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सिसवा में शरदकालीन गन्ने की बुवाई शुरू:ट्रेंच विधि से बोई गई को.लख.14201 प्रजाति

महराजगंज। आईपीएल चीनी मिल सिसवा के कोल्हुआ गांव में सोमवार को शरदकालीन गन्ने की बुवाई शुरू हो गई। किसान अखिलेश शर्मा के खेत में को.लख.14201 प्रजाति के गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से की गई। बुवाई से पहले ट्राइकोडर्मा से जमीन और हेक्सास्टाप से बीज का शोधन किया गया। गन्ना विभागाध्यक्ष धीरज सिंह ने फीता काटकर बुवाई का उद्घाटन किया। इस दौरान गन्ना विभाग की टीम भी मौजूद रही। ट्रेंच विधि से शुरू हुई शरदकालीन गन्ने की बुवाई कोल्हुआ गांव में किसान अखिलेश शर्मा के खेत को शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए चुना गया। यहां को.लख.14201 प्रजाति की बुवाई ट्रेंच विधि से की गई। विभाग की टीम ने मौके पर किसानों को बुवाई की तकनीक और खेत की तैयारी के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने वैज्ञानिक तरीके से बुवाई करने पर जोर दिया। बुवाई से पहले जमीन और बीज का शोधन गन्ने की बुवाई से पहले खेत की जमीन का ट्राइकोडर्मा से शोधन किया गया। इसके बाद बीज को हेक्सास्टाप से उपचारित किया गया। गन्ना विभागाध्यक्ष धीरज सिंह ने बताया कि बुवाई से पहले जमीन और बीज का उपचार फसल को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण है। इससे शुरुआती अवस्था में फसल के बेहतर विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता है। को.लख.14201 प्रजाति से 20 से 30% ज्यादा उत्पादन धीरज सिंह ने किसानों को बताया कि को.लख.14201 प्रजाति को शरदकालीन बुवाई के लिए अच्छा माना जाता है। इस मौसम में बोए गए गन्ने से सामान्य बुवाई की तुलना में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक उत्पादन मिलने की संभावना रहती है। उन्होंने किसानों से उन्नत प्रजाति का चयन कर वैज्ञानिक तरीके से फसल तैयार करने की अपील की। ट्रेंच विधि से फसल प्रबंधन होगा आसान गन्ना विभागाध्यक्ष ने बताया कि ट्रेंच विधि से बुवाई करने पर खेत में गन्ने की कतारों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। इससे फसल की देखभाल, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में सुविधा रहती है। किसानों को खेत की तैयारी से लेकर बुवाई तक वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की सलाह दी गई। गन्ने के साथ सहफसली खेती की सलाह धीरज सिंह ने किसानों से शरदकालीन गन्ने के साथ सहफसली खेती अपनाने को भी कहा। उन्होंने बताया कि गन्ने के साथ आलू, तोरिया, मटर और अन्य सब्जी वाली फसलें उगाई जा सकती हैं। इससे गन्ने की फसल तैयार होने तक किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिल सकता है और खेत का बेहतर उपयोग भी किया जा सकता है। किसानों को उन्नत खेती की तकनीक समझाई कार्यक्रम के दौरान गन्ना विभाग की टीम ने किसानों को उन्नत प्रजाति के चयन, बीज और जमीन के शोधन, ट्रेंच विधि तथा सहफसली खेती के बारे में जानकारी दी। विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर शरदकालीन गन्ने की बुवाई करने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि सही तकनीक और समय पर फसल प्रबंधन से गन्ने की पैदावार बेहतर करने में मदद मिल सकती है।