ई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को एनडीए ने नौटंकी बताया है। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के सांसदों के साथ आकाशवाणी भवन के बाहर विरोध जताया। इस दौरान उनकी बहन व कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं।
आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि राहुल गांधी को अपने पद की गरिमा का कोई सम्मान नहीं है, चाहे वे कांग्रेस अध्यक्ष हों या विपक्ष के नेता। जब नीट का मुद्दा उठा तो उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वे अपने साथ संविधान की एक कॉपी लेकर चलते हैं। क्या संविधान बिना इजाजत कहीं भी विरोध प्रदर्शन शुरू करने या नौटंकी करने की अनुमति देता है? उन्हें इस तरह का ड्रामा करने की आदत हो गई है। जब ज्ञानेश कुमार पद पर नहीं थे, तब लोकसभा के चुनाव हुए।
शिवसेना नेता ने कहा कि चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने पहले ईवीएम पर सवाल उठाए, लेकिन सिद्ध नहीं कर पाए। इसके बाद जब मुद्दा नहीं मिला तो वोट चोरी का मुद्दा उठाया, लेकिन वह सिद्ध नहीं कर पाए। जब कुछ नहीं मिला तो वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वे चाहते हैं कि बोकस लोग वोट करे? जिन लोगों ने उन्हें वोट दिया है और जिनके वोटिंग के बदौलत वे जीते हैं। क्या वे छोड़ने को तैयार हैं? क्योंकि वे वोटर तब भी वहीं थे। अगर हर चीज पर आपत्ति है तो उन्हें खुद के चुने जाने पर भी आपत्ति होनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए क्योंकि उन्होंने पूरी तरह से एक ‘अर्बन नक्सल’ की भूमिका अपना ली है। वह विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को मिट्टी में मिला रहे हैं। भ्रम फैलाना और अराजकता पैदा करना ही उनका मकसद बन गया है.
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि राहुल गांधी का एकमात्र काम धरना देना ही रह गया है। अब उनके पास कोई और काम नहीं बचा है। रैलियां निकालने और झूठ बोलने के लिए राहुल गांधी को वहां इतनी देर तक बैठने की जरूरत नहीं है। वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जो कि अच्छी बात नहीं है क्योंकि बाबासाहेब अंबेडकर ने हमें संविधान दिया है। संविधान के अनुसार, चुनाव आयोग को गलत मतदाताओं के नाम हटाने का अधिकार है, जिसमें दो जगहों पर पंजीकृत मतदाता भी शामिल हैं। राहुल गांधी को चुनाव आयोग से बात करनी चाहिए। यह मामला चुनाव आयोग का है, सरकार का नहीं। हम उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग एक साफ-सुथरी मतदाता सूची तैयार करेगा।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026























