भोपाल। मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी भोपाल में बीते 48 घंटों से रुक-रुक कर रिमझिम और तेज बारिश का दौर जारी है। वहीं, बुंदेलखंड अंचल के दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़ और खजुराहो में आसमान में काले बादलों का पहरा लगा हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि मानसूनी तंत्र सक्रिय रहने के कारण अभी कुछ दिनों तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
मूसलाधार बारिश के चलते नर्मदा समेत प्रदेश की प्रमुख नदियां और स्थानीय नाले पूरे उफान पर बह रहे हैं। स्थिति को देखते हुए भोपाल स्थित भदभदा डैम के सुरक्षा गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए तटीय इलाकों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है।
सीजन का कोटा फुल, फिर भी बरस रहे बादल
मौसम आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में इस साल औसत से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और शहडोल में सामान्य से 101% से लेकर 146% तक जलवृष्टि हो चुकी है, जिससे यहां के सभी प्राकृतिक जलस्रोत और जलाशय लबालब हो चुके हैं। इसके अलावा ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, अनूपपुर, उमरिया और बुरहानपुर में भी 90% से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञों ने 06 सितंबर 2026 (रविवार) को राज्य के सभी संभागों में मौसम का येलो अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के अंतर्गत आने वाले 15 जिलों में भारी वर्षा का अंदेशा जताया गया है।
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संभावित स्थिति: कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने, मेघ गर्जन और 40 से 50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।
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सुरक्षा निर्देश: प्रशासन ने नागरिकों से बहते पानी और उफनती पुल-पुलियों को पार न करने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया है।









































