
बस्ती के वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद रविवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सुबह करीब 11 बजे परिजनों ने शव देखा तो वे बदहवास हो गए। बेटे संदीप सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही वह परिवार के साथ पिता से मिलकर लखनऊ गए थे। उस समय ऐसा कोई संकेत नहीं मिला था, जिससे उनके इस कदम का अंदाजा लगाया जा सके। सूत्रों के अनुसार, मौत से पहले सूर्य प्रकाश सिंह की अपनी छोटी बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे कलेक्ट्रेट के पास स्थित सरकारी आवास में थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का शव मिला था। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर जान दी। सूचना मिलने पर डीआईजी संजीव त्यागी, एसपी डॉ. यशवीर सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की जांच के बाद सरकारी आवास के कमरे को सील कर दिया गया है। दोपहर में सहकर्मियों के साथ पहुंचे थे आवास पुलिस के अनुसार, सूर्य प्रकाश सिंह शनिवार दोपहर करीब एक बजे अपने सहकर्मियों के साथ सरकारी आवास पहुंचे थे। उनके साथी पुलिसकर्मी सिविल लाइन चौकी पर रुक गए, जबकि सूर्य प्रकाश सिंह आराम करने के लिए अपने कमरे में चले गए। शाम करीब 6:45 बजे दरोगा बलराम गौड़ उनके कमरे पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर दाखिल हुए। कमरे में सूर्य प्रकाश सिंह का शव फंदे से लटका मिला। मोबाइल स्टेटस में लिखा- शांति और प्रेम से बढ़कर कुछ नहीं पुलिस के मुताबिक, मौत से पहले सूर्य प्रकाश सिंह ने अपने निजी मोबाइल के स्टेटस पर लिखा था- “धन संपदा भी आवश्यक है, परंतु शांति और प्रेम से बढ़कर नहीं।” हालांकि, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। यही वजह है कि पुलिस मौत के कारणों को लेकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सर्विलांस और फोरेंसिक टीम जुटा रही साक्ष्य घटना के बाद पुलिस की सर्विलांस, फोरेंसिक और फील्ड यूनिट की टीम ने सरकारी आवास पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने सूर्य प्रकाश सिंह का मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के मुताबिक, दो दिन पहले तक सूर्य प्रकाश सिंह सामान्य थे। ऐसे में उनकी अचानक हुई मौत ने परिवार और विभाग के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल उनकी मौत की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



























