियम मानने और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की

दीपावली और छठ पर्व से पहले सोनहा पुलिस ने 31 अक्टूबर 2026 को थाना क्षेत्र की लाइसेंसी आतिशबाजी दुकानों का निरीक्षण किया। थानाध्यक्ष महेश सिंह ने पुलिस टीम के साथ यह जांच की।
निरीक्षण के दौरान दुकानों में सुरक्षा उपकरण पर्याप्त पाए गए। महेश सिंह ने दुकानदारों को आग से बचाव के लिए बालू, पानी और अग्निशमन यंत्र रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने दुकानों के आसपास धूम्रपान पर रोक लगाने और तय मात्रा से ज्यादा आतिशबाजी का सामान जमा नहीं करने को कहा। दुकानदारों को सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी।
महेश सिंह ने लोगों से दीपावली पर आतिशबाजी सावधानी से करने की अपील की। पुलिस ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।

8 रुपये लीटर महंगा हुआ नंदिनी दूध, क्या होटलों में महंगा होगा खाना-पीना?

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बेंगलुरु के निवासियों की जेब पर जल्द अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। कर्नाटक सरकार द्वारा राज्य के लोकप्रिय ब्रांड नंदिनी दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी के फैसले के बाद, शहर के होटलों, कैफे और रेस्टोरेंट में चाय, कॉफी और नाश्ते के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है।

1 नवंबर से लागू होंगी नई दरें

कर्नाटक कैबिनेट ने 29 अक्टूबर को नंदिनी दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि को मंजूरी दी थी। इस संशोधन के बाद, सामान्य टोन्ड दूध की कीमत 46 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। नई दरें 1 नवंबर से प्रभावी होंगी।

पीटीआई के अनुसार, इस बढ़ोतरी में से 7 रुपये प्रति लीटर का सीधा लाभ डेयरी किसानों को दिया जाएगा। वहीं शेष 1 रुपया दूध यूनियनों को मिलेगा। दूध यूनियनों ने पशुओं के चारे, दवाओं, परिवहन और पैकेजिंग की बढ़ती लागत के कारण मूल्य वृद्धि की मांग की थी।

होटल एसोसिएशन ने दी चेतावनी

दूध की कीमतों में इस अचानक वृद्धि के बाद बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मेन्यू की दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि दूध के दाम 2-3 रुपये प्रति लीटर बढ़ते, तो वे इसका बोझ खुद वहन कर लेते और ग्राहकों पर कीमतों नहीं बढ़ाते।

हालांकि, 8 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी के कारण दूध से बनने वाले सभी खाद्य और पेय पदार्थों के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है।

ग्राहकों पर पड़ेगा सीधा असर

दूध के अलावा अन्य आवश्यक वस्तुओं और परिचालन लागतों में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में बेंगलुरु के लोगों को बेकरी, साउथ इंडियन टिफिन सेंटर्स और स्थानीय कैफे में अपने दैनिक नाश्ते के लिए अधिक भुगतान करना होगा।

हालांकि, एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 नवंबर से ही हर रेस्तरां तुरंत कीमतें नहीं बढ़ाएगा। प्रत्येक होटल मालिक अपनी दैनिक खपत, परिचालन खर्चों और लाभ मार्जिन का मूल्यांकन करने के बाद ही संशोधित दरों को लागू करेगा।

बूंदाबांदी के बाद कई इलाकों की बिजली गुल:श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक में बेगमपुर, हरबसपुर चौराहा और बघमरी में बिजली बंद

श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक में हल्की बूंदाबांदी के बाद बिजली बंद हो गई। बेगमपुर पंचायत, हरबसपुर चौराहा, बघमरी और आसपास के इलाकों में अंधेरा छा गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बूंदाबांदी शुरू होने के बाद बिजली बंद कर दी गई। काफी समय बीतने के बाद भी बिजली चालू नहीं हुई।
बिजली न होने से लोगों के घरेलू कामकाज के साथ दुकानदारों और अन्य उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से सप्लाई जल्द चालू करने और बारिश के दौरान बार-बार बिजली बंद होने की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

‘राहुल गांधी को जीवन भर ‘नकली PM’ बनाए रखें’, CEC के खिलाफ INDI गठबंधन के जन-महाभियोग पर BJP का तंज

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर हमला लिया। उन्होंने वोट चोरी का जिक्र करते हुए कहा, देश में पहली वोट चोटी नेहरू जी के समय हुई। सरदार पटेल को पीएम बनाने के लिए वोटिंग हुई थी, लेकिन सरदार पटेल के वोट चोरी कर नेहरू प्रधानमंत्री बने।

संबित पात्रा ने कहा कि कुछ आरोप लगाए गए हैं, SIR को लेकर, सीईसी को लेकर, आज कांग्रेस पार्टी और उनके कुछ सहयोगी दल लोकतंत्र के साथ मजाक कर रहे हैं। ये लोग असली संसद में हंगामा करते हैं और वहां काम नहीं करने देते हैं।

नेहरू वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने- संबित पात्रा

उन्होंने कहा कि आज वोट चोरी को लेकर जब मल्लिकार्जुन खरगे बोल रहे थे तो मैंने सोचा कि हां वोट चोरी हुई थी, पंडित नेहरू वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने थे। कांग्रेस पार्टी मॉक पार्लियामेंट कर रही है और पहली वोट चोरी नेहरू जी ने की थी।

संबित पात्रा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि 13 करोड़ लोगों का भारत में वोट काटा गया है। अगर ऐसा होगा तो वे 13 करोड़ लोग सड़कों पर उतर आएंगे।

कांग्रेस संसद का मजाक उड़ा रही- संबित पात्रा

कांग्रेस पार्टी अभी जो ड्रामा कर रही है, यह ‘नकली संसद’, असल में संसद का ही मजाक उड़ा रही है। वहां मौजूद सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों को यह सुन लेना चाहिए। अभी SIR प्रक्रिया चल रही है। कई राज्यों में, 13 करोड़ लोगों के नाम अभी तक अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। ऐसा क्यों है? यह ‘ASDD’ फॉर्मूला क्या है? ‘A’ का मतलब है ‘Absent’ (अनुपस्थित)।

एक अधिकारी होता है जिसे BLO कहा जाता है। BLO एक ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ के लिए जिम्मेदार होता है, जिसे हर व्यक्ति को भरना होता है। BLO इस फॉर्म के साथ आपके घर तीन बार आता है।

अगर आप इन तीनों मौकों में से किसी पर भी मौजूद नहीं होते हैं, तो आपको ‘अनुपस्थित’ मान लिया जाता है, और आपका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाता है। और ‘ASDD’ में ‘S’ का क्या मतलब है? इसका मतलब है ‘Shifted’ यानी हमेशा के लिए कहीं और चले जाना।

भारत में अब तक 12 बार SIR किया गया- पात्रा

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, भारत में 12 बार SIR किया गया है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुआ था। ASDD श्रेणी में ‘D’ का मतलब ‘डेथ’ (मृत्यु) है, इसके तहत अब 2.8 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को साफ-सुथरा रखने के लिए की जाती है। आप ही बताइए, क्या ये नाम बहुत पहले ही नहीं हटा दिए जाने चाहिए थे?

बंगाल में, ‘घोस्ट वोटिंग’ के लिए अनगिनत मृत लोगों के नामों का इस्तेमाल किया जा रहा था। ममता बनर्जी के पास इसका पूरा हिसाब था, उन्हें ठीक-ठीक पता था कि किसी खास इलाके, मोहल्ले या कॉलोनी में कितने लोगों की मौत हुई है। इसके लिए बाकायदा लिस्ट तैयार की जाती थी और चुनाव के दिन TMC कार्यकर्ता जाकर ये ‘फर्जी वोट’ डाल देते थे।

SIR के जरिए फर्जी वोटिंग नहीं हो पाई- पात्रा

इस बार, SIR के जरिए ऐसी फर्जी वोटिंग नहीं हो पाई, क्योंकि मृत लोगों के नाम हटा दिए गए थे। इसीलिए आज जो हताशा देखने को मिल रही है, वह एक स्वाभाविक नतीजा है। मैंने इन 13 करोड़ लोगों का पूरा ब्योरा दिया है। जो लोग स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं, उनमें से 6 करोड़ लोगों ने पहले ही आवेदन करके फिर से रजिस्ट्रेशन करा लिया है, जबकि बाकी लोग ‘फॉर्म 6’ भरकर ऐसा करने की प्रक्रिया में हैं।

यहां तक कि जिन्हें ‘अनुपस्थित’ के रूप में चिह्नित किया गया है, वे भी फिर से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। फिर भी, कुछ लोग फॉर्म नहीं भर रहे हैं। जबकि उन्हें पूरी प्रक्रिया पता है और उनके घरों तक फॉर्म पहुंचाए भी गए हैं, फिर भी वे उन्हें नहीं भरते। यहां तक कि उन्हें भेजे गए नोटिस को भी वे अनदेखा कर देते हैं। कोई पूछ सकता है कि ऐसा क्यों? असल में, ये घुसपैठिए हैं।

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बच्चे की मौत के मामले में चालक गिरफ्तार:पुरंदरपुर पुलिस ने रानीपुर चौराहे के आगे पुल के पास पकड़ा; जांच में धारा 106(1) की जगह 105 बीएनएस जोड़ी

महराजगंज के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र में बच्चे की मौत के मामले में वांछित वाहन चालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के लापरवाही से वाहन चला रहा था। इसी दौरान हुए हादसे में बच्चे की मौत हो गई थी।
पुलिस ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 106(1) बीएनएस की जगह धारा 105 बीएनएस जोड़ी है।
पुलिस के अनुसार, रघुनाथपुर गांव के टोला कोदईपुर उर्फ गिदहा निवासी मंजेश पासवान (26), पुत्र रामचंद्र पासवान, मामले में वांछित था। उसे 30 अक्टूबर को रानीपुर चौराहे से आगे पुल के पास गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को अदालत भेज दिया। थाना अध्यक्ष गौरव राय कन्नौजिया ने बताया कि आरोपी को जरूरी कार्रवाई के बाद अदालत भेजा गया।

ब्लॉक प्रमुख अभिषेक कुमार पैड़ा धाम आश्रम पहुंचे:गोविंद दास जी महाराज का हाल जानने के लिए भाजपा के जिला पदाधिकारी भी साथ आए

बस्ती साऊघाट ब्लॉक प्रमुख अभिषेक कुमार एवं महामंत्री पैड़ा धाम आश्रम पहुंचे। वे पूज्य पैड़ा वाले बाबा जी का विगत कुछ दिन पहले उनके अचानक तबीयत खराब हुई जिसको लेकर जिला अस्पताल और काली-काली के बाद लखनऊ रेफर किया गया उसके बाद उनकी तबीयत ठीक होने के पश्चात वह अपने आश्रम पर पहुंचे आज शाम को गोविंद जी महाराज जी का हाल-चाल जानने पहुंचे हाल-चाल जानने आए थे। उनके साथ भाजपा अनुसूचित मोर्चा के बस्ती जिला अध्यक्ष प्रभु दयाल वर्मा और भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिला अध्यक्ष विनय यादव भी थे।