बस्ती जिले की सदर तहसील के चमरौहा सियरापार गांव में आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण की राह साफ हो गई है। केंद्र के लिए बंजर जमीन आरक्षित की गई है और राजस्व टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन पूरा कर लिया। केंद्र बनने के बाद गांव के छोटे बच्चों को प्राथमिक शिक्षा और महिलाओं को पोषण संबंधी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब जल्द ही भवन निर्माण का काम भी शुरू होगा। आंगनवाड़ी केंद्र के लिए आरक्षित हुई जमीन चमरौहा सियरापार गांव में आंगनवाड़ी केंद्र बनाने के लिए बंजर जमीन आरक्षित की गई है। केंद्र का उद्देश्य गांव के बच्चों और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जमीन आरक्षित होने के बाद अब निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। राजस्व टीम ने मौके पर की पैमाइश केंद्र के लिए चिह्नित जमीन की पैमाइश और सीमांकन के लिए राजस्व एवं प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जमीन की स्थिति और सीमा की जांच करते हुए सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की। पूरी कार्रवाई को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किए जाने की बात कही गई। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा हुआ सीमांकन कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार आकांक्षा श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक विनय तिवारी, लेखपाल संजीव यादव, शैलेंद्र सिंह और प्रिया सिंह मौजूद रहे। ग्राम पंचायत सचिव रीमा चौधरी ने भी मौके पर रहकर व्यवस्थाओं में सहयोग किया। अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश पूरी की गई। पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई सीमांकन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। उपनिरीक्षक रामवृक्ष यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। राजस्व टीम ने पुलिस की मौजूदगी में बिना किसी रुकावट के सीमांकन की कार्रवाई पूरी की। पूरे दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा। बच्चों और महिलाओं को गांव में मिलेंगी सुविधाएं ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आंगनवाड़ी केंद्र बनने से छोटे बच्चों को प्राथमिक शिक्षा और शुरुआती देखभाल की सुविधाएं नजदीक मिल सकेंगी। धात्री महिलाओं को भी पोषण संबंधी सेवाओं के लिए दूसरे गांवों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और आने-जाने की परेशानी दोनों कम होने की उम्मीद है। भवन निर्माण शुरू होने की जगी उम्मीद जमीन का सीमांकन पूरा होने के बाद ग्रामीणों को अब आंगनवाड़ी केंद्र के भवन निर्माण की उम्मीद है। लोगों का कहना है कि गांव में ही केंद्र शुरू होने से बच्चों और महिलाओं को सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।




































