
श्रावस्ती की जमुनहा तहसील के शिकारी चौड़ा गांव में राप्ती नदी का जलस्तर कम होते ही कटान तेज हो गया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, नदी लगातार खेती की जमीन को काट रही है। गांव के बाबादीन ने बताया कि पिछले साल और इस साल मिलाकर उनकी करीब चार बीघा खेती की जमीन राप्ती नदी में समा चुकी है। इसके अलावा, नरेस, मिश्रीलाल और बांकेलाल की भी करीब चार-चार बीघा जमीन कटान की चपेट में आई है। किसानों का कहना है कि खेती की जमीन ही उनकी कमाई का मुख्य जरिया है। ऐसे में लगातार जमीन नदी में समाने से उनके सामने भविष्य को लेकर परेशानी बढ़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि राप्ती नदी के कटान को रोकने के लिए जल्द ही सही इंतजाम किए जाएं, ताकि किसानों की बची हुई जमीन सुरक्षित रह सके। उनका कहना है कि अगर समय रहते कटान पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में और किसानों की जमीन नदी में समा सकती है।
































