ओस्लो। दक्षिण अफ्रीका की न्यायविद और संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लई ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) पर अमेरिका की ओर से घोषित हालिया प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए उन्हें “अभूतपूर्व और अस्वीकार्य” बताया है।
उन्होंने कहा कि न्यायिक आदेश जारी करने के कारण न्यायाधीशों को प्रतिबंधों का सामना करना अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था के अस्तित्व को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
ओस्लो स्थित नोबेल शांति केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो लिंक के जरिये संबोधित करते हुए पिल्लई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अदालतों, विशेषकर नीदरलैंड के हेग स्थित आईसीसी के भविष्य को लेकर तनाव और चिंता बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि किसी देश की ओर से न्यायिक आदेश जारी करने के लिए अदालत के न्यायाधीशों पर प्रतिबंध लगाना ऐसी कार्रवाई है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पिल्लई ने अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और उनके कामकाज पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई।
उनका बयान ऐसे समय आया है, जब आईसीसी और उसके अधिकारियों के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।
नवी पिल्लई दक्षिण अफ्रीका की प्रमुख न्यायविद हैं। वह संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त रह चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मामलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इस वर्ष के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित नवी पिल्लई ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय अदालतों के स्वतंत्र रूप से काम करने के महत्व को रेखांकित किया।
“खबर वही, जो सबसे पहले आप तक पहुँचे!
भारत की अपनी खबर, आपके अपने अंदाज़ में
📲 ब्रेकिंग • लोकल • ट्रेंडिंग खबरों के लिए अभी जुड़ें:
👉 https://t.co/g7ivX40QAK“आपकी खबर, आपका MNT”
https://t.co/vwEVHjJMzQ https://t.co/z3JMz4j0Td
— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026





















