
ग्राम पंचायत बरईपुर में गांव के अंदर सड़कों की हालत बहुत खराब है। इससे ग्रामीण काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान प्रधान गुड़िया देवी के कार्यकाल के करीब पांच साल बीतने के बाद भी गांव के कई रास्तों का निर्माण या सुधार नहीं हुआ है। कमला शुक्ला के घर से लेकर चंद्रभान तिवारी के घर तक का पूरा रास्ता बहुत खराब है। बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कच्चे रास्तों पर कीचड़ जमा हो जाता है और जगह-जगह पानी भर जाता है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। खराब रास्तों के कारण पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। बारिश के दौरान रास्ते पर फिसलन बढ़ जाती है, जिससे हादसे का डर बना रहता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के समय कई रास्तों की हालत ऐसी हो जाती है कि लोगों को कीचड़ और पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार जिम्मेदार लोगों से मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या का पक्का समाधान नहीं हुआ है। लोगों का सवाल है कि जब ग्राम पंचायत का पांच साल का कार्यकाल लगभग पूरा हो चुका है, तो गांव के अंदर जरूरी रास्तों का विकास अब तक क्यों नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गांव का मौके पर जाकर निरीक्षण करने की मांग की है। उनका कहना है कि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखी जाए और जिन रास्तों की हालत खराब है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण और पानी निकालने का इंतजाम किया जाए। ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं कि ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग कब तक इस समस्या पर ध्यान देते हैं और गांव के खराब रास्तों की हालत कब सुधरती है।
































