डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए बड़े आरोप लगाए। इसके बाद इन आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है।
भाजपा ने सोनिया गांधी को ‘इटावली चश्मा’ उतारकर पिछले 12 सालों में देश की तरक्की देखने की सलाह दी है। इसके साथ ही, भाजपा ने इमरजेंसी पर उनके बयानों और उनकी आने वाली आत्मकथा ‘बिलोंगिंग- ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर भी तीखे सवाल पूछे।
‘देखिए भारत की तरक्की’
सोनिया गांधी के आरोपों पर भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने कहा कि अगर आप अपना इटावली चश्मा उतार देंगी, तो आपको भारत साफ दिखाई देगा। चुघ ने कहा कि तब आपको सब का साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और 7.8 प्रतिशत की जीडीपी विकास दर के साथ एक वैश्विक ताकत के रूप में उभरता हुआ भारत दिखेगा।
कांग्रेस पर देश बांटने का आरोप
भाजपा ने कांग्रेस पर जाति, धर्म और वोट बैंक की राजनीति के जरिए देश को बांटने का आरोप लगाया। साथ ही मांग की कि सोनिया गांधी को अपनी आत्मकथा में अपने शासनकाल के कथित घोटालों, 1984 के सिख विरोधी दंगों और भोपाल गैस त्रासदी का जिक्र करना चाहिए।
बता दें कि हाल ही में एक इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने आरोप लगाया था कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने और संस्थाओं को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि मोदी सरकार के जाने के बाद भी देश की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने में समय लगेगा।
इमरजेंसी वाले बयान पर विवाद
इस दौरान 25 जून 1975 को लगी इमरजेंसी पर बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा था कि उस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों और बंदी प्रत्यक्षीकरण का निलंबन संवैधानिक तरीके से किया गया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें इंदिरा गांधी की हिंसक प्रदर्शनों और हालातों से जूझने की वह कशमकश समझ आती है।
‘बैटला हाउस और बाबरी पर बहाए आंसू’
दूसरी ओर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बैटला हाउस और बाबरी के लिए आंसू बहाती हैं। भंडारी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की टिप्पणियों से यह साबित होता है कि कांग्रेस प्रो बाबर और एंटी भगवान राम है और उनकी वोट बैंक की राजनीति लगातार हारती रहेगी।












