
खुनियांव ब्लॉक के पंचायत सहायकों ने मंगलवार को एडीओ पंचायत राकेश पाठक को पत्र सौंपकर ऑनलाइन उपस्थिति समेत सभी सरकारी कामों के बहिष्कार की जानकारी दी। पंचायत सहायकों ने यह निर्णय लंबित मांगों के समर्थन में लिया है। पंचायत सहायकों ने बताया कि प्रदेशभर के पंचायत सहायकों की विभिन्न मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में 7 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से मांगें सरकार तक पहुंचाई जा रही हैं, लेकिन अभी तक समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है। पंचायत सहायकों ने पत्र में कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर शासन स्तर से आदेश जारी नहीं होता, तब तक ऑनलाइन उपस्थिति का बहिष्कार जारी रहेगा। इसके साथ ही सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन सरकारी कार्यों का भी बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने एडीओ पंचायत से अपील की कि मांगों पर निर्णय होने तक उन्हें सरकारी कार्य करने के लिए बाध्य न किया जाए। पंचायत सहायकों ने कहा कि वे अपनी मांगों के समर्थन में लखनऊ में चल रहे धरने में भी शामिल होते रहेंगे। इस दौरान पंचायत सहायक अशोक कुमार, अमर सोनी, विनय शुक्ला, वीरेंद्र कुमार, वासुदेव, राजेश यादव और शिवा समेत कई पंचायत सहायक मौजूद रहे।
ऑनलाइन उपस्थिति समेत सरकारी कामों का बहिष्कार:खुनियांव में पंचायत सहायकों ने एडीओ पंचायत को सौंपा पत्र
रतलाम में दर्दनाक हादसा, बारिश के बाद गिरी दीवार की चपेट में आई बच्ची की मौत
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में तेज बारिश के बाद एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। नामली थाना क्षेत्र के रुघनाथगढ़ गांव में सोमवार शाम को एक कच्चे मकान की जर्जर दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे मलबे में दबने से 9 साल की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्ची और एक बुजुर्ग महिला घायल हो गए।
कैसे हुआ यह हादसा?
यह घटना सोमवार शाम करीब 5:30 बजे की है, जब इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही थी। मृतका 9 वर्षीय यंशिका चौहान अपनी सहेली 12 वर्षीय प्रीति के साथ रोज की तरह खेलने के लिए घर से बाहर निकली थी। जब वे गांव के एक रास्ते से गुजर रही थीं, तभी वहां मौजूद एक खाली और जर्जर कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई। दीवार के मलबे से पास के एक मकान का छज्जा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिसकी चपेट में आने से 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला मांगूबाई भी मलबे में दब गईं।
बचाव कार्य में देरी और मर्माहत करने वाली सच्चाई
घटनास्थल से थोड़ी ही दूरी पर परिजनों का घर था। दीवार गिरने की आवाज सुनकर जब लोग पहुंचे, तो उनका पूरा ध्यान मलबे में दबी बुजुर्ग महिला मांगूबाई को निकालने पर था। उस समय किसी को यह जानकारी नहीं थी कि मलबे के नीचे दोनों बच्चियां भी दबी हुई हैं। घायल महिला को तुरंत रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
जब परिजन वापस लौटे और यंशिका व प्रीति को घर पर नहीं पाया, तो उनकी खोजबीन शुरू की गई। इस दौरान मलबे के बीच से प्रीति की आवाज सुनाई दी, जिसने बताया कि यंशिका भी उसके साथ दबी हुई थी। तुरंत मलबा हटाकर यंशिका को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसने दम तोड़ दिया था।
घायलों का इलाज और पुलिस जांच
इस भीषण हादसे में 9 साल की यंशिका चौहान की मौत हो गई है, जबकि 12 वर्षीय प्रीति और 65 वर्षीय मांगूबाई गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों घायलों का इलाज रतलाम मेडिकल कॉलेज में जारी है। नामली थाना पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यदि किसी भी तरह की लापरवाही या प्रशासनिक अनदेखी सामने आती है, तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिला का कार्ड बदलकर 23 हजार रुपए निकाले:दो जालसाजों पर ठगी का शक, मुंडेरवा पुलिस जांच में जुटी
मुंडेरवा थाना क्षेत्र में जालसाजों ने एटीएम कार्ड बदलकर महिला के खाते से 23 हजार रुपए निकाल लिए। घटना रविवार को पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पर हुई। पीड़ित इंद्रावती ने सोमवार को मुंडेरवा पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है। रुधौली थाना क्षेत्र के छपिया शिवबरन निवासी राजकुमार की पत्नी इंद्रावती इन दिनों मुंडेरवा नगर पंचायत के जगदीशपुर गांव स्थित मायके आई थीं। रविवार को पैसों की जरूरत पड़ने पर उन्होंने अपनी बहन मीनाक्षी को एटीएम कार्ड देकर रुपए निकालने भेजा था। मीनाक्षी हेडिल के सामने स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पर पहुंचीं और वहां से 2 हजार रुपए निकाले। इसी दौरान एटीएम में दो युवक पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने मदद करने के बहाने मीनाक्षी का एटीएम कार्ड बदल लिया। मीनाक्षी बदला हुआ कार्ड लेकर घर लौट आईं। शाम करीब सवा छह बजे मोबाइल पर खाते से 23 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज आया। मैसेज देखते ही परिवार को एटीएम कार्ड बदलकर ठगी किए जाने का शक हुआ। इसके बाद सोमवार को मुंडेरवा थाने में शिकायत दी गई। मुंडेरवा थानाध्यक्ष विश्वमोहन राय ने बताया कि सोमवार को शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। बैंक से सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किराना दुकान का ताला तोड़कर चोरी:25 हजार नकद समेत CCTV भी तोड़कर ले गए चोर
कोतवाली थाना क्षेत्र के जंगल फरजनदली (जंगल गुर्दी) चौराहे पर चोरों ने एक किराना दुकान को निशाना बनाया। ताला तोड़कर दुकान में घुसे चोर करीब 25 हजार रुपए नकद, इनवर्टर-बैटरी, सीसीटीवी कैमरा और किराना सामान चोरी कर ले गए। चोरी हुए सामान की कीमत लाखों में बताई जा रही है। दुकानदार चंद्रभान पुत्र राघव ने पुलिस को बताया कि वह जंगल फरजनदली के रहने वाले हैं और चौराहे पर किराना की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। रोज की तरह सोमवार रात करीब 10 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो शटर का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा पड़ा था। काउंटर में रखे करीब 25 हजार रुपए, इनवर्टर और बैटरी गायब थे। दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा भी तोड़ दिया गया था। इसके अलावा बिस्कुट, नमकीन, तेल, सर्फ समेत अन्य किराना सामान भी चोर उठा ले गए। घटना की सूचना डायल-112 पर पुलिस को दी गई। दुकानदार के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे रहा है। उसने पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। इससे आशंका है कि चोरों ने वारदात से पहले दुकान की रेकी की थी। चंद्रभान ने पुलिस से मौके पर पहुंचकर जांच करने और एफआईआर दर्ज कर चोरों का पता लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि किराना दुकान ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। चोरी के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कलेक्ट्रेट चौकी प्रभारी अजय कुमार वर्मा ने बताया कि पीड़ित की लिखित शिकायत मिली है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
गनेशपुर-अहिरानपुरवा रोड पर जलभराव:स्कूली बच्चों और राहगीरों को आवागमन में दिक्कत, प्रशासन से समाधान की मांग
श्रावस्ती जिले के इकौना तहसील में गनेशपुर से अहिरानपुरवा जाने वाली सड़क पर पानी भरने से ग्रामीणों और राहगीरों को काफी दिक्कत हो रही है। सड़क पर पानी जमा होने से स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाता है। पानी की निकासी न होने से रास्ता कीचड़ और पानी से भरा रहता है। इससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में मुश्किल होती है। राहगीरों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे हादसे का डर बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क कई गांवों को जोड़ती है। हर दिन बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आते-जाते हैं। इसके बावजूद पानी की निकासी का सही इंतजाम नहीं है, जिससे यह समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जाकर सड़क से पानी भरने की समस्या का पक्का समाधान किया जाए। साथ ही, पानी की निकासी का सही इंतजाम किया जाए, ताकि स्कूली बच्चों और आम लोगों को राहत मिल सके।
आठवीं बार एशिया कप का ताज, फिर भी टीम इंडिया में सुधार की जरूरत! मध्यक्रम और फील्डिंग बनी बड़ी चिंता
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को शिकस्त देकर आठवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए भारत ने खिताबी जीत हासिल की। हालांकि, गेंदबाजी और शीर्ष क्रम की मजबूत बल्लेबाजी ने भले ही टीम की नैया पार लगा दी, लेकिन मध्यक्रम के निराशाजनक प्रदर्शन और खराब फील्डिंग ने भविष्य के बड़े मुकाबलों से पहले चिंताएं बढ़ा दी हैं।
शेफाली वर्मा का बदला हुआ आक्रामक अंदाज
टूर्नामेंट की सबसे बड़ी उपलब्धि शेफाली वर्मा का शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने पूरे एशिया कप में 171.01 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से 236 रन बनाए। इस बार शेफाली के खेल में केवल आक्रामकता ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों के अनुरूप धैर्य भी नजर आया। उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल सहित तीन महत्वपूर्ण अर्धशतक जड़े। इसके अतिरिक्त उन्होंने नियमित गेंदबाजी करते हुए टीम को एक उपयोगी ऑलराउंडर का विकल्प भी प्रदान किया।
नंदनी शर्मा और प्रेमा रावत ने दिखाया दम
नंदनी शर्मा और प्रेमा रावत ने अपने पदार्पण टूर्नामेंट में बेहतरीन छाप छोड़ी। नंदनी ने पावरप्ले में प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 4.64 की किफायती इकॉनमी रेट से 7 विकेट चटकाए, जो किसी भी तेज गेंदबाज के लिए तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। वहीं, युवा लेग स्पिनर प्रेमा रावत ने 7 विकेट लेकर मध्यक्रम की रीढ़ तोड़ी। विशेषकर पाकिस्तान के विरुद्ध उन्होंने 3 विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया।
मध्यक्रम ने बार-बार किया निराश
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी पहेली उसका मध्यक्रम रहा। थाईलैंड के विरुद्ध टीम ने 46 रन के भीतर 8 विकेट गंवा दिए थे, तो हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ नंबर तीन से सात तक के बल्लेबाज मिलकर 39 गेंदों में केवल 34 रन ही बना सके। फाइनल में भी 129/0 के मजबूत स्कोर के बाद 167/5 पर पारी सिमट गई। टूर्नामेंट में भारत के नंबर 3 से 7 तक के बल्लेबाजों का औसत मात्र 15.25 रहा। जेमिमा रोड्रिग्स की अनुपस्थिति में मध्यक्रम पूरी तरह लड़खड़ाता नजर आया।
बीच के ओवरों में घटी रन गति
स्पिन-अनुकूल पिचों पर भारत के मध्यक्रम बल्लेबाज तेजी से रन बनाने में संघर्ष करते दिखे। 7वें से 11वें ओवर के मध्य भारत का स्ट्राइक रेट 129.41 था, जो 12वें से 16वें ओवर के बीच घटकर 120.00 रह गया। इसके विपरीत श्रीलंका, बांग्लादेश और थाईलैंड जैसी टीमों ने इन ओवरों में अपनी रन गति बढ़ाई। कप्तान हरमनप्रीत कौर भी पूरे टूर्नामेंट में 91.02 के मामूली स्ट्राइक रेट से ही रन बना सकीं।
महिला एशिया कप: विभिन्न टीमों के मध्यक्रम का प्रदर्शन
| टीम | ओवर 7-11 (स्ट्राइक रेट) | ओवर 12-16 (स्ट्राइक रेट) | प्रदर्शन में बदलाव |
| भारत | 129.41 | 120.00 | -9.41 |
| श्रीलंका | 99.23 | 103.33 | +4.10 |
| पाकिस्तान | 84.16 | 72.72 | -11.44 |
| बांग्लादेश | 84.16 | 96.66 | +12.50 |
| यूएई | 75.55 | 82.19 | +6.64 |
| हॉन्गकॉन्ग | 62.22 | 80.00 | +17.78 |
| थाईलैंड | 40.00 | 82.22 | +42.22 |
| इंडोनेशिया | 37.77 | 41.11 | +3.34 |
14 कैच छोड़ना बनी बड़ी चिंता
खिताबी जीत के बीच भारत का फील्डिंग प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 14 कैच टपकाए, जिसमें से अकेले 5 कैच फाइनल मुकाबले में छूटे। मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने भी स्वीकार किया कि आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं से पूर्व फील्डिंग और मध्यक्रम के लचर प्रदर्शन में सुधार करना टीम प्रबंधन की पहली प्राथमिकता होगी।
2500 रुपये मूल मानदेय में शामिल करने की मांग:आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने GPS हटाने और लंबित प्रोत्साहन राशि के भुगतान की भी मांग

महराजगंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपा है। प्रदेश उपाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष छाया भारती ने यह पत्र दिया है। इसमें 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की ओर से मिली पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये की बढ़ोतरी के फैसले के लिए आभार भी जताया। पत्र में मांग की गई है कि हाल ही में बढ़ाई गई 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में जोड़ा जाए। इससे इसका भुगतान हर महीने नियमित रूप से हो पाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहले से मिल रही प्रोत्साहन राशि का भुगतान कई जिलों में नियमित नहीं होता। कई कार्यकर्ताओं की कई महीनों की राशि अभी भी अटकी हुई है। इसके अलावा, पोषण ट्रैकर के जरिए केंद्र चलाने के लिए लागू की गई जीपीएस व्यवस्था को हटाने की भी मांग की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की दिक्कत रहती है। साथ ही, आर्थिक परेशानियों के कारण मोबाइल रिचार्ज कराना भी मुश्किल होता है। विभागीय बैठकों, ट्रेनिंग और दूसरे सरकारी कामों के लिए केंद्र से बाहर रहने पर भी जीपीएस व्यवस्था से दिक्कत होती है। पत्र में यह भी मांग की गई है कि अटकी हुई प्रोत्साहन राशि का जल्द भुगतान किया जाए और जीपीएस व्यवस्था को खत्म किया जाए।
देवीपाटन मंडल के 4 शिक्षक राज्य पुरस्कार से सम्मानित:श्रावस्ती की अमिता टंडन भी शामिल, खास समारोह में किया गया सम्मान
देवीपाटन मंडल के चारों जिलों के उन शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिन्हें ‘राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025’ मिला है। ‘पुरस्कृत शिक्षक वेलफेयर सोसायटी, उत्तर प्रदेश’ की देवीपाटन मंडल इकाई ने एक खास समारोह आयोजित कर यह सम्मान दिया। समारोह में मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी थीं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को प्रमाण पत्र, शॉल, मेडल और स्मृति चिह्न दिए। उन्होंने कहा कि राज्य अध्यापक पुरस्कार मिलना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इस सम्मान की गरिमा बनाए रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर काम करने को कहा। इन चार शिक्षकों को सम्मान मिला: श्रावस्ती: अमिता टंडन (प्राथमिक विद्यालय राजापुर रानी, विकास क्षेत्र हरिहरपुर) बहराइच: प्रीति मिश्रा (पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय बेलवापदुम, पयागपुर) बलरामपुर: सलमा खान (आदर्श नगर स्थित कंपोजिट विद्यालय) गोंडा: सुनीत मित्र पाण्डेय (प्राथमिक विद्यालय गोकुल, नवाबगंज) समारोह के दौरान राजा पयागपुर ने भी सभी सम्मानित शिक्षकों को भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का चित्र और पेन भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन कृष्ण मोहन शुक्ला ने किया। जिला मंत्री पूरनलाल चौधरी ने मेहमानों का स्वागत किया। सोसायटी के संरक्षक बलदेव प्रसाद पाण्डेय ने सभी का धन्यवाद देते हुए इसे पूरे शिक्षक समाज के लिए गर्व की बात बताया। मंडल अध्यक्ष मुनव्वर मिर्ज़ा ने कहा कि यह सम्मान पूरी शिक्षक बिरादरी का सम्मान है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राधा कृष्ण पाठक की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम हुआ। इसमें धर्मेंद्र कुमार सिंह, विवेक पटेल, आशुतोष आजाद, आँचल श्रीवास्तव, केशव राम, काशीनाथ पाण्डेय, सत्यनारायण गुप्त, केशरी कुमार शर्मा, सत्यदेव मिश्रा, शेष कुमार पाण्डेय, दिनेश कुमार, आनन्द मोहन मिश्र और बृजेश तिवारी सहित कई गणमान्य लोग और शिक्षक मौजूद थे।
अफगानिस्तान के खिलाफ जीत से मिली राहत, लेकिन इन कमजोरियों ने बढ़ाई चिंता; टीम इंडिया को करना होगा सुधार
दिल्ली में अफगानिस्तान के विरुद्ध खेले गए प्रथम टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने 7 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की। पहले गेंदबाजी करते हुए भारत ने मेहमान टीम को 20 ओवरों में 8 विकेट पर 156 रनों के स्कोर पर रोक दिया। इसके जवाब में सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की आक्रामक पारी के दम पर भारत ने 13.4 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। अभिषेक ने 32 गेंदों में 82 रन ठोके। यद्यपि भारत ने मुकाबला आसानी से जीत लिया, परंतु इस मैच ने आगामी प्रतियोगिताओं से पूर्व टीम प्रबंधन के सामने पांचवें गेंदबाज और शीर्ष क्रम के संयोजन को लेकर कुछ अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत की पाँच प्रमुख ताकतें
1. चार मुख्य गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी भारत के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू चार प्रमुख गेंदबाजों—जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन रहा। इन चारों ने मिलकर 96 गेंदों में 57 डॉट गेंदें फेंकी। बुमराह ने वापसी करते हुए 1/26 का स्पैल डाला, जबकि अर्शदीप ने 3/19 लेकर अफगान बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी।
2. विपक्षी बल्लेबाजों के छक्कों पर लगाया अंकुश टी20 प्रारूप में बाउंड्री रोकना बेहद महत्वपूर्ण होता है और भारतीय गेंदबाजों ने अफगानिस्तान की ओर से पूरी पारी में केवल सात छक्के ही लगने दिए। बुमराह की सटीक लेंथ और अर्शदीप की यॉर्कर गेंदों ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
3. अभिषेक शर्मा का तूफानी अर्धशतक अभिषेक शर्मा ने मात्र 32 गेंदों पर 82 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने बिना किसी नेट रन रेट के दबाव के लक्ष्य को हासिल कर लिया।
4. लक्ष्य का पीछा करने में आक्रामक दृष्टिकोण 157 रनों के लक्ष्य के सामने भारतीय शीर्ष क्रम ने आक्रामक रवैया अपनाया और शुरू से ही जोखिम उठाने में झिझक नहीं दिखाई, जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की मांग है।
5. बुमराह की वापसी से गेंदबाजी को मिली मजबूती लगभग छह महीने बाद टी20 प्रारूप में लौटे जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी से गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव और विविधता दोनों प्राप्त हुई, जो आगामी बड़े टूर्नामेंटों के दृष्टिकोण से राहत की खबर है।
चार बड़ी कमजोरियां जिन पर सुधार अनिवार्य
1. पांचवें गेंदबाज का विकल्प साबित हुआ बेअसर भारत की मुख्य चिंता पांचवें गेंदबाज को लेकर रही। नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे ने मिलकर 3 ओवरों में 51 रन लुटाए, यानी औसतन 17 रन प्रति ओवर। इसके विपरीत, बाकी चार मुख्य गेंदबाजों का संयुक्त इकॉनमी रेट मात्र 6.56 रहा।
2. शुरुआती झटकों के बाद विरोधी टीम को वापसी का मौका देना एक समय अफगानिस्तान का स्कोर 43 रन पर 5 विकेट था। भारत के पास उन्हें कम स्कोर पर समेटने का अवसर था, किंतु अजमतुल्लाह ओमरजई (64 रन) की पारी के कारण वे 156/8 तक पहुँचने में सफल रहे।
3. अंतिम ओवर में लुटाए 21 रन पारंपरिक रूप से अंतिम ओवर फेंकने आए शिवम दुबे को ओमरजई और मुजीब उर रहमान ने आड़े हाथों लिया और 20वें ओवर में 21 रन बटोर लिए। डैथ ओवरों में यह ढिलाई बड़े मैचों में भारी पड़ सकती है।
4. संजू सैमसन का फिर से असफल होना पारी की शुरुआत करने आए अनुभवी संजू सैमसन केवल 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन जैसे विकल्पों की मौजूदगी में सैमसन पर अपनी उपयोगिता साबित करने का दबाव बढ़ गया है।
संतुलन और पांचवें गेंदबाज का चयन बना पहेली
हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में पांचवें गेंदबाज के कोटे को पूरा करना टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। यदि नीतीश और दुबे गेंद से निरंतरता नहीं दिखा पाते हैं, तो वॉशिंगटन सुंदर को शामिल करने पर विचार किया जा सकता है। दिल्ली में मिली यह जीत भले ही शानदार हो, परंतु आगामी कठिन मुकाबलों से पूर्व पांचवें गेंदबाज और बल्लेबाजी क्रम के संतुलन को दुरुस्त करना प्रबंधन की प्राथमिकता होगी।










