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धान की फसल में दाना न बनने का खतरा:माशा कलां में किसान नेता ने कृषि अधिकारियों से मांगा उचित मुआवजा, सर्वे में वैज्ञानिक आकलन की मांग

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श्रावस्ती में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के तहसील महासचिव पं. विजय शुक्ला ने कृषि अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने बीते चार दिनों की लगातार बारिश, तेज हवा और चक्रवाती तूफान से धान की फसल को हुए नुकसान पर चर्चा की। शुक्ला ने बताया कि भिनगा तहसील में करीब 80 प्रतिशत धान की फसल अभी बालियों में फूल और दूध बनने की अवस्था में थी। तेज हवा और बारिश से बालियों में दाना बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका है। इससे फसल खड़ी दिखने पर भी उत्पादन में कमी आ सकती है। उन्होंने मांग की कि सर्वे में केवल गिरी हुई फसल को आधार न बनाया जाए। बालियों में दाना न बनने से होने वाले नुकसान का भी वैज्ञानिक आकलन हो। किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा और अनुदान दिया जाए। अधिकारियों ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा फसल गिर गई है, वहां टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा।

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