पीटीआई, नई दिल्ली। लोकसभा, विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव से जुड़े विधेयकों की जांच कर रही संसदीय समिति के सामने शुक्रवार को कई प्रमुख अर्थशास्त्री पेश हुए और उन्होंने अपने “महत्वपूर्ण सुझाव” दिए।
संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर गठित संयुक्त समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने बताया कि अर्थशास्त्रियों में एस.गुरुमूर्ति और शमिका रवि समेत अन्य लोग शामिल थे। चौधरी ने कहा,”प्रमुख अर्थशास्त्री हितधारकों के रूप में समिति के सामने पेश हुए। मेरा मानना है कि उनके सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।”
ये विधेयक दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश किए गए थे। इसके बाद इन्हें जांच और सुझावों के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति की चरणबद्ध तरीके से लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने की सिफारिश के बाद ये विधेयक तैयार किए गए। कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सदस्य थे।
