
बलरामपुर में राप्ती नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। सोमवार सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 102.750 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.87 मीटर नीचे है। प्रशासन के मुताबिक, नदी की धारा तटवर्ती गांवों और आबादी से पर्याप्त दूरी पर है। फिलहाल कहीं जलभराव या कटान की स्थिति सामने नहीं आई है। हालांकि, प्रशासन ने नदी, तटबंधों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। ग्राम पंचायत बेला के हरिवंशपुर मजरे में राप्ती नदी से कटान की खबरों के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। अधिकारियों के अनुसार, राप्ती की धारा वर्तमान में हरिवंशपुर और कोडारी गांवों की आबादी से काफी दूर है। दोनों गांव पूरी तरह सुरक्षित हैं और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर नियमित निगरानी कर रही हैं। पहले कोडारी घाट के पास हुआ था कटान प्रशासन के मुताबिक, पहले कोडारी घाट के पास नदी की धारा से कटान की स्थिति बनी थी। इसे देखते हुए समय रहते कटानरोधी कार्य कराए गए। राप्ती के बाएं तट पर बांस, नायलॉन क्रेट, गेबियन, जियो शीट, ट्री-स्पर और पॉर्क्युपाइन समेत कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में श्रमिक, निर्माण सामग्री और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि इन इंतजामों से कटान नियंत्रण में है और तटबंध सुरक्षित हैं। 32 बाढ़ चौकियां और 19 शरणालय तैयार संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिले में 32 बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए 19 बाढ़ शरणालय चिह्नित कर तैयार रखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की 32 मेडिकल टीमें भी अलर्ट हैं। राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य और पुलिस समेत सभी संबंधित विभागों को तटवर्ती गांवों, तटबंधों और संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। चौकियों से जलस्तर की पल-पल की निगरानी बाढ़ चौकियों से नदी के जलस्तर और प्रवाह की लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारी और कर्मचारी तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद भी कर रहे हैं, ताकि जमीनी स्थिति की जानकारी समय पर मिल सके। प्रशासन बोला- अफवाहों पर ध्यान न दें जिला प्रशासन ने कहा कि वर्तमान में राप्ती नदी का जलस्तर सामान्य है और तटवर्ती आबादी को कटान या जलप्लावन का कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की ओर से जारी प्रमाणित एवं आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।




























