
बस्ती के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मोबाइल फोन में खराबी और सेवा में कमी के मामले में बहुराष्ट्रीय कंपनी मोटोरोला मोबिलिटी इंडिया लिमिटेड के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष अमर जीत वर्मा और सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने 1 सितंबर को आदेश जारी किया। इसमें कंपनी को खराब मोबाइल वापस लेकर उसकी पूरी कीमत शिकायतकर्ता को ब्याज समेत लौटाने का निर्देश दिया गया है। मामला सिविल लाइंस निवासी अधिवक्ता भारतेन्दु शुक्ला से जुड़ा है। उन्होंने फ्लिपकार्ट से 29 मार्च 2024 को मोटोरोला एज 40 नियो मोबाइल खरीदा था। खरीद के कुछ ही महीनों बाद मोबाइल की बैटरी महज 2-3 घंटे में डिस्चार्ज होने लगी। समस्या को लेकर वह प्रयागराज स्थित सर्विस सेंटर पहुंचे। आरोप है कि वहां मोबाइल ठीक करने के लिए उनसे व्यक्तिगत और व्यावसायिक डेटा डिलीट करने की शर्त रखी गई। इसके बाद उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। गोरखपुर स्थित सर्विस सेंटर में मोबाइल का सब-बोर्ड और बैटरी बदली गई। हालांकि, करीब 10 दिन बाद ही बैटरी की समस्या दोबारा सामने आ गई। आरोप है कि इसके बाद कंपनी ने वारंटी समाप्त होने का हवाला देकर समस्या के समाधान से किनारा कर लिया। अधिवक्ता ने कंपनी को कानूनी ईमेल भेजकर समस्या के समाधान की मांग की। कंपनी के सपोर्ट की ओर से यह स्वीकार किया गया कि समस्या वारंटी अवधि में हुई मरम्मत के बाद से ही बनी हुई है। इसके बावजूद समाधान नहीं होने पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग के समक्ष मोटोरोला तय समय में अपना जवाब दाखिल नहीं कर सकी। इसके चलते उसका प्रतिवाद पत्र खारिज कर दिया गया और आयोग ने मामले में एकतरफा आदेश पारित किया। आयोग ने कंपनी को मोबाइल वापस लेकर शिकायत दर्ज करने की तारीख से साधारण वार्षिक ब्याज सहित उसकी पूरी कीमत लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए मुआवजा, अधिवक्ता की फीस और मुकदमे का खर्च भी तय समय में भुगतान करने को कहा है। आदेश का समय पर पालन नहीं करने पर कंपनी को अतिरिक्त दंडात्मक ब्याज भी देना होगा।
































