महराजगंज अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इसका असर अब भारत-नेपाल सीमा पर भी दिखाई देने लगा है। महराजगंज से सटी करीब 84 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सोनौली से लेकर ठूठीबारी तक एसएसबी के जवान दिन-रात मुस्तैदी से निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीण रास्तों पर भी गश्त बढ़ा दी मुख्य सीमा चौकियों के साथ ही पगडंडियों और ग्रामीण रास्तों पर भी गश्त बढ़ा दी गई है। धार्मिक स्थलों को मिली धमकी के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां किसी तरह की चूक नहीं होने देना चाहती हैं। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण सुरक्षा की चुनौती और बढ़ जाती है। इसे देखते हुए एसएसबी ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। सोनौली और ठूठीबारी बॉर्डर से भारत में प्रवेश करने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है। आने-जाने वालों पर नजर रखी संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के साथ उनके सामान की तलाशी ली जा रही है। डॉग स्क्वायड की मदद से सामान की जांच और सीसीटीवी कैमरों के जरिए आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। वहीं, मुख्य सीमा चौकियों से दूर जंगलों, पगडंडियों और ग्रामीण रास्तों पर भी एसएसबी के हथियारबंद जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। जवान दिन हो या रात, हर समय सीमा पर गश्त करते नजर आ रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में फ्लैग मार्च और रूट मार्च के जरिए भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है। खासतौर पर उन रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई है, जिनका इस्तेमाल तस्कर और संदिग्ध तत्व मुख्य सीमा चौकियों से बचकर आने-जाने के लिए कर सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या देशविरोधी तत्व खुली सीमा का फायदा उठाकर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश न कर सके। भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी फिलहाल धार्मिक स्थलों को मिली धमकी के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। एसएसबी के जवान हर गतिविधि पर नजर रखते हुए सीमा की सुरक्षा में जुटे हैं।
धार्मिक स्थलों को धमकी के बाद भारत-नेपाल सीमा पर गश्तबढ़ी:महराजगंज में 84 किलोमीटर सीमा पर SSB जवान तैनात
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