नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।’ उनका यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच आया है।
राहुल गांधी की इस टिप्पणी को चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्ष के लगातार हमलों से जोड़कर देखा जा रहा है। इंडिया गठबंधन के नेता इस मामले में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विपक्षी नेताओं ने की मुलाकात
इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की मांग उठाई।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर लगाए आरोप
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका मुख्य सूत्रधार बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा। हालांकि, वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों से जुड़े ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ज्ञापन सौंपने की तैयारी
राहुल गांधी ने यह भी जानकारी दी कि 12 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपा जाएगा। विपक्ष इस कदम के जरिए चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखना चाहता है।
SIR को लेकर सियासी घमासान जारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हैं, जबकि इस मुद्दे पर उठाए जा रहे सवालों और आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग की भूमिका भी राजनीतिक बहस के केंद्र में है।
राहुल गांधी के ताजा बयान से इस विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई और निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026



















