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उज्जैन के विकास को मिल रहा हवाई विस्तार का नया आधार

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भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन में अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और अन्य यात्रियों के सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए दताना-मताना स्थित हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश का 10वां एयरपोर्ट होगा। सिंहस्थ-2028 से पूर्व इसके निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आरसीएस-उड़ान 5.2 योजना के तहत विकास कार्य जारी

दताना-मताना हवाई पट्टी का विकास केंद्र सरकार की आरसीएस-उड़ान 5.2 योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और राज्य सरकार के बीच एमओयू निष्पादित हो चुका है। परियोजना के लिए लगभग 120 एकड़ शासकीय भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित की जा चुकी है।

1800 मीटर रनवे से होगी शुरुआत, 2700 मीटर तक विस्तार का प्रावधान

दताना-मताना में वर्तमान हवाई पट्टी को 1800 मीटर रनवे के लिए विकसित किया जा रहा है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रनवे की लंबाई 27 मीटर तक बढ़ाये जाने की योजना है। इससे उज्जैन के लिए हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में महत्वपूर्ण कड़ी

सिंहस्थ-2028 उज्जैन के लिए देश और दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक होगा। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास सिंहस्थ की तैयारियों की महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक कड़ी है। एयरपोर्ट के माध्यम से उज्जैन तक हवाई मार्ग से पहुंचना अधिक सुगम होगा, जिससे बड़े आयोजन के दौरान यात्रियों को आवागमन का एक अतिरिक्त और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।

धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा विस्तार

बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में शामिल है। एयरपोर्ट के विकास से वर्षभर देश के विभिन्न हिस्सों से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ व्यापार, स्थानीय परिवहन, होटल, खान-पान और अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

प्रदेश में लगातार बढ़ रहा हवाई अधोसंरचना का दायरा

मध्यप्रदेश में हवाई अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2023-24 में प्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो सहित 5 प्रमुख एयरपोर्ट संचालित थे। वर्ष 2024-25 में रीवा, दतिया और सतना को जोड़ने के बाद इनकी संख्या 8 हो गई। इसके बाद शिवपुरी में नए एयरपोर्ट के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और दताना-मताना में एयरपोर्ट का विकास पूरा होने पर मध्यप्रदेश को अपना 10वां एयरपोर्ट प्राप्त होगा।

केंद्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में 5 नए एयरपोर्ट के विकास को भी मंजूरी दी गई है। प्रदेश में हवाई अधोसंरचना के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर प्रस्तावित कार्यों से आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।

मध्य प्रदेश के दो IAS अधिकारियों पर हाई कोर्ट सख्त, गिरफ्तारी वारंट जारी

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जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश की अवहेलना करने के मामले में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जिनमें तत्कालीन प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल और तत्कालीन सागर कलेक्टर संदीप जीआर शामिल हैं। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को आगामी 21 सितंबर 2026 को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।

क्या है पूरा मामला

यह पूरा विवाद सागर कलेक्टर कार्यालय की अनुभाग अधिकारी शीला सेन के नियमितीकरण से जुड़ा हुआ है। शीला सेन ने अपनी नौकरी के नियमितीकरण के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए 19 मार्च 2025 को अदालत ने राज्य सरकार और सागर कलेक्टर को 90 दिन के भीतर उनके दावे पर विचार कर उचित निर्णय लेने का आदेश दिया था। तय समय सीमा बीतने के बावजूद जब आदेश का पालन नहीं किया गया और न ही कोर्ट को कोई जानकारी दी गई, तो याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर कर दी।

अधिकारियों की गैर-हाजिरी और नाराजगी

हाईकोर्ट द्वारा सितंबर 2025 में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद दोनों अधिकारी न तो खुद पेश हुए और न ही उनके वकील ने कोई जवाब या अनुपालन रिपोर्ट पेश की। सागर कलेक्टर की ओर से केवल एक तहसीलदार को संपर्क अधिकारी नियुक्त करने का पत्र भेजा गया था, जिसे हाईकोर्ट ने नाकाफी माना। अदालत ने अधिकारियों के इस रवैये को बेहद गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि आदेश की अनदेखी करने पर अब गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

वारंट की तामील और जिम्मेदारी

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 21 सितंबर 2026 को दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश किया जाए। इस वारंट की तामील कराने की जिम्मेदारी भोपाल पुलिस कमिश्नर और सागर पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सौंपी गई है।

बांसवाड़ा में बहनों की सियासी एंट्री, एक बीजेपी से जीतीं तो दूसरी कांग्रेस से

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बांसवाड़ा। नगर परिषद चुनाव के परिणामों में कई हैरान करने वाले और दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं, जहाँ एक तरफ दो सगी बहनें अलग-अलग दलों से पार्षद चुनकर सदन पहुँची हैं, तो वहीं दूसरी ओर एक प्रत्याशी ने सातवीं बार जीत दर्ज कर अनोखा रिकॉर्ड बनाया है।

सदन में साथ बैठेंगी दो सगी बहनें

बांसवाड़ा नगर परिषद के वार्ड 42 से भाजपा उम्मीदवार गायत्री शर्मा ने जीत हासिल की है, जबकि उनकी अपनी बहन राजेश्वरी शर्मा ने वार्ड 54 से कांग्रेस के टिकट पर बाजी मारी है। यह पहला मौका होगा जब बांसवाड़ा निकाय के इतिहास में दो बहनें एक साथ पार्षद के रूप में सदन का हिस्सा बनेंगी। इससे पहले कांग्रेस नेता नाथूराम हरिजन और उनकी पुत्री देवबाला राठौड़ भी साथ रह चुके हैं।

सातवीं बार जीत का रिकॉर्ड और अनोखे संयोग

कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीतने वाली देवबाला राठौड़ ने लगातार सातवीं बार पार्षद बनकर एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इसके अलावा, चुनाव परिणामों में समान नामों को लेकर भी खासी चर्चा रही, जहाँ भाजपा से चांदनी लालवानी और चांदनी जैन समेत दो 'दिनेश' (दिनेश राणा और दिनेश पुरी) चुनाव जीते। इसी तरह कांग्रेस से भी गौतम मईड़ा और गौतम निनामा जैसे एक जैसे नाम वाले प्रत्याशी विजयी रहे।

दिग्गजों की वापसी और बीएपी का सूपड़ा साफ

कांग्रेस ने अपने पुराने पार्षदों में से छह को जिताने में सफलता पाई, जबकि छह अन्य पूर्व पार्षदों को हार का सामना करना पड़ा। वहीं भाजपा खेमे से युगल उपाध्याय, सोनिया वैष्णव और दीपक जोशी समेत कई पुराने चेहरों ने शानदार वापसी की है। दूसरी ओर, बांसवाड़ा में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने 19 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी इनमें से एक भी सीट पर जीत हासिल करने में नाकामयाब रही।

मॉडल स्कूल एवं आवासीय विद्यालयों की प्रगति की एसीएस ने की समीक्षा

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जयपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश यादव ने सोमवार को शासन सचिवालय में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल योजना सहित विभिन्न आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अध्यापकों एवं विद्यार्थियो की उपस्थिति, विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के नामांकन,मानव संसाधन,आधारभूत सुविधाओं तथा निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री यादव ने प्रदेश के मॉडल स्कूलों में रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मॉडल स्कूलों के परीक्षा परिणामों में और सुधार के लिए विषयवार विश्लेषण एवं आवश्यक शैक्षणिक गतिविधियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन भवनों में भूमि, बिजली, पानी एवं अन्य लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करते हुए कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भवन निर्माण के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। एसीएस ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल छात्रावास, पीएम-जनमन एवं डीएजेजीयूए के अंतर्गत संचालित एवं निर्माणाधीन छात्रावासों की प्रगति की भी समीक्षा की। केजीबीवी में कुल 51 हजार 950 विद्यार्थियों की क्षमता के विरुद्ध 46 हजार 668 बालिकाएं नामांकित हैं। वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों सहित अन्य आवासीय संस्थानों में भी नामांकन की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत स्वीकृत किए गए आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। नए आवासीय विद्यालयों/छात्रावासों के लिए कार्य स्वीकृत है, जिनमें से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होकर विद्यार्थी रह रहे हैं। छात्रावासों में वॉशिंग मशीन एवं स्वचालित रोटी मेकर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा केजीबीवी में थ्री-फेज विद्युत कनेक्शन से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।

विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं

मॉडल स्कूलों में स्मार्ट एवं वर्चुअल कक्षाएं, 20 कम्प्यूटर वाले कम्प्यूटर लैब, सीसीटीवी कैमरे, छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन, डिस्पेंसरी एवं इन्सीनेरेटर सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण, मासिक अभिभावक-शिक्षक बैठक, स्काउट-गाइड, कला एवं शिल्प, विज्ञान मेले, गणित ओलंपियाड, योग ओलंपियाड, स्कूल बैंड एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के 27 शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े जिलों के 134 ब्लॉकों में 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल संचालित हैं। इन विद्यालयों में कुल 57 हजार 565 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 28 हजार 957 बालक एवं 28 हजार 608 बालिकाएं हैं। विद्यालयों में बालिकाओं के लिए 55 प्रतिशत तथा बालकों के लिए 45 प्रतिशत सीटों का प्रावधान है। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कुल 514 छात्रावास/आवासीय इकाइयां स्वीकृत हैं, जिनमें 422 संचालित हैं तथा 92 निर्माणाधीन अथवा लंबित हैं। केजीबीवी के 389 में से 377 संचालित हैं, जबकि 12 पर कार्य प्रगति पर है। स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों के 25 छात्रावासों में 22 संचालित हैं और 3 निर्माणाधीन हैं। इस अवसर पर आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक डॉ रश्मि शर्मा, उपायुक्त राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् सुमन देवी, उपायुक्त वर्षा मीणा, अधीक्षण अभियंता जयकिशोर दुबे सहित अन्य मौजूद रहे।

राज्यपाल ने गणेशोत्सव समारोह में भाग लिया

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जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को अजमेर रोड स्थित बाल निवास गार्डन में आयोजित गणेशोत्सव समारोह में भाग लिया। उन्होंने गणेशजी की प्रतिमा को नमन किया और वहां पर गणेश पूजन करते हुए भगवान श्री गणेश से प्रदेशवासियों की समृद्धि, संपन्नता और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल ने भगवान श्री गणेश से सभी के मंगल की प्रार्थना की। उन्होंने समारोह में गणेश महोत्सव से जुड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा उसकी सराहना की। सिविल लाइन्स विधायक श्री गोपाल शर्मा भी इस दौरान उपस्थित रहे। उन्होंने राज्यपाल श्री बागडे को भगवान श्री गणेश की तस्वीर भेंट की।

 

 

मुख्य सचिव ने जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली

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जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की बैठक ली तथा विभाग द्वारा संचालित राज्य निधि एवं केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लंबित बजट घोषणाओं, राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने पीएम जनमन योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने धरती आबा योजना के तहत सेंटर ऑफ कॉम्पेटेंस संबंधी निविदा जारी करने में आचार संहिता के कारण आ रही बाधाओं के निराकरण के लिए आवश्यक शिथिलन का प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही, कार्यकारी एजेंसियों को कार्यों की तकनीकी स्वीकृतियां तथा बकाया उपयोगिता प्रमाण-पत्र अविलंब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने पीएम-जनमन योजना अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों में संबंधित विभागों आईसीडीएस, टीएडी, पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण विकास, सार्वजनिक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग द्वारा मार्च 2027 तक लक्ष्य अनुसार उपलब्धि अर्जित करने के लिये निर्देशित किया। मुख्य सचिव ने बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर घोषणाओं  के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत एवं प्रक्रिया आरंभ बजट घोषणाओं को पूर्ण करने हेतु विभागीय स्तर पर त्वरित कार्यवाही की जाए। 

मुख्य सचिव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पक्के मकान, स्वच्छ पेयजल, सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी एवं पोषणयुक्त आहार जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।  उन्होंने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को लक्ष्य के अनुसार पाइप लाइन एवं जल आपूर्ति मुहैया कराने में हो रहे विलंब के संबंध में विभागीय स्तर पर विस्तृत समीक्षा कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में खाद्यान्न आपूर्ति के लिए परिवहन संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं टीएडी विभाग आप वापसी समन्वय से कार्य करें। 

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संचालित छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों में क्रमशः 128 एवं 212 पद रिक्त हैं, जो शिक्षा विभाग की कैडर स्ट्रेंथ में भी शामिल है। उन्होंने रिक्त पदों पर अक्टूबर 2026 तक प्रतिनियुक्त करने के लिए शिक्षा विभाग को कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत जारी किए गए अधिकार पत्रों में से जमाबंदी में इंद्राज करने से शेष रहे 11 हजार अधिकार पत्रों का अंकन कर शत-प्रतिशत इंद्राज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने फार्मस आईडी जनरेशन के संबंध में आवश्यक कार्यवाही 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। 

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग श्री कुंजी लाल मीणा ने विभागीय योजनाओं एवं बजट घोषणाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा की अनुपालना में प्रदेश के समस्त राजकीय, अनुदानित एवं निजी जनसहभागिता योजनान्तर्गत संचालित आवासीय संस्थानों में वंचित वर्गों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगों के लिए मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपये करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही आंगनबाड़ी, आशा एवं मां-बाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य मानदेय कर्मियों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि के आदेश भी जारी किए गए हैं।

श्री मीणा ने बैठक में विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं जनसेवा सुधार की पहलों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वनों में निवासरत जनजातीय परिवारों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार पत्र जारी करने के लिए 6 अगस्त से 15 सितम्बर तक वनाधिकार अभियान-2026 संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सहरिया परिवारों के घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। चिकित्सा विभाग द्वारा मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 5 हजार 564 कैम्प आयोजित कर 2 लाख 96 हजार 608 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है। वहीं 51 वनधन केन्द्रों तथा 51 आंगनबाड़ी केन्द्रों का गठन कर उनका संचालन प्रारम्भ कर दिया गया है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत 23 हजार 699 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 23 हजार 362 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 21 हजार 720 लाभार्थियों को प्रथम किश्त, 18 हजार 523 को द्वितीय किश्त तथा 15 हजार 56 को तृतीय किश्त जारी की जा चुकी है। योजना के तहत स्वीकृत 32 सम्पर्क सड़कों में से 22 सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं।

इसी प्रकार बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के तहत बारां जिले में निवासरत सहरिया, खैरवा तथा कथौड़ी जनजाति के 36 हजार 577 परिवारों को प्रतिमाह घी, तेल एवं दाल वितरण के स्थान पर डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। उन्होंने बैठक में विभाग द्वारा शुरू किये गए हॉस्टल एण्ड स्कीम मॉनिटरिंग सिस्टम, मां बाड़ी मोबाइल एप तथा वर्क मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल के संबंध में भी जानकारी दी।  बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की आयुक्त प्रज्ञा केवलरामानी, संयुक्त शासन सचिव मंजू मार्शल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

लंपी रोग के प्रभावी नियंत्रण और रोकथाम पर निगरानी के लिए प्रमुख शासन सचिव ने ली समीक्षा बैठक

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जयपुर। प्रदेश में गोवंश को लंपी स्किन डिजीज से सुरक्षित रखने तथा इसकी प्रभावी रोकथाम और नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री विकास सीतारामजी भाले की अध्यक्षता में सोमवार को पशुधन भवन स्थित सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में लंपी रोग की वर्तमान स्थिति, टीकाकरण, उपचार व्यवस्था तथा घर-घर जाकर चलाए जा रहे सर्वेक्षण अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई। 

श्री भाले ने कहा कि मुख्यमंत्री इस समस्या के प्रति बहुत गंभीर हैं। उनके निर्देशानुसार लंपी रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विभाग भी  पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ नवीन बी के साथ हुई चर्चा के दौरान डॉ नवीन ने भी राजस्थान में लंपी रोग के नियंत्रण और रोकथाम के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयासों की सराहना की है।

बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री भाले ने कहा कि जिला स्तर पर प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई एवं उच्च स्तर पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए और सभी संबंधित विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करते हुए लंपी रोग के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी एवं समयबद्ध कार्ययोजना लागू करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं हो तथा पशुपालकों को समय पर चिकित्सा एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। बैठक में विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही के विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा करते हुए प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

अप्रभावित जिलों पर विशेष फोकसः प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन जिलों में अभी तक लंपी के मामले सामने नहीं आए हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए ताकि संक्रमण का प्रसार न हो।  डोर-टू-डोर सर्वेक्षण एवं सतत निगरानीः चिकित्सा अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर बीमार गोवंश की पहचान एवं सर्वेक्षण के निर्देश दे दिए गए हैं। श्री भाले ने जिला स्तर पर निगरानी समितियों को सक्रिय रखने के लिए संभाग और राज्य स्तर से लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। 

वित्तीय सहायता व दवाइयों की उपलब्धताः प्रत्येक जिला स्तर पर आवश्यक दवाइयों तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं के लिए विशेष बजट का आवंटन किया जा रहा है। प्रमुख शासन सचिव ने कड़े निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर दवाइयों की उपलब्धता में कमी नहीं आनी चाहिए विभाग के अधिकारी इसके लिए निरंतर प्रयासरत रहें। साथ ही दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग की भी पूरी व्यवस्था की जाए। 

नियंत्रण कक्ष एवं रैपिड रेस्पॉन्स टीम 

राज्य एवं जिला स्तर पर नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई है। त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉक स्तर पर रैपिड रेस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है। श्री भाले ने नियंत्रण कक्षों के साथ रेस्पॉन्स टीमों के बेहतर समन्वय के निर्देश दिए जिससे बीमार पशु के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो सके।  

पशु मेलों और हाटों पर अस्थायी रोक 

संक्रमण को नियंत्रित करने तथा गोवंश के आवागमन को सीमित करने के उद्देश्य से पशु मेलों एवं हाटों के आयोजन पर प्रतिबंध लागू किया गया है। प्रमुख षासन सचिव ने इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी पशुओं के आवागमन पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देष दिए। साथ ही उन्होंने आइसोलेशन सेंटर और साफ सफाई पर विशेष फोकस करने का निर्देश देते हुए कहा कि आधी लड़ाई तो केवल इन दो कार्यवाही से ही जीती जा सकती है। 

जागरूकता अभियान 

पशुपालकों को रोग के लक्षण, बचाव, स्वच्छता तथा संक्रमित पशुओं को आइसोलेट (पृथक) करने संबंधी आवश्यक जानकारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। श्री भाले ने प्रचार प्रसार के लिए विभिन्न प्रिंट और इलेक्ट्रॅानिक माध्यमों के अलावा स्थानीय माध्यमों का भी प्रयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पशुपालकों तक यह जानकारी पहुंचे इसका हम हर संभव प्रयास करें।  

प्रमुख शासन सचिव श्री विकास सीतारामजी भाले ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने तथा रोग नियंत्रण में किसी भी प्रकार की कोताही  न बरतने के कड़े निर्देश दिए। पशुपालन विभाग द्वारा यह अपील की गई है कि पशुपालक गोवंश में लंपी के लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं और तुरंत निकटतम पशु चिकित्सा केंद्र या कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

बैठक में पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश मीना ने बताया कि लंपी रोग पर काबू पाने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। सभी संबंधित कार्मिकों को हर स्तर पर आपसी समन्वय बनाते हुए काम करने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं जिससे रोग का प्रसार फैलने से बचे और समय रहते रोग पर नियंत्रण पाया जा सके।

बैठक का संचालन करते हुए गोपालन विभाग की निदेशक श्रीमती कश्मी कौर ने कहा कि हम सभी को मिलकर यह प्रयास करना है जिससे लंपी की यह बीमारी इस बार अब तक प्रभावित जिलों से आगे नहीं बढ़े। उन्होंने गौशालाओं से देसी नुस्खों के उपयोग करने का भी आग्रह किया जिससे गौवंशों में इम्यूनिटी बढ़ सके और वे लंपी से प्रभावित न हों। बैठक में पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक (मेडिसिन/डिजीज कंट्रोल),पशुपालन तथा गोपालन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी तथा गौशाला संचालकों ने बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।

मिशन कर्मयोगी रैंकिंग में राजस्थान लगातार दूसरे माह प्रथम

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जयपुरर। राजस्थान के प्रशिक्षण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं महानिदेशक हरिश्चंद्र माथुर राज्य लोक प्रशासन संस्थान की महानिदेशक श्रीमती श्रेया गुहा ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की क्षमता निर्माण एवं लर्निंग आउटकम पर आधारित नवीनतम रैंकिंग में राजस्थान ने 62.49 के कम्पोजिट स्कोर के साथ राज्य श्रेणी ‘C’ (जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़े राज्य) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह राजस्थान के लिए लगातार दूसरे माह प्रथम स्थान की उपलब्धि है।

श्रीमती गुहा ने बताया कि मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन एवं क्षमता निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता के कारण ही यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। मुख्य सचिव के नेतृत्व में प्रदेश में अधिकारियों एवं कार्मिकों को निरंतर सीखने, कौशल उन्नयन तथा बदलती प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान लोक प्रशासन संस्थान (HCM RIPA) में मिशन कर्मयोगी के नोडल विभाग के रूप में इस अभियान के प्रभावी संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग द्वारा iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर कार्मिकों के ऑनबोर्डिंग, ऑनलाइन लर्निंग, पाठ्यक्रम पूर्णता एवं क्षमता निर्माण गतिविधियों को गति प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि राजस्थान की यह लगातार दूसरी माह की शीर्ष रैंकिंग है जो ‘सीखते हुए प्रशासन' और 'उत्कृष्टता की ओर बढ़ते राजस्थान’ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

 

इंदौर: ब्यूटीशियन की मौत के मामले में कारोबारी का दावा, पहले भी कई बार धमका चुकी थी

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इंदौर। स्थानीय इलाके के एक होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवती का शव मिलने के मामले में फरार चल रहे आरोपी कारोबारी ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है।

हार्ट अटैक और फंदे पर लटकने का मामला

एलेक्स होटल के कमरा नंबर 101 में सोनिला नामक युवती की संदिग्ध मौत के बाद से कारोबारी दीपक खंडेलवाल फरार था। पुलिस द्वारा उसके परिजनों को थाने लाकर पूछताछ करने के बाद आरोपी ने शुक्रवार को बाईपास क्षेत्र से पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।

आरोपी दीपक खंडेलवाल का बयान

पुलिस पूछताछ में दीपक ने दावा किया कि मृतका सोनिला ने खुद होटल का कमरा बुक किया था और वह अपने साथ बीयर लेकर आई थी। उसके मुताबिक, कमरे का दरवाजा खटखटाने पर सोनिला ने उसे अंदर आने से रोकने की कोशिश की, लेकिन वह धक्का देकर भीतर घुस गया। दोनों के बीच हुई बहस के दौरान सोनिला ने अचानक फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। आरोपी का कहना है कि अत्यधिक नशे में होने और घबराहट के कारण वह उसे तुरंत नहीं बचा सका और बाद में होटल स्टाफ की मदद से अस्पताल पहुंचाया।

चार साल पुराने संबंधों का खुलासा

पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि सोनिला और दीपक के पिछले चार वर्षों से संबंध थे। दीपक की पत्नी को इस रिश्ते की जानकारी मिलने के बाद उसने सोनिला से दूरी बनानी शुरू कर दी थी, जिससे नाराज होकर वह लगातार मिलने का दबाव बना रही थी। पुलिस ने मृतका के पिता प्रदीप और पति संजय के बयान भी दर्ज कर लिए हैं।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने की पुष्टि

शुरुआती दौर में जहर खाने का अंदेशा जताया जा रहा था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी के फंदे से लटकना आई है। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेज दिया है। घटना के वक्त आरोपी कमरे में करीब 40 मिनट तक मौजूद था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को आधार बनाकर आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।

इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती का खौफनाक अंत, युवक की पत्थरों से कुचलकर हत्या; जंगल में फेंका शव

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पन्ना। जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक अंधे हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। इंस्टाग्राम और मोबाइल पर हुई दोस्ती के चलते एक युवक की पत्थरों से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिसमें पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ ही एक नाबालिग को भी अभिरक्षा में लिया है।

गुमशुदगी से शुरू हुई थी जांच

ग्राम मनकी निवासी माया गोंड ने 10 सितंबर को बृजपुर थाने में अपने बेटे संदीप गोंड की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार, संदीप 9 सितंबर को अपनी मोटरसाइकिल लेकर घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी जब उसका सुराग नहीं लगा, तो पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी।

मोबाइल लोकेशन और इंस्टाग्राम ने खोले राज

पुलिस की तकनीकी टीम ने जब मृतक के मोबाइल और संपर्कों को खंगाला, तो यह बात सामने आई कि संदीप की दूसरे गांव की एक लड़की से इंस्टाग्राम के जरिए नजदीकियां थीं। इस बात की जानकारी लड़की के मामा को हो गई थी, जिसने संदीप को चेतावनी भी दी थी। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस ने छानबीन आगे बढ़ाई, जिसके बाद 12 सितंबर को लुहराई-सितधारा रोड के पास जंगल में दो बड़े पत्थरों के बीच संदीप का शव बरामद हुआ। पहचान छिपाने के लिए शव पर भारी पत्थर भी रखे गए थे।

कार्रवाई और गिरफ्तारी

संदिग्धों से कड़ी पूछताछ के बाद हत्या की गुत्थी सुलझ गई। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और संलिप्त एक नाबालिग बालिका को भी अभिरक्षा में ले लिया है। पुलिस ने प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है।