उत्तराखंड के कारलीगाढ सहस्त्रधारा क्षेत्र में देर रात भारी बारिश के चलते बादल फटने की घटना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और त्वरित राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। डीएम सविन बंसल ने खुद मोर्चा संभालते हुए रात में ही विभागों से समन्वय कर रेस्क्यू टीमें मौके पर रवाना कीं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
बादल फटने की इस घटना में कुछ दुकानों के बह जाने की खबर है। हालांकि अब तक किसी की जान जाने की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने बताया कि दो लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
लगातार बारिश के कारण देहरादून और पिथौरागढ़ जिलों में सभी स्कूलों को 20 सितंबर तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। देहरादून जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है। वहीं, पिथौरागढ़ के धारचूला, मुनस्यारी और डीडीहाट तहसीलों में भी अवकाश घोषित किया गया। हालांकि, 16 सितंबर को होने वाली मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा नियत तिथि पर ही आयोजित की जाएगी।
मौसम विभाग ने 20 सितंबर तक राज्य में भारी बारिश की आशंका जताई है। 16 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। 17 सितंबर को देहरादून और बागेश्वर में अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है।
देहरादून की तमसा नदी के उफान पर आने से टपकेश्वर महादेव मंदिर जलमग्न हो गया है। मंदिर के पुजारी आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि सुबह 5 बजे से ही नदी का बहाव तेज हो गया था और पूरा परिसर पानी से भर गया। हालांकि मंदिर का गर्भगृह सुरक्षित है और अभी तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
उत्तराखंड शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों और संबंधित विभागों को सुरक्षा के मद्देनजर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों और पहाड़ी ढलानों के पास न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।












