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पीएम मोदी की सेवा को सम्मान,एक महीना चलेगा सेवा संकल्प: जेपी नड्डा

बेंगलुरु। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को कहा कि राजस्थान में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली जीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रमों और नीतियों के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाती है। राजस्थान की जनता ने ‘डबल इंजन’ सरकार को एक बार फिर अपना जनादेश दिया है।

बेंगलुरु में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में नड्डा ने कहा कि भाजपा 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है। यह अभियान एक महीने तक चलेगा। उन्होंने कहा कि सुशासन और जनकल्याण प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और वह सेवा, प्रतिबद्धता तथा समर्पण की भावना के साथ देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य प्रधानमंत्री ने निर्धारित किया है।

नड्डा ने कहा कि जनता की सेवा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक जीवन की सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। राज्य से लेकर केंद्र तक उनकी कार्यशैली में सेवा और प्रतिबद्धता की भावना लगातार बनी रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने पिछले 25 वर्षों में एक दिन का भी अवकाश नहीं लिया और लगातार देशवासियों की सेवा में जुटे रहे।

जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं को देश का ‘प्रधान सेवक’ मानकर काम करते हैं और इसी भावना को सम्मान देने के लिए देशभर में एक महीने तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 अक्टूबर को ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान देशभर में कुल 12 प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प को जनता तक पहुंचाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की राजनीति की दिशा और दशा बदलने का काम किया है। उनके अनुसार, एक समय देश की राजनीति तुष्टीकरण, परिवारवाद, असमानता, विकासहीनता और जनविरोधी शासन जैसी प्रवृत्तियों से प्रभावित थी। मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और जनकल्याण को राजनीति के केंद्र में रखा गया है।

नड्डा ने कहा कि सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने की परंपरा प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने चुनाव और सार्वजनिक जीवन में जो वादे किए, उन्हें पूरा करने का प्रयास किया और कई ऐसे कार्य भी किए जिनका पहले उल्लेख नहीं किया गया था।

राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रतिबद्धता के मुद्दे पर जेपी नड्डा ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देकर दुनिया को अपने रुख से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन यदि कोई भारत को छेड़ता है तो उसे छोड़ता भी नहीं है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने को प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। भारत अब किसी के सामने मदद के लिए हाथ फैलाने वाला देश नहीं, बल्कि जरूरतमंद देशों की सहायता करने की क्षमता रखने वाला देश बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दिन-रात देशवासियों की सेवा में जुटे हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आर्थिक क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों, हवाई अड्डों, रेलवे और रक्षा के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने दावा किया कि रक्षा क्षेत्र का निर्यात 5,500 प्रतिशत बढ़ा है, जो भारत की बढ़ती रक्षा उत्पादन क्षमता को दर्शाता है।

नड्डा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को अब गंभीरता से सुना जा रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अब तक 26 देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया है। उनके अनुसार, यह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।

जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकास, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से भाजपा प्रधानमंत्री की इसी सेवा भावना और सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाएगी।

शोहरतगढ़ के शिशु मंदिर में जनपदीय खेल-कूद प्रतियोगिता संपन्न:16 स्कूलों के 375 छात्रों ने एथलेटिक्स, कबड्डी और कूद में दिखाया दम

सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में स्वामी विवेकानंद शिक्षा समिति द्वारा आयोजित जनपदीय खेल-कूद प्रतियोगिता का समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में जिले के 16 स्कूलों के करीब 375 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। बाल, किशोर और तरुण वर्ग के प्रतिभागियों ने एथलेटिक्स, कबड्डी और कूद सहित कई खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाई। उद्घाटन सत्र में बस्ती संभाग निरीक्षक दिवाकर मणि त्रिपाठी ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि खेल से विद्यार्थियों में अनुशासन, शारीरिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती है। आज के समय में खेलों से प्रतिभाशाली खिलाड़ी अच्छे मौके पाकर अपना भविष्य भी बना सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य किशोरी लाल ने की। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ खेलों में हिस्सा लेने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि खेल जीवन का अहम हिस्सा हैं और इनसे टीम भावना व नेतृत्व क्षमता बढ़ती है। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक प्रधानाचार्य शक्ति सिंह, जिला प्रमुख चंद्रभूषण पाण्डेय, अरुणेश मणि त्रिपाठी, कृष्ण मोहन पाण्डेय समेत कई लोग मौजूद रहे। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में काफी उत्साह देखा गया। आयोजन समिति के मुताबिक, इसका मुख्य मकसद जिले स्तर पर खेल प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर अतिथियों ने आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नई ऊर्जा देते हैं और उनके पूरे विकास में मदद करते हैं।

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मंगलवार को उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी। यह मामला ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के एक किशोर कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने की और अंतरिम जमानत का आदेश पारित किया।

जुलाई में प्रदर्शन के दौरान हुआ था विवाद
मामले के अनुसार, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान CJP के एक किशोर कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना हुई थी। घटना के बाद शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के क्रम में स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मामला अदालत के समक्ष पहुंचा, जहां उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने मामले से जुड़े तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद फिलहाल तीन सप्ताह की अंतरिम राहत प्रदान की है।

आगे भी जारी रहेगी मामले की कानूनी प्रक्रिया
अदालत के आदेश से भारद्वाज को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन इससे मामले की सुनवाई समाप्त नहीं हुई है। आरोपों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर आगे न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट का यह मामला प्रदर्शन के दौरान विवाद और सुरक्षा को लेकर भी चर्चा में रहा है। अब आगे की सुनवाई में अदालत मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करेगी। अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद मामले में अगला कानूनी कदम भी महत्वपूर्ण रहेगा।

स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने दिल्ली पुलिस से अहम सवाल किया कि घटना के समय क्या आरोपी ने जातिसूचक गाली दी थी।
इस पर दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि शुरुआत में दर्ज शिकायत में जातिसूचक गाली का कोई उल्लेख नहीं था। हालांकि, बाद में दोबारा बयान दर्ज किए जाने पर शिकायतकर्ता की ओर से जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया गया। पुलिस के मुताबिक, इसी आधार पर मामले में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।

शिकायतकर्ता के वकील ने गिरफ्तारी को बताया कानूनी
वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी में किसी तरह की कानूनी खामी नहीं थी। आरोपी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां मामले में आगे की कार्रवाई शुरू हुई। 7 सितंबर को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था और बाद में न्यायिक हिरासत की अवधि 21 सितंबर तक बढ़ा दी गई थी।

UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज या नहीं? ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर जानें सच्चाई

डिजिटल भुगतान और यूपीआई को लेकर हाल ही में सामने आए नए गजट नोटिफिकेशन के बाद से आम जनता के बीच तरह-तरह की चर्चाएं और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आइए इस पूरे मामले से जुड़ी हर जरूरी बात को बिंदुवार समझते हैं।

नया गजट नोटिफिकेशन और दो हजार रुपये की सीमा

केंद्र सरकार की ओर से जारी हालिया गजट अधिसूचना के अनुसार, बैंकों और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स को दो हजार रुपये तक के यूपीआई और रूपे डेबिट कार्ड लेन-देन पर किसी भी प्रकार का शुल्क वसूलने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य छोटे डिजिटल लेन-देन को वित्तीय बोझ से पूरी तरह मुक्त रखना है। हालांकि, अधिसूचना में दो हजार रुपये की सीमा तय होने के कारण लोगों के मन में यह आशंका घर कर गई है कि क्या भविष्य में इस सीमा से अधिक के भुगतानों पर चार्ज लगाया जा सकता है।

क्या यूपीआई पेमेंट पर अभी कोई नया चार्ज लगा है?

बिल्कुल नहीं। यदि आप आज दो हजार रुपये से अधिक का भी यूपीआई भुगतान करते हैं, तो आपके खाते से कोई अतिरिक्त शुल्क या पैसा नहीं काटा जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई सेवाएं पूरी तरह मुफ्त हैं और इस संबंध में कोई भी नया यूजर चार्ज लागू नहीं किया गया है।

पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर पूरी तरह सुरक्षित

एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे भेजने यानी पीटूपी ट्रांसफर पर किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लगेगा। चाहे आप दो हजार रुपये से कम भेजें या अधिक, इस श्रेणी के सभी लेन-देन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।

मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) और राजनीतिक बयानबाजी

इस पूरे मुद्दे पर राजनीतिक दलों की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्ष का दावा है कि सरकार भविष्य में दो हजार रुपये से अधिक के डिजिटल भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट या अतिरिक्त शुल्क लागू करने की तैयारी कर रही है। वहीं, सत्ता पक्ष ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए इन्हें भ्रामक और निराधार बताया है। सरकार की ओर से बार-बार यह आश्वस्त किया गया है कि आम नागरिकों और छोटे दुकानदारों के लिए डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाए रखा जाएगा।

यूरिया-नौसादर मिलाकर जहरीली शराब बनाने वाले को उम्रकैद:17 साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, 15 हजार रुपये जुर्माना

श्रावस्ती में करीब 17 साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। गिलौला थाना क्षेत्र में जहरीली कच्ची शराब बनाने के दोषी ननके पुत्र सूर्यलाल को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मंगलवार 5:00 बजे न्यायालय से जानकारी मिली की यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) अमित कुमार प्रजापति ने सुनाया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, यह मामला 12 अक्टूबर 2009 का है। गिलौला पुलिस को सूचना मिली थी कि तेलियनपुरवा निवासी ननके अपने घर के पीछे अवैध रूप से कच्ची शराब बना रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो ननके मिट्टी की भट्ठी पर बड़े बर्तन में ढक्कन लगाकर पाइप के जरिए शराब बना रहा था। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से 10 लीटर कच्ची शराब से भरी पिपिया और शराब बनाने का सामान बरामद किया। इसके अलावा, करीब 100 ग्राम यूरिया और नौसादर भी मिला। बरामद सामान को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। जांच में शराब के नमूने में अल्कोहल के साथ यूरिया और नौसादर भी पाया गया। लैब रिपोर्ट में बरामद कच्ची शराब को जहरीली बताया गया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सत्येंद्र बहादुर सिंह ने पैरवी की। पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने ननके को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

सिद्धार्थनगर में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों पर बैठक:स्वच्छता और जनभागीदारी पर जोर, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा कार्यक्रम

सिद्धार्थनगर के नगर पंचायत सभागार में मंगलवार को सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई। यह बैठक नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल के निर्देश पर बुलाई गई थी। इसकी अध्यक्षता चेयरमैन प्रतिनिधि रवि अग्रवाल और सांसद प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने की। बैठक में सभासदों, कर्मचारियों और अन्य लोगों ने अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की। चेयरमैन प्रतिनिधि रवि अग्रवाल ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस अभियान के तहत सीटीयू की पहचान कर वहां साफ-सफाई की जाएगी। ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के तहत सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही, प्रमुख जगहों और घरों में दीप जलाए जाएंगे और गौशाला में सेवा का काम होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के दौरान कई कार्यक्रम होंगे। इनमें ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’, कलाकारों की नाट्य प्रस्तुतियां, जनभागीदारी, 157 घंटे का लगातार महा सफाई अभियान, प्लास्टिक हटाने और जागरूकता अभियान शामिल हैं। इसके अलावा, स्वच्छ भारत दिवस, जल स्रोतों की साफ-सफाई, स्वच्छ कार्यालय, विशेष स्वच्छता अभियान, सेवा ज्योति कलश यात्रा, विकसित भारत का संकल्प, स्वच्छ पर्व-हरित पर्व और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। नवरात्रि पर्व से जुड़े कार्यक्रम भी इसमें शामिल हैं। रवि अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि 17 सितंबर को सभी नगरवासी प्रमुख जगहों और अपने घरों पर कम से कम पांच दीपक जरूर जलाएं। उन्होंने कहा कि दीप जलाने से सेवा, स्वच्छता और विकसित भारत के संकल्प को हर व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। सांसद प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल 7 अक्टूबर को पूरे हो रहे हैं। इसी मौके पर सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के जरिए डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों और लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग योजनाओं का लाभ पाने के पात्र हैं, लेकिन अभी तक वंचित हैं, उन्हें जिलाधिकारी के जरिए लाभ दिलाने की कोशिश की जाएगी। अभियान का मुख्य मकसद लोगों को साल 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के संकल्प से जोड़ना है। बैठक में सभासद बाबूजी अंसारी, वकील खान, शिव रतन कन्नौजिया, सफाई नायक श्रीनिवास, अभिलाष मिश्रा, राजू गोस्वामी, संजय दूबे और लिपिक कमलेश गुप्ता, बीडी गुप्ता जैसे कई लोग मौजूद थे।

नागौर से बाहर RLP का विस्तार, निकाय चुनाव में 14 जिलों में उतरेगी पार्टी

जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों ने पारंपरिक द्वि-दलीय व्यवस्था (भाजपा और कांग्रेस) के बीच क्षेत्रीय और अन्य दलों के लिए भी संभावनाएं तलाशने के संकेत दिए हैं। चुनाव परिणामों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी), आम आदमी पार्टी (आप), माकपा (सीपीएम) और भारत आदिवासी पार्टी (बाप) जैसी पार्टियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

विभिन्न दलों का प्रदर्शन और प्रभाव क्षेत्र

  • राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी): हनुमान बेनीवाल की पार्टी ने चौदह जिलों में कुल त्रेसठ वार्ड जीतकर अपनी क्षेत्रीय पकड़ मजबूत की है। हालांकि इसका मुख्य प्रभाव नागौर और उसके आसपास के क्षेत्रों तक सीमित है, लेकिन पार्टी ने राज्य के चौदह जिलों तक अपनी पहुंच बनाई है।

  • आम आदमी पार्टी (आप): 'आप' ने बारां नगर परिषद में साठ में से इकतीस वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और वहां अपना बोर्ड बनाने में सफलता प्राप्त की है।

  • माकपा (सीपीएम): बीकानेर जिले के नोखा निकाय में माकपा ने पंतालीस में से उन्नतीस सीटों पर जीत दर्ज कर अपना बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत की है।

  • भारत आदिवासी पार्टी (बाप): चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद बांसवाड़ा में पार्टी ने आंतरिक कलह और मतभेदों के चलते जिले की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया है।

राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं

  • विशेषज्ञों का मत: वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार, इन नतीजों से राजस्थान की राजनीति में तीसरे विकल्प की सुगबुगाहट जरूर शुरू हुई है, लेकिन इसे आगामी विधानसभा चुनाव (2028) के बड़े बदलाव के रूप में देखना अभी जल्दबाजी होगी।

  • कांग्रेस और भाजपा का पक्ष: कांग्रेस के अनुसार छोटे दलों की स्थानीय जीत को प्रदेशव्यापी बदलाव नहीं माना जा सकता, जबकि भाजपा का कहना है कि ये नतीजे स्थानीय समीकरणों का परिणाम हैं और पार्टी का संगठन पूरे प्रदेश में सुदृढ़ है।

सागर गांव में 6 दिन से ट्रांसफार्मर खराब:जमुनहा पावर हाउस क्षेत्र के ग्रामीण गर्मी और अंधेरे से परेशान

श्रावस्ती जिले के जमुनहा पावर हाउस से बिजली सप्लाई वाले सागर गांव बाजार में 25 किलोवाट का ट्रांसफार्मर पिछले 6 दिन से खराब पड़ा है। इसे अभी तक बदला नहीं गया है, जिससे ग्रामीण गर्मी और अंधेरे से परेशान हैं। रात में अंधेरा होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस मामले में जमुनहा पावर हाउस के जेई आर.के. पाल ने बताया कि ट्रांसफार्मर परसों रात को जला था और कल सुबह इसकी सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि कल ही मांग पत्र भेज दिया गया था। ट्रांसफार्मर आज आने वाला था, लेकिन किसी वजह से नहीं आ सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि ट्रांसफार्मर कल आ जाएगा और उसे लगा दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वर्णिम 25 वर्ष, सेवा व सुशासन का ऐतिहासिक दौर

suresh Pachoriसुरेश पचाौरी

नये भारत के शिल्पकार श्री नरेन्द्र मोदी अपनी अनवरत जनसेवा व राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। यह यात्रा 7 अक्टूबर, 2001 को शुरू हुई थी, जब उन्होंने 12 वर्ष 7 माह तक गुजरात के सफल मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। श्री नरेन्द्र मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री के रूप में प्रथम बार शपथ ली। तब से लेकर आज तक उन्होंने जनसेवा से राष्ट्रसेवाष् के मंत्र को जी कर दिखाया है और उनकी इस यात्रा की गति न धीमी हुई और न रूकी, बल्कि कीर्तिमान स्थापित करते हुये सतत् जारी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 17 सितम्बर, 2026 को अपने जीवन के 75 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी उनके जन्म दिवस पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक श्सेवा संकल्प अभियानश् प्रारंभ करने जा रही है, जब उनके सुशासन के 25 वर्ष पूरे होंगे। 12 वर्ष 7 माह तक गुजरात के मुख्यमंत्री और कमोबेश इतनी ही अवधि के उनके प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल पर दृष्टिपात करें तो स्पष्ट प्रतीत होता है कि उन्होंने जनसेवा का कीर्तिमान और प्रतिमान रच दिया।

गुजरात के मेहसाणा जिले के एक छोटे से गांव बड़नगर से शुरू हुई उनकी जीवन यात्रा में आए तमाम उतार-चढ़ाव के बीच लगन, निष्ठा, परिश्रम, त्याग, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रप्रेम के चलते वे भारतीय राजनीति के शलाका पुरुष बन चुके हैं। वे आज सिर्फ भारत के प्रधानमंत्री के रूप में ही नहीं जाने-पहचाने जाते, वरन आज वे विश्व के अग्रणी शीर्ष नेताओं में शुमार हो चुके हैं।

मोदी जी 36 देशों के सर्वोच्च सम्मान से विभूषित

श्री नरेन्द्र मोदी को 36 देशों ने अपने सर्वोच्च सम्मान से विभूषित किया है। वे ऐसे तपे-तपाए जननेता हैं, जिनमें कुंदन की कठोरता भी है और चंदन की शीतलता भी विद्यमान है। उनके चिंतन में राष्ट्र, राष्ट्रबोध एवं राष्ट्रहित सर्वोपरि है और इसी उदात्त भावना से ओतप्रोत होकर उन्होंने किशोरावस्था में अपना घर-द्वार छोड़कर जनसेवा की ओर जो कदम बढ़ाए, वे आज तक नहीं रुके।

उन्होंने दशकों से लंबित फैसलों को पूरा किया – चाहे धारा 370 की समाप्ति हो, भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण हो या सीमाओं की अभेद्य सुरक्षा हो। विज्ञान के क्षेत्र में चंद्रयान-3 की सफलता से लेकर मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत तक, उनके हर कदम ने भारत को सशक्त बनाया है। स्वच्छ भारत से जल जीवन मिशन तक, उज्जवला योजना से आयुष्मान भारत तक, किसान सम्मान निधि से लखपति दीदियों की आत्मनिर्भरता तक-हर योजना का एक ही ध्येय रहा है कि सबका जीवन बेहतर हो, भारत समर्थ बने। ये 25 वर्ष सिर्फ सत्ता के नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के विश्वास और एक दूरदर्शी नेता के तप, त्याग और नेतृत्व की गाथा है।

प्रधानमंत्री के रूप में विगत लगभग साढ़े बारह वर्षों के दौरान मोदी जी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन कार्य योजनाओं को अमली जामा पहनाया, जिसका भाजपा ने चुनाव घोषणा पत्र में वादा किया गया था। चाहे वह सामाजिक-आर्थिक बदलाव हों, चाहे प्राकृतिक संसाधनों, खनिजों, सांस्कृतिक धरोहरों आदि का संरक्षण हो या फिर देश के किसानों के कल्याण के लिए कृषि पर आधारित अर्थव्यवस्था हो, सब पर विशेष ध्यान दिया गया। मोदी जी के मार्गदर्शन में युवाओं में नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना बढ़ाने के लिए स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया और डिजिटल स्किल इंडिया जैसी योजनाओं का सूत्रपात हुआ है।

श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में प्रगति की रफ्तार दिन-ब-दिन बढ़ती नजर आ रही है। आम आदमी के जीवन में खुशहाली आई, समाज के कमजोर वर्गों के लोगों के जीवन में सुधार आया, दुनिया में भारत के मान-सम्मान में वृद्धि हुई।

ऑपरेशन सिन्दूर ने दी पाकिस्तान को करारी शिकस्त

पड़ोसी देश पाकिस्तान को ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान मुंह की खानी पड़ी। श्री मोदी देश हित में इतने दृढ़प्रतिज्ञ हैं कि दुनिया की कोई ताकत आज तक उन्हें अपने सिद्धांतों से न तो डिगा सकी है और न ही झुका सकी है। उनका यह आत्मबल न सिर्फ करोड़ों भारतवासियों बल्कि विश्व के दीगर मुल्कों में रहने वाले भारतवासियों को संबल प्रदान करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। हमारी जीडीपी वृद्धि दर भी 7.8ः है। रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। देश विरोधियों और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति परिणाममूलक है।

प्रधानमंत्री ने सरकार की योजनाओं के केन्द्र बिन्दु में हमेशा ‘आम आदमी’ को रखा। इस सोच के साथ गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मसलन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश के करोड़ों परिवारों को पक्के घर दिए गये। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत लाखों शौचालयों का खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कराया गया। उज्जवला योजना के माध्यम से गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान कर उनके स्वास्थ्य और गरिमा की रक्षा की गई। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के मद्देनजर आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई, जिससे लगभग 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य बीमा का सुरक्षा कवच मिला। जल जीवन मिशन से हर घर को नल से जल उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। आधारभूत संरचना की बात की जाये तो प्रधानमंत्री ने इसे राष्ट्र की रीढ़ मानते हुए इसमें भारी निवेश किया। सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और डिजिटलीकरण में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिल रही है। ग्रामीण भारत में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में मेट्रो और स्मार्ट सिटी जैसी योजनाएं मूर्तरूप ले रही हैं।

मोदी जी का सिद्धांत सर्वे भवन्तु सुखिन

कर्मयोगी श्री नरेन्द्र मोदी ने अपना जीवन सर्वे भवन्तु सुखिन के भाव को चरितार्थ करते हुए राष्ट्र को समर्पित कर दिया है। वे श्सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वासश् का संकल्प लेकर भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने में अहर्निश लगे हुए हैं। मोदी जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का सिद्धांत है- रिफार्म, परफार्म एवं ट्रांसफॉर्म। प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गई। पिछले साढ़े 12 वर्षों में यह अभियान एक जन आंदोलन बन गया है। साथ ही उज्जवला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत करोड़ो लोग लाभान्वित हुये हैं। प्रधानमंत्री जी ने गरीबों के सम्मान, युवाओं के सामर्थ्य, किसानों की समृद्धि व महिलाओं के सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण का विशेष आधार बनाया।

श्री मोदी ने अपने विजन में अन्नदाता किसान को सदैव अपनी प्राथमिकता में रखा। उन्होंने किसानों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए अनेक योजनाओं का प्रावधान किया। उनकी सोच बहुत स्पष्ट है कि कृषि आजीविका का साधन मात्र न रहे, बल्कि यह लाभ का व्यवसाय बने। फिलहाल किसानों के सम्मान स्वरूप उन्हें दी जाने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से सालाना 6 हजार रूपये की सीधी सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन बहुत साफ है कि किसानों को उनकी पैदावार का सही दाम मिले। इस बाबत् फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में रिकार्ड बढ़ोत्तरी की। पीएम फसल बीमा योजना एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएमआरकेवाई) से अन्नदाता लाभान्वित हो रहे हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, परम्परागत कृषि विकास योजनाओं जैसी जनहितैषी पहल से उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हुआ है। श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में रेल नेटवर्क का व्यापक ऐतिहासिक उपलब्धि सहित विस्तार हो रहा है।

महिला सशक्तिकरण मोदी सरकार के विकास एजेंडे का प्रमुख हिस्सा है। मातृवंदन योजना, नारी शक्ति वंदन और 33 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद जगी है। केन्द्र सरकार का लक्ष्य तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का है, जिनमें से लगभग डेढ़ करोड़ लखपति दीदी अपना गरिमामय जीवन जी रही हैं। श्बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओश् अभियान से बेटियों का आत्मसम्मान बढ़ा है। तीन तलाक कानून की समाप्ति से मुस्लिम महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

देश में लगभग 2 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने देश में लगभग 2 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। कोरोना काल में प्रधानमंत्री जी ने स्वदेशी वैक्सीन के आविष्कार में प्रेरक भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना श्संकल्प विरासत का, संरक्षण भी और विकास भीश् के परिणाम स्वरूप अयोध्या में रामलला की दिव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। काशी में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक, केदारनाथ धाम का नवनिर्माण, बद्रीनाथ क्षेत्र का विकास, करतार साहब कॉरिडोर को खुलवाना, हेमकुण्ड साहब और गिरनार में रोपवे बनाना, नमामि गंगे योजना, तिरुवल्लूर में कल्चरल सेन्टर बनाना आदि उल्लेखनीय कार्यों से भारत आत्मगौरव के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में स्वदेशी चिंतन आधुनिक देश की आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चिंतन का आधार बन रहा है। कुल मिलाकर हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से भारत तरक्की के नये सोपान नापते हुए आगे बढ़ रहा है, साथ ही पूरी तरह सुरक्षित भी है। आज जिस बढ़ते भारत को भारतवासी देख रहे हैं, वह संकल्प से सिद्धि का सुफल है। यह गर्व का विषय है कि वाइब्रेंट गुजरात के विजन ने देश को निवेश का मॉडल दिया और ब्रिक्स 2026 के शिखर सम्मेलन ने भारत को विश्वगुरु के मंच पर प्रतिष्ठापित किया। श्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्रसेवा यात्रा पर विहंगम दृष्टिपात करें तो विकास से वैश्विक नेतृत्व तक भारत के कदम आगे ही बढ़ते जा रहे हैं।

लेखक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता
तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं

कप्तानगंज में डॉ. रत्नपा कुम्हार की मनाई 117वीं जयंती:प्रजापति समाज ने किया आयोजन, भाजपा जिलाध्यक्ष रहे मुख्य अतिथि

बस्ती जिले के कप्तानगंज क्षेत्र में मंगलवार को प्रजापति समाज ने सह संविधान निर्माता डॉ. रत्नपा कुम्हार की 117वीं जयंती मनाई। यह समारोह कप्तानगंज चौराहा में दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राजेन्द्र प्रसाद प्रजापति (प्रधान) के नेतृत्व में किया गया। उनके साथ समाज के कई गणमान्य लोगों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया। आयोजन में श्याम बिहारी प्रजापति, किशन लाल प्रजापति, कृष्ण लाल प्रजापति, राम रतन प्रजापति, राम कांत प्रजापति, लवण कुमार प्रजापति, हरिकांत प्रजापति, शिव कुमार प्रजापति, राम बेचन प्रजापति और केशवपुर के प्रधान विकास प्रजापति शामिल रहे। इनके अलावा समाज के अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि डॉ. रत्नपा कुम्हार को सह संविधान निर्माता के रूप में जाना जाता है। वे प्रजापति समाज के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। समारोह में समाज के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और राजनीतिक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह देखा गया। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।