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बूंदाबांदी के बाद कई इलाकों की बिजली गुल:श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक में बेगमपुर, हरबसपुर चौराहा और बघमरी में बिजली बंद

श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक में हल्की बूंदाबांदी के बाद बिजली बंद हो गई। बेगमपुर पंचायत, हरबसपुर चौराहा, बघमरी और आसपास के इलाकों में अंधेरा छा गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बूंदाबांदी शुरू होने के बाद बिजली बंद कर दी गई। काफी समय बीतने के बाद भी बिजली चालू नहीं हुई।
बिजली न होने से लोगों के घरेलू कामकाज के साथ दुकानदारों और अन्य उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से सप्लाई जल्द चालू करने और बारिश के दौरान बार-बार बिजली बंद होने की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

‘राहुल गांधी को जीवन भर ‘नकली PM’ बनाए रखें’, CEC के खिलाफ INDI गठबंधन के जन-महाभियोग पर BJP का तंज

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर हमला लिया। उन्होंने वोट चोरी का जिक्र करते हुए कहा, देश में पहली वोट चोटी नेहरू जी के समय हुई। सरदार पटेल को पीएम बनाने के लिए वोटिंग हुई थी, लेकिन सरदार पटेल के वोट चोरी कर नेहरू प्रधानमंत्री बने।

संबित पात्रा ने कहा कि कुछ आरोप लगाए गए हैं, SIR को लेकर, सीईसी को लेकर, आज कांग्रेस पार्टी और उनके कुछ सहयोगी दल लोकतंत्र के साथ मजाक कर रहे हैं। ये लोग असली संसद में हंगामा करते हैं और वहां काम नहीं करने देते हैं।

नेहरू वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने- संबित पात्रा

उन्होंने कहा कि आज वोट चोरी को लेकर जब मल्लिकार्जुन खरगे बोल रहे थे तो मैंने सोचा कि हां वोट चोरी हुई थी, पंडित नेहरू वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने थे। कांग्रेस पार्टी मॉक पार्लियामेंट कर रही है और पहली वोट चोरी नेहरू जी ने की थी।

संबित पात्रा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि 13 करोड़ लोगों का भारत में वोट काटा गया है। अगर ऐसा होगा तो वे 13 करोड़ लोग सड़कों पर उतर आएंगे।

कांग्रेस संसद का मजाक उड़ा रही- संबित पात्रा

कांग्रेस पार्टी अभी जो ड्रामा कर रही है, यह ‘नकली संसद’, असल में संसद का ही मजाक उड़ा रही है। वहां मौजूद सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों को यह सुन लेना चाहिए। अभी SIR प्रक्रिया चल रही है। कई राज्यों में, 13 करोड़ लोगों के नाम अभी तक अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। ऐसा क्यों है? यह ‘ASDD’ फॉर्मूला क्या है? ‘A’ का मतलब है ‘Absent’ (अनुपस्थित)।

एक अधिकारी होता है जिसे BLO कहा जाता है। BLO एक ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ के लिए जिम्मेदार होता है, जिसे हर व्यक्ति को भरना होता है। BLO इस फॉर्म के साथ आपके घर तीन बार आता है।

अगर आप इन तीनों मौकों में से किसी पर भी मौजूद नहीं होते हैं, तो आपको ‘अनुपस्थित’ मान लिया जाता है, और आपका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाता है। और ‘ASDD’ में ‘S’ का क्या मतलब है? इसका मतलब है ‘Shifted’ यानी हमेशा के लिए कहीं और चले जाना।

भारत में अब तक 12 बार SIR किया गया- पात्रा

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, भारत में 12 बार SIR किया गया है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुआ था। ASDD श्रेणी में ‘D’ का मतलब ‘डेथ’ (मृत्यु) है, इसके तहत अब 2.8 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को साफ-सुथरा रखने के लिए की जाती है। आप ही बताइए, क्या ये नाम बहुत पहले ही नहीं हटा दिए जाने चाहिए थे?

बंगाल में, ‘घोस्ट वोटिंग’ के लिए अनगिनत मृत लोगों के नामों का इस्तेमाल किया जा रहा था। ममता बनर्जी के पास इसका पूरा हिसाब था, उन्हें ठीक-ठीक पता था कि किसी खास इलाके, मोहल्ले या कॉलोनी में कितने लोगों की मौत हुई है। इसके लिए बाकायदा लिस्ट तैयार की जाती थी और चुनाव के दिन TMC कार्यकर्ता जाकर ये ‘फर्जी वोट’ डाल देते थे।

SIR के जरिए फर्जी वोटिंग नहीं हो पाई- पात्रा

इस बार, SIR के जरिए ऐसी फर्जी वोटिंग नहीं हो पाई, क्योंकि मृत लोगों के नाम हटा दिए गए थे। इसीलिए आज जो हताशा देखने को मिल रही है, वह एक स्वाभाविक नतीजा है। मैंने इन 13 करोड़ लोगों का पूरा ब्योरा दिया है। जो लोग स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं, उनमें से 6 करोड़ लोगों ने पहले ही आवेदन करके फिर से रजिस्ट्रेशन करा लिया है, जबकि बाकी लोग ‘फॉर्म 6’ भरकर ऐसा करने की प्रक्रिया में हैं।

यहां तक कि जिन्हें ‘अनुपस्थित’ के रूप में चिह्नित किया गया है, वे भी फिर से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। फिर भी, कुछ लोग फॉर्म नहीं भर रहे हैं। जबकि उन्हें पूरी प्रक्रिया पता है और उनके घरों तक फॉर्म पहुंचाए भी गए हैं, फिर भी वे उन्हें नहीं भरते। यहां तक कि उन्हें भेजे गए नोटिस को भी वे अनदेखा कर देते हैं। कोई पूछ सकता है कि ऐसा क्यों? असल में, ये घुसपैठिए हैं।

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बच्चे की मौत के मामले में चालक गिरफ्तार:पुरंदरपुर पुलिस ने रानीपुर चौराहे के आगे पुल के पास पकड़ा; जांच में धारा 106(1) की जगह 105 बीएनएस जोड़ी

महराजगंज के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र में बच्चे की मौत के मामले में वांछित वाहन चालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के लापरवाही से वाहन चला रहा था। इसी दौरान हुए हादसे में बच्चे की मौत हो गई थी।
पुलिस ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 106(1) बीएनएस की जगह धारा 105 बीएनएस जोड़ी है।
पुलिस के अनुसार, रघुनाथपुर गांव के टोला कोदईपुर उर्फ गिदहा निवासी मंजेश पासवान (26), पुत्र रामचंद्र पासवान, मामले में वांछित था। उसे 30 अक्टूबर को रानीपुर चौराहे से आगे पुल के पास गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को अदालत भेज दिया। थाना अध्यक्ष गौरव राय कन्नौजिया ने बताया कि आरोपी को जरूरी कार्रवाई के बाद अदालत भेजा गया।

ब्लॉक प्रमुख अभिषेक कुमार पैड़ा धाम आश्रम पहुंचे:गोविंद दास जी महाराज का हाल जानने के लिए भाजपा के जिला पदाधिकारी भी साथ आए

बस्ती साऊघाट ब्लॉक प्रमुख अभिषेक कुमार एवं महामंत्री पैड़ा धाम आश्रम पहुंचे। वे पूज्य पैड़ा वाले बाबा जी का विगत कुछ दिन पहले उनके अचानक तबीयत खराब हुई जिसको लेकर जिला अस्पताल और काली-काली के बाद लखनऊ रेफर किया गया उसके बाद उनकी तबीयत ठीक होने के पश्चात वह अपने आश्रम पर पहुंचे आज शाम को गोविंद जी महाराज जी का हाल-चाल जानने पहुंचे हाल-चाल जानने आए थे। उनके साथ भाजपा अनुसूचित मोर्चा के बस्ती जिला अध्यक्ष प्रभु दयाल वर्मा और भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिला अध्यक्ष विनय यादव भी थे।

कीट-पतंगों से फसलों को मिलेगी राहत, 10 साल के शोध के बाद तैयार हुआ देश का पहला स्वदेशी कीटनाशक

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। फसलों को कीट-पतंगों से बचाने के लिए खेती को नया विकल्प मिलने जा रहा है। देश में विकसित एक नए कीटनाशक को धान, मिर्च, टमाटर और चना में इस्तेमाल की मंजूरी मिली है। हालांकि, इस पर किसानों का भरोसा तभी बढ़ेगा जब खेतों में इसके प्रभावी एवं सुरक्षित इस्तेमाल के साथ लागत तथा फसल की उपज पर पड़ने वाले असर के ठोस नतीजे सामने आएंगे।

पीआइ इंडस्ट्रीज ने मालिक्यूल पियोक्सानिलिप्रोले नाम की कीटनाशक को लगभग एक दशक की मेहनत से विकसित किया है। दावा किया है कि भारत में खोजा गया यह पहला स्वदेशी कीटनाशक है। इसे छह नवंबर को बाजार में उतारने की तैयारी है। अभी इसका इस्तेमाल चुनिंदा क्षेत्रों में किया जाएगा।

कंपनी का कहना है कि पहले सीमित मात्रा में दवा उपलब्ध कराकर किसानों के खेतों में इसका प्रदर्शन किया जाएगा और उनके अनुभव जुटाए जाएंगे। पिछले आठ दशकों से पीआई इंडस्ट्रीज भारतीय कृषि विश्वविद्यालयों एवं वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम कर रही है।

कीटनाशक को धान में तना छेदक, पत्ती लपेटक और फाल आर्मीवर्म जैसे कीटों के नियंत्रण के लिए मंजूरी मिली है। मिर्च में फल छेदक और तंबाकू की इल्ली, टमाटर में फल छेदक तथा चने में फली छेदक इसके लक्षित कीट हैं। इससे किसानों को फसल के अनुसार कीट नियंत्रण का एक नया विकल्प मिल सकता है।

नई दवा का इस्तेमाल करने से पहले किसानों को इसकी कीमत, प्रति एकड़ जरूरी मात्रा और छिड़काव के सही समय की जानकारी लेनी होगी। यह भी देखना होगा कि दूसरी प्रचलित दवाओं की तुलना में इससे कितना लाभ मिलता है। केवल नई तकनीक या स्वदेश में विकास के आधार पर किसी दवा को बेहतर नहीं माना जा सकता।

प्रारंभ में एक लाख किसानों तक पहुंचने, नमूने बांटने और खेतों में प्रदर्शन करने की तैयारी है। इससे अलग-अलग मिट्टी और माहौल में दवा के प्रदर्शन को समझने में मदद मिल सकती है। किसानों के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि दवा का असर कितने समय तक रहता है और कीटों के दोबारा प्रकोप की स्थिति में क्या करना चाहिए।

कृषि रसायनों के विकास में प्रयोगशाला अनुसंधान, विषाक्तता की जांच, खेतों में परीक्षण और नियामकीय मंजूरी जैसी लंबी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। इस नए अणु को विकसित करने में भी दस साल से अधिक समय लगा है। भारत में विकसित इस कीटनाशक को भविष्य में दूसरे देशों में भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके लिए अलग-अलग देशों की नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

Jamunaha Power Outage | 33KV Line Fault Repair Work Continues

जमुनहा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में 24 घंटे से अधिक समय से बिजली गुल है। बिजली विभाग की टीम 33 केवी मेन लाइन की मरम्मत कर रही है।

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बिजली न होने से ग्रामीणों के रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ रहा है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 33 केवी मेन लाइन में फॉल्ट आने से बिजली बंद हुई।

लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण फॉल्ट का पता लगाने और उसे ठीक करने में समय लगा। फिलहाल टीम लाइन दुरुस्त करने में जुटी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि मरम्मत पूरी होते ही बिजली बहाल हो जाएगी।

लाइन ठीक होने के बाद जमुनहा, भगवानपुर लहौर, फतेहपुर बनगई, बरगदहा समेत कई दर्जन गांवों में बिजली मिलने लगेगी।

उमर अब्दुल्ला ही नहीं, इन दिग्गज मुख्यमंत्रियों ने भी रचाई दूसरी शादी; तीसरे नंबर वाले CM पर नहीं होगा यकीन

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से शादी कर ली है। दोनों ने सोशल मीडिया पर अपने विवाह समारोह की तस्वीरें साझा कर अपने रिश्ते को आधिकारिक रूप दे दिया है। उमर अब्दुल्ला का अपनी पहली पत्नी से जुलाई 2026 में तलाक हुआ था। उमर ने निधि से दूसरी शादी की है।

भारत के राजनीतिक इतिहास में ऐसे कई मौके आए हैं जब मुख्यमंत्रियों ने अपनी पहली पत्नी के निधन, तलाक या अन्य पारिवारिक कारणों से दूसरी शादी रचाई है। इनमें से कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए दूसरी शादी की, तो कुछ ने कार्यकाल खत्म होने के बाद या अपने राजनीतिक सफर के दौरान दूसरी शादी की।

मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए दूसरी शादी करने वाले नेता

भगवंत मान (पंजाब)

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए 7 जुलाई 2022 को डॉ. गुरप्रीत कौर से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से तलाक होने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ में एक समारोह में गुरप्रीत कौर के साथ सात फेरे लिए थे।

डॉ. यशवंत सिंह परमार (हिमाचल प्रदेश)

हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने अपनी पहली पत्नी चंद्रवती परमार के निधन के बाद वर्ष 1974 में 65 वर्ष की उम्र में दूसरी शादी की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अपने आधिकारिक आवास ओक ओवर से सत्यावती डांग के साथ विवाह रचाया था।

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प्रफुल्ल कुमार महंत (असम)

असम के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत पहली बार दिसंबर 1985 में राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। अपने इस कार्यकाल के दौरान ही वर्ष 1988 में उन्होंने जयश्री गोस्वामी महंत से शादी की थी। जयश्री गोस्वामी आगे चलकर एक प्रसिद्ध लेखिका बनीं और उन्होंने 1999 से 2001 तक राज्यसभा में असम का प्रतिनिधित्व भी किया।

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वीरभद्र सिंह (हिमाचल प्रदेश)

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पहली बार 1983 में राज्य की कमान संभालने के बाद 1990 तक इस पद पर रहे। अपने इसी पहले कार्यकाल के दौरान वर्ष 1985 में उन्होंने प्रतिभा सिंह के साथ अपनी दूसरी शादी रचाई थी। प्रतिभा सिंह बाद में खुद भी राजनीति में सक्रिय हुईं और सांसद बनीं।

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एच. डी. कुमारस्वामी (कर्नाटक)

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने अपनी पहली पत्नी अनीता कुमारस्वामी के होते हुए वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री रहते हुए कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री राधिका से गुप्त रूप से दूसरी शादी की थी। हालांकि, उस समय उन्होंने इसका सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया था, लेकिन वर्ष 2010 में राधिका ने स्वयं इस शादी की जानकारी सार्वजनिक की थी।

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कुर्सी छोड़ने या राजनीतिक जीवन के दौरान दूसरी शादी करने वाले नेता

नारायण दत्त तिवारी (उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड)

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री रह चुके नारायण दत्त तिवारी की पहली पत्नी सुशीला का निधन वर्ष 1991 में हो गया था। मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के लंबे समय बाद, मई 2014 में 88 वर्ष की उम्र में उन्होंने लखनऊ में उज्ज्वला शर्मा के साथ दूसरी शादी रचाई थी।

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बिप्लब कुमार देब (त्रिपुरा)

त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने 19 जून 2026 को कन्नड़ अभिनेत्री त्रिवेणी राव के साथ दूसरी शादी की। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उनकी इस दूसरी शादी की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई।

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एन. टी. रामाराव (आंध्र प्रदेश)

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज अभिनेता एन. टी. रामाराव (एनटीआर) की पहली पत्नी बासव तारकम का निधन 1985 में हो गया था। इसके बाद, अपने राजनीतिक जीवन के चरम दौर में वर्ष 1993 में उन्होंने तेलुगु लेखिका लक्ष्मी पार्वती से दूसरी शादी की थी। इस शादी के बाद आंध्र प्रदेश की राजनीति में काफी फेरबदल देखने को मिले थे।

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मुलायम सिंह यादव (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी थीं। पहली पत्नी के जीवनकाल के दौरान ही साधना गुप्ता के साथ उनके संबंध चर्चा में रहे, जिन्हें बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनाया और अपने परिवार व राजनीतिक जीवन का हिस्सा बनाया। मुलायम सिंह यादव ने साधना गुप्ता से 23 मई 2003 को शादी की थी।

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दिग्विजय सिंह (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की पहली पत्नी आशा सिंह का वर्ष 2013 में कैंसर के कारण निधन हो गया था। इसके बाद, सितंबर 2015 में 68 वर्ष की उम्र में उन्होंने टीवी पत्रकार अमृता राय के साथ चेन्नई में हिंदू रीति-रिवाजों से दूसरी शादी की थी।

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महराजगंज में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन:हाईकोर्ट प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी

महराजगंज मे हाईकोर्ट प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश सामने आया। सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने बाइक रैली निकालकर काले झंडे दिखाए और विरोध जताया। उन्होंने अधिवक्ताओं के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाते हुए चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद आयोजित आमसभा में अधिवक्ताओं ने एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक प्रत्येक शनिवार को विरोध प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। आमसभा में पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, अनूप सिंह, एडवोकेट गणेश प्रसाद, सत्य प्रकाश सिंह, वकील प्रजापति, वरिष्ठ अधिवक्ता मिश्र, संतोष पटेल, सुरेंद्र सिंह गांधी, महताब, अभिजीत सिंह, जमशेद आलम, द्विजेंद्र दुबे, हरेंद्र मिश्रा, कैलाश अग्निहोत्री, कौशल किशोर पांडेय, दयाराम चौधरी, आशीष शुक्ला, महेंद्र पांडेय, गिरिजेश मिश्रा और अरुण सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

सांसद-विधायक ने सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया:बस्ती के पड़रिया दत्तू खेल मैदान में जयंती पर कार्यक्रम, ग्राम प्रधान शिवेन्द्र चौधरी ने किया संयोजन

बस्ती के पड़रिया दत्तू खेल मैदान में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। सांसद राम प्रसाद चौधरी और विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने प्रतिमा का अनावरण कर पुष्प अर्पित किए।
रुधौली विधानसभा क्षेत्र के दसिया-महनुआ मार्ग पर स्थित खेल मैदान में हुए कार्यक्रम का संयोजन ग्राम प्रधान शिवेन्द्र चौधरी ने किया। इसमें जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम में अतिथियों ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पटेल ने सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में भूमिका निभाई।
मौजूद लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और अखंडता मजबूत करने का आह्वान किया गया।

‘इच्छा पूरी नहीं कर सकीं’, YS जगन रेड्डी के मना करने पर बहन शर्मिला ने बदला बेटी की शादी का वेन्यू

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डिजिटल डेस्क, अमरावती। आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने अपनी बेटी की शादी का वेन्यू बदल दिया है। यह फैसला उन्होंने तब लिया जब उनके भाई और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपनी बेंगलुरु वाली संपत्ति येलहंका पैलेस को शादी के लिए देने से साफ इनकार कर दिया था।

बता दें कि वाईएस शर्मिला अपनी बेटी अंजलि रेड्डी की शादी उसी घर में करना चाहती थीं, जहां वह पली-बढ़ीं और जहां उनके पिता दिवंगत वाईएस राजशेखर रेड्डी रहे थे।

शर्मिलना का दावा- घर मेरे और मेरे बच्चों के हिस्से में

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए वाईएस शर्मिला ने बेंगलुरु की येलहंका संपत्ति पर अपना पूरा हक जताया है। शर्मिला ने कहा कि भाई वाईएस जगन मोहन रेड्डी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा हुआ था, जिसमें यह संयुक्त संपत्ति पूरी तरह (100 प्रतिशत) उनके और उनके बच्चों के हिस्से में आई थी।

आंध्र कांग्रेस अध्यक्ष शर्मिला ने साफ शब्दों में कहा कि जो मेरा है, वह मेरा है, लेकिन दूसरे की संपत्ति हड़पने का लालच मेरे स्वभाव में नहीं है। यह सच है और भगवान इसके गवाह हैं।

जगन मोहन रेड्डी का इनकार

दूसरी ओर, जगन मोहन रेड्डी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी इस संपत्ति को शादी के लिए देने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि शादी में बड़ी संख्या में मेहमान, कैटरर्स, डेकोरेटर्स और अन्य लोग आएंगे, जिससे उनके घर की सुरक्षा और निजता प्रभावित हो सकती है। जगन ने पत्र में लिखा था कि अंत में यह उनका घर है और वे अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं।

शर्मिला ने क्या कहा?

भाई के इनकार के बाद वाईएस शर्मिला ने बेहद भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि हम अपनी बेटी की उस घर में शादी करने की इच्छा पूरी नहीं कर सके, जहां वह बड़ी हुई।

अपने बयान में शर्मिला ने आगे कहा कि एक बेटी की शादी अपने ही घर में होना माता-पिता के लिए सौभाग्य माना जाता है। हालांकि, विवादों से बचने और शादी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, इस जिम्मेदारी को समझते हुए उन्होंने वेन्यू बदलने का फैसला किया है।

अब कहां होगी शादी?

गौरतलब है कि अपने बयान में शर्मिला ने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी वाईएस अंजलि रेड्डी और सोमला रघुराम की शादी अब किसी अन्य तयशुदा वेन्यू पर, रिश्तेदारों, दोस्तों और शुभचिंतकों की मौजूदगी में बिना किसी विवाद के पूरी की जाएगी। उन्होंने तेलुगु लोगों से इस नए जोड़े को अपना आशीर्वाद देने की अपील की है।