‘E20 बन गया 420’, वोट चोरी के बाद राहुल गांधी ने लगाया पेट्रोल चोरी का आरोप

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वोट चोरी के मुद्दे पर हफ्तों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि सरकार जनता की गाड़ियों से पेट्रोल चोरी कर रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार का दावा है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल है, लेकिन कांग्रेस शासित कर्नाटक के सात जिलों से लिए गए नमूनों की जांच में एथनॉल की मात्रा इससे कहीं अधिक पाई गई।

‘E20 बन गया 420’

एक्स एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “ई20 बन गया 420… जनता की गाड़ियों से पेट्रोल की चोरी!” यहां उनका इशारा पुराने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 की ओर था, जो धोखाधड़ी से संबंधित थी।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की अपनी चुनौती दोहराई। उन्होंने कहा कि इस चर्चा में एथनॉल ब्लेंडिंग के मुद्दे को भी शामिल किया जा सकता है। इससे पहले वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री पर बहस के लिए जोर दे रहे थे।

राहुल गांधी ने क्या दावा किया?

कांग्रेस सांसद ने दावा किया, “कर्नाटक सरकार ने 7 जिलों से पेट्रोल के नमूने लिए और उन्हें एक मान्यता प्राप्त लैब में जांच के लिए भेजा। नतीजों को देखिए 14 में से 11 नमूनों में 20 प्रतिशत से ज्यादा एथनॉल था। आईओसीएल में 31.2 प्रतिशत और एचपीसीएल में 30.5 प्रतिशत। आईओसीएल, एचपीसीएल, बीपीसीएल, नायरा, शेल चाहे वे सरकारी हों या निजी सभी ने तय सीमा को पार कर लिया है।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कंपनियों की अपनी प्रयोगशालाओं ने एथनॉल की मात्रा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। राहुल गांधी ने दावा किया कि एथनॉल की बहुत अधिक मात्रा मिलाने से वाहनों के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है, जिससे माइलेज कम हो सकती है और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ सकता है। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि पेट्रोल पंपों पर ऐसे लेबल क्यों नहीं हैं, जो पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा के बारे में बताते हों।

राहुल गांधी के सवाल

उन्होंने कहा, “मोदी जी, हमें बताएं देश की गाड़ियों के टैंक में क्या डाला जा रहा है? पेट्रोल में असल में कितना एथनॉल है? 20 प्रतिशत से ज्यादा एथनॉल मिलाने वाली कंपनियों के खिलाफ कब कार्रवाई की जाएगी?”

उनकी यह टिप्पणी कर्नाटक सरकार के उस आरोप के एक दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि प्रमुख तेल विपणन कंपनियां ऐसा पेट्रोल सप्लाई कर रही हैं, जिसमें इथेनॉल की मात्रा तय 20 प्रतिशत की सीमा से अधिक है। जांच में यह स्तर 31.2 प्रतिशत तक पाया गया। सरकार ने इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

हालाँकि, सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने कर्नाटक सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इन नतीजों तक पहुंचने के लिए अपनाई गई सैंपलिंग और टेस्टिंग प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई है।

तीनों कंपनियों ने कहा कि कर्नाटक सहित उनके रिटेल नेटवर्क में सप्लाई किया जाने वाला ई20 पेट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स के IS 17021 मानकों के अनुरूप है, जिसमें इथेनॉल की मात्रा 19-21 प्रतिशत होनी चाहिए।

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